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जमीं पर उतरे आसमानी सितारे, जगमगा उठा शहर
Updated Thu, 19 Oct 2017 11:34 PM IST
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जमीं पर उतरे सितारे, रोशनी से नहाया शहर
श्रद्घा और उत्साह से मनाई गई दीपावली, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश से सुख-समृद्घि की कामना
बाजार रहा गुलजार, खूब बिके मिट्टी के दीये, सोशल मीडिया पर चला बधाइयों का सिलसिला
ललितपुर।
बृहस्पतिवार को दीपावली का पर्व शहर में श्रद्घा और उत्साह के साथ मनाया गया। घरों व सार्वजनिक स्थानों पर दीप जलाए गए। दीपों की जगमगाती रोशनी से देर रात तक शहर जगमगाता रहा और इस रोशनी से मानों ऐसा लगा जैसे सितारे जमीं पर उतर आए हों। हर गली, सड़क, चौराहा, मकान, प्रतिष्ठान, होटल, सरकारी बिल्डिंग, महापुरुषों के मूर्ति स्थल एवं मंदिरों रोशनी से नहा रहे थे। देर शाम सवा सात बजे से शुभ मुुहूर्त में लोगों ने लक्ष्मी, गणेश का पूूजन कर दीप जलाए और मां लक्ष्मी से सुख-समृद्घि की कामना की।
दीपों का पर्व दीपावली बृहस्पतिवार को शहर में अगाध श्रद्घा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। लोगों ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर दिन में शुभ मुहूर्त में पूजन-अर्चन किया, तो घरों में शाम के समय ही शुभ मुहूर्त में देर रात तक पूजन किया। मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा में सोलह दीपक जलाए गए। इस मौके पर लक्ष्मी स्वरूपा आठ व सोलह दीपक युक्त ग्वालिन प्रतिमा की विधि विधान के साथ कमल पुष्प चढ़ाकर पूजा की गई। पकवान और अलग-अलग तरह के मिष्ठान से मां लक्ष्मी को भोग लगाया गया। मां लक्ष्मी से सुख-समृद्घि की कामना की। रात में नौजवानों और बच्चों ने पटाखे जलाकर खुशियां मनाईं।
दीपावली पर्व की तैयारियां लोगों द्वारा एक माह पूर्व से की जा रहीं थी। घरों व प्रतिष्ठानों की रंगाई-पुताई के साथ ही घरों को सजाने के बेहतरीन प्रबंध किए गए थे। लोगों को सुविधा के साथ सामान की उपलब्धता के लिए हर प्रकार का बाजार घंटाघर पर लगाया गया। इसमें बड़े स्तर पर पूजन सामग्री से लेकर घरों की साज-सज्जा के सामान को बाजार में लगाया गया। पिछले तीन दिनों से घंटाघर के दोनों ओर बीच सड़क पर सैकड़ों दुकानदारों ने करीब चार सौ मीटर लंबाई के एरिया में दुकानें लगाई। व्यापारियों ने नई तकनीक के आकर्षक पटाखे और झालरों को बाजार में उतारा। वहीं, दीपावली पर तो सुबह से ही पूजन सामग्री के अलावा अन्य बाजारों में भी खूब रौनक रही। देर शाम तक शहर के मुख्य बाजार में पूजन सामग्री की खरीद चलती रही। इसके बाद लोगों ने प्रदोष काल में शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और गणेश का आह्वान किया और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की।
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लक्ष्मी स्वरूपा ग्वालिन की रही अधिक मांग
पूजन सामग्री बाजार में लक्ष्मी स्वरूपा मिट्टी की ग्वालिन की सबसे अधिक मांग रही। लोगों ने सोलह दीपक वाली बड़ी मिट्टी की ग्वालिन की मांग रखी। हालांकि, आधुनिकता के बाजार में प्लास्टर ऑफ पैरिस से बनी आधुनिक ग्वालिन की प्रतिमा भी बाजार में उपलब्ध थी, लेकिन शहर में मिट्टी की ग्वालिन ही पूजन में सबसे आगे रही।
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दीया और बाती भी खूब बिके
दीपावली पर्व पर दुकानों पर परिवार के बड़ों के साथ बच्चों ने भी हाथ बटाया। छोटे-छोटे बच्चों ने कहीं दीया और बाती बेची, तो किसी ने अपने परिजनों के साथ लक्ष्मी व गणेश की फोटो और कमल के फूल भी बेचने की जिम्मेदारी ली। बाजार में महिला, पुरुषों ने बेझिझक नन्हें बच्चों से पूजन सामग्री खरीदी। जनपद में रोजगार के अवसरों की बेहद कमी है, जिसके चलते निर्धन परिवारों ने दीपावली के त्यौहार पर बच्चों से हाथ बटाने से परहेज नहीं किया।
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दरवाजों पर सजाई रंगोली
दीपोत्सव पर्व पर लोगों ने मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घरों व प्रतिष्ठानों के दरवाजों पर रंगोली भी सजाईं। रंगोली सजाने का सिलसिला बुधवार की रात से ही लोगों ने शुरु कर दिया गया। खासकर घरों की महिलाओं ने अलग-अलग आकार की रंगोलियां सजाई, तो किसी ने रंगोली आकार में भी शुभ दीपावली और शुुुुभ स्वागत जैसी आकृतियां भी बनाई, जो शहर में आकर्षण का केंद्र रहीं।
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श्रद्घा और उत्साह से मनाई गई दीपावली, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश से सुख-समृद्घि की कामना
बाजार रहा गुलजार, खूब बिके मिट्टी के दीये, सोशल मीडिया पर चला बधाइयों का सिलसिला
ललितपुर।
बृहस्पतिवार को दीपावली का पर्व शहर में श्रद्घा और उत्साह के साथ मनाया गया। घरों व सार्वजनिक स्थानों पर दीप जलाए गए। दीपों की जगमगाती रोशनी से देर रात तक शहर जगमगाता रहा और इस रोशनी से मानों ऐसा लगा जैसे सितारे जमीं पर उतर आए हों। हर गली, सड़क, चौराहा, मकान, प्रतिष्ठान, होटल, सरकारी बिल्डिंग, महापुरुषों के मूर्ति स्थल एवं मंदिरों रोशनी से नहा रहे थे। देर शाम सवा सात बजे से शुभ मुुहूर्त में लोगों ने लक्ष्मी, गणेश का पूूजन कर दीप जलाए और मां लक्ष्मी से सुख-समृद्घि की कामना की।
दीपों का पर्व दीपावली बृहस्पतिवार को शहर में अगाध श्रद्घा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। लोगों ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर दिन में शुभ मुहूर्त में पूजन-अर्चन किया, तो घरों में शाम के समय ही शुभ मुहूर्त में देर रात तक पूजन किया। मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा में सोलह दीपक जलाए गए। इस मौके पर लक्ष्मी स्वरूपा आठ व सोलह दीपक युक्त ग्वालिन प्रतिमा की विधि विधान के साथ कमल पुष्प चढ़ाकर पूजा की गई। पकवान और अलग-अलग तरह के मिष्ठान से मां लक्ष्मी को भोग लगाया गया। मां लक्ष्मी से सुख-समृद्घि की कामना की। रात में नौजवानों और बच्चों ने पटाखे जलाकर खुशियां मनाईं।
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दीपावली पर्व की तैयारियां लोगों द्वारा एक माह पूर्व से की जा रहीं थी। घरों व प्रतिष्ठानों की रंगाई-पुताई के साथ ही घरों को सजाने के बेहतरीन प्रबंध किए गए थे। लोगों को सुविधा के साथ सामान की उपलब्धता के लिए हर प्रकार का बाजार घंटाघर पर लगाया गया। इसमें बड़े स्तर पर पूजन सामग्री से लेकर घरों की साज-सज्जा के सामान को बाजार में लगाया गया। पिछले तीन दिनों से घंटाघर के दोनों ओर बीच सड़क पर सैकड़ों दुकानदारों ने करीब चार सौ मीटर लंबाई के एरिया में दुकानें लगाई। व्यापारियों ने नई तकनीक के आकर्षक पटाखे और झालरों को बाजार में उतारा। वहीं, दीपावली पर तो सुबह से ही पूजन सामग्री के अलावा अन्य बाजारों में भी खूब रौनक रही। देर शाम तक शहर के मुख्य बाजार में पूजन सामग्री की खरीद चलती रही। इसके बाद लोगों ने प्रदोष काल में शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और गणेश का आह्वान किया और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की।
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लक्ष्मी स्वरूपा ग्वालिन की रही अधिक मांग
पूजन सामग्री बाजार में लक्ष्मी स्वरूपा मिट्टी की ग्वालिन की सबसे अधिक मांग रही। लोगों ने सोलह दीपक वाली बड़ी मिट्टी की ग्वालिन की मांग रखी। हालांकि, आधुनिकता के बाजार में प्लास्टर ऑफ पैरिस से बनी आधुनिक ग्वालिन की प्रतिमा भी बाजार में उपलब्ध थी, लेकिन शहर में मिट्टी की ग्वालिन ही पूजन में सबसे आगे रही।
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दीया और बाती भी खूब बिके
दीपावली पर्व पर दुकानों पर परिवार के बड़ों के साथ बच्चों ने भी हाथ बटाया। छोटे-छोटे बच्चों ने कहीं दीया और बाती बेची, तो किसी ने अपने परिजनों के साथ लक्ष्मी व गणेश की फोटो और कमल के फूल भी बेचने की जिम्मेदारी ली। बाजार में महिला, पुरुषों ने बेझिझक नन्हें बच्चों से पूजन सामग्री खरीदी। जनपद में रोजगार के अवसरों की बेहद कमी है, जिसके चलते निर्धन परिवारों ने दीपावली के त्यौहार पर बच्चों से हाथ बटाने से परहेज नहीं किया।
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दरवाजों पर सजाई रंगोली
दीपोत्सव पर्व पर लोगों ने मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घरों व प्रतिष्ठानों के दरवाजों पर रंगोली भी सजाईं। रंगोली सजाने का सिलसिला बुधवार की रात से ही लोगों ने शुरु कर दिया गया। खासकर घरों की महिलाओं ने अलग-अलग आकार की रंगोलियां सजाई, तो किसी ने रंगोली आकार में भी शुभ दीपावली और शुुुुभ स्वागत जैसी आकृतियां भी बनाई, जो शहर में आकर्षण का केंद्र रहीं।