{"_id":"5b6debf24f1c1b66428b717c","slug":"121533930482-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हल्की बारिश में ही कचहरी में हो गया जल भराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हल्की बारिश में ही कचहरी में हो गया जल भराव
Updated Sat, 11 Aug 2018 03:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हल्की बारिश से ही कचहरी में जलभराव
ललितपुर। शुक्रवार को दोपहर में सिविल लाइन क्षेत्र में हल्की बारिश हुई तो कचहरी परिसर के कुछ हिस्से में जलभराव हो गया। हालांकि, कुछ समय बाद अधिकांश क्षेत्र का पानी बह गया लेकिन गहराई वाले स्थल पर पानी भरा रहा।
कई अधिवक्ताओं के बस्ते भी जलभराव की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। फरियादियों को जल भराव के दौरान उनके बस्तों पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। यह समस्या नई नहीं है, जब भी बारिश होती है तब यहां जलभराव हो जाता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इसी कचहरी परिसर से होकर विकास भवन का रास्ता है। इससे इस रास्ते पर लोगों की आवाजाही कुछ ज्यादा ही रहती है। इसके बाद भी किसी अधिकारी का ध्यान इस ओर नहीं है। इससे कचहरी परिसर को जल भराव से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। बता दें कि आज जब बारिश हुई तो सिविल लाइन क्षेत्र में लोगों को भीगने से बचने के लिए छांव ढूंढनी पड़ी, जबकि घंटाघर क्षेत्र में बूंदाबांदी में ही बारिश सिमट गई।
ललितपुर। शुक्रवार को दोपहर में सिविल लाइन क्षेत्र में हल्की बारिश हुई तो कचहरी परिसर के कुछ हिस्से में जलभराव हो गया। हालांकि, कुछ समय बाद अधिकांश क्षेत्र का पानी बह गया लेकिन गहराई वाले स्थल पर पानी भरा रहा।
कई अधिवक्ताओं के बस्ते भी जलभराव की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। फरियादियों को जल भराव के दौरान उनके बस्तों पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। यह समस्या नई नहीं है, जब भी बारिश होती है तब यहां जलभराव हो जाता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इसी कचहरी परिसर से होकर विकास भवन का रास्ता है। इससे इस रास्ते पर लोगों की आवाजाही कुछ ज्यादा ही रहती है। इसके बाद भी किसी अधिकारी का ध्यान इस ओर नहीं है। इससे कचहरी परिसर को जल भराव से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। बता दें कि आज जब बारिश हुई तो सिविल लाइन क्षेत्र में लोगों को भीगने से बचने के लिए छांव ढूंढनी पड़ी, जबकि घंटाघर क्षेत्र में बूंदाबांदी में ही बारिश सिमट गई।
विज्ञापन