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बुढ़वार संक़ुल केंद्र भवन की छड़ने लगी छत
Updated Sun, 30 Jul 2017 02:22 AM IST
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धीरे-धीरे गिर रही है स्कूल की छत
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला मुख्यालय के समीप स्थित बुढ़वार संकुल केंद्र भवन की छत जर्जर होकर कई जगहों से गिरने लगी है। हैरानी की बात तो यह है कि इस संबंध में अब तक संबंधित स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने अधिकारियों व विभाग को कोई सूचना नहीं दी है और इसी जर्जर हो चुकी छत के नीचे हर रोज बच्चों की जान को जोखिम में डालकर पढ़ाया जा रहा है।
विकासखंड जखौरा के ग्राम बुढ़वार की जिला मुख्यालय से दूूरी मात्र 08 किलोमीटर है। इस गांव में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय बुढ़वार क्षेत्रीय न्याय पंचायत का संकुल केंद्र भी है। इस विद्यालय में बने तीनों कक्षों व बाहर बने बरामदे की छत जर्जर हो चुकी है। एक सप्ताह पूर्व से इस छत से मलवा गिरना भी शुरू हो गया है, यदि समय से मरम्मत नहीं की गई तो आने वाले दिनों में छत के ढहने का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन, विद्यालय का स्टाफ इस घटना को गंभीरता से नहीं ले रहा है। यही कारण है कि सप्ताह बीतने के बाद भी अभी तक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका द्वारा इस संबंध में विभाग को सूचित नहीं किया है। इससे भी बड़ी लापरवाही वाली बात है कि विद्यालय के स्टाफ के द्वारा विद्यालयों के बच्चों की जान को जोखिम में डालकर इसी जर्जर हो चुकी छत के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा इस विद्यालय भवन को बने हुए लगभग तीन दशक बीत चुके हैं, लेकिन यह भवन इतना भी पुराना नहीं हुआ है, छत का लेंटर गिरना शुरु हो जाए। इससे भवन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं।
कई विद्यालय को है जीर्णोद्घार की जरूरत
जनपद के अनेकों विद्यालय ऐसे हैं, जिनके भवनों की छत व दीवारे जर्जर हो चुकी हैं और लंबे समय से जीर्णोद्घार की बाट जोह रही है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग के पास विद्यालयों भवनों की मरम्मत के लिए कोई फंड नहीं होता है, वह जनप्रतिनिधियों की विकास निधी से ही मरम्मत का कार्य करा लेतें है। जनपद के ऐसे कई विद्यालय है तो वर्तमान में मरम्मत का इंजार कर रहे हैं। शासन ने विगत कुछ माह पूर्व से विद्यालयों के भवनों व शौचालयों की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों व नगर निकायों को दे दी है। विकास कार्यों के लिए मिलने वाले 14वें वित्तीय आयोग की निधि से मरम्मत कार्य कराया जाए। इस सम्बंध में जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने हाल ही में विकासखंड बार क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बड़ौखरा, बम्हौरी सहना व गदयाना और बिरधा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सतौरा के भवनों की मरम्मत कराने के लिए पंचायती राज विभाग को पत्र भेजा है।
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इसी संकुल केंद्र भवन परिसर में प्राथमिक विद्यालय भी है, जिसकी प्रधानाध्यापिका जनपद की सदर विधायक रामरतन कुशवाहा की पत्नी शकुंतला देवी हैं। यह प्रधानाध्यापिका व सदर विद्यालय की पत्नी होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की महामंत्री भी हैं। एक जागरुक प्रतिनिधि होने के नाते इनकी भी जिम्मेदारी बनती है कि वह इस घटना से विभाग को अवगत कराएं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
इनका कहना है
विद्यालय के स्टाफ के द्वारा इस संबंध में विभाग को अवगत नहीं कराया गया है, लेकिन मामला संज्ञान में आया है। जल्द ही किसी तरह से विद्यालय की छत की मरम्मत कराई जाएगी।
-अंबरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला मुख्यालय के समीप स्थित बुढ़वार संकुल केंद्र भवन की छत जर्जर होकर कई जगहों से गिरने लगी है। हैरानी की बात तो यह है कि इस संबंध में अब तक संबंधित स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने अधिकारियों व विभाग को कोई सूचना नहीं दी है और इसी जर्जर हो चुकी छत के नीचे हर रोज बच्चों की जान को जोखिम में डालकर पढ़ाया जा रहा है।
विकासखंड जखौरा के ग्राम बुढ़वार की जिला मुख्यालय से दूूरी मात्र 08 किलोमीटर है। इस गांव में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय बुढ़वार क्षेत्रीय न्याय पंचायत का संकुल केंद्र भी है। इस विद्यालय में बने तीनों कक्षों व बाहर बने बरामदे की छत जर्जर हो चुकी है। एक सप्ताह पूर्व से इस छत से मलवा गिरना भी शुरू हो गया है, यदि समय से मरम्मत नहीं की गई तो आने वाले दिनों में छत के ढहने का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन, विद्यालय का स्टाफ इस घटना को गंभीरता से नहीं ले रहा है। यही कारण है कि सप्ताह बीतने के बाद भी अभी तक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका द्वारा इस संबंध में विभाग को सूचित नहीं किया है। इससे भी बड़ी लापरवाही वाली बात है कि विद्यालय के स्टाफ के द्वारा विद्यालयों के बच्चों की जान को जोखिम में डालकर इसी जर्जर हो चुकी छत के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा इस विद्यालय भवन को बने हुए लगभग तीन दशक बीत चुके हैं, लेकिन यह भवन इतना भी पुराना नहीं हुआ है, छत का लेंटर गिरना शुरु हो जाए। इससे भवन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं।
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कई विद्यालय को है जीर्णोद्घार की जरूरत
जनपद के अनेकों विद्यालय ऐसे हैं, जिनके भवनों की छत व दीवारे जर्जर हो चुकी हैं और लंबे समय से जीर्णोद्घार की बाट जोह रही है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग के पास विद्यालयों भवनों की मरम्मत के लिए कोई फंड नहीं होता है, वह जनप्रतिनिधियों की विकास निधी से ही मरम्मत का कार्य करा लेतें है। जनपद के ऐसे कई विद्यालय है तो वर्तमान में मरम्मत का इंजार कर रहे हैं। शासन ने विगत कुछ माह पूर्व से विद्यालयों के भवनों व शौचालयों की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों व नगर निकायों को दे दी है। विकास कार्यों के लिए मिलने वाले 14वें वित्तीय आयोग की निधि से मरम्मत कार्य कराया जाए। इस सम्बंध में जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने हाल ही में विकासखंड बार क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बड़ौखरा, बम्हौरी सहना व गदयाना और बिरधा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सतौरा के भवनों की मरम्मत कराने के लिए पंचायती राज विभाग को पत्र भेजा है।
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इसी संकुल केंद्र भवन परिसर में प्राथमिक विद्यालय भी है, जिसकी प्रधानाध्यापिका जनपद की सदर विधायक रामरतन कुशवाहा की पत्नी शकुंतला देवी हैं। यह प्रधानाध्यापिका व सदर विद्यालय की पत्नी होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की महामंत्री भी हैं। एक जागरुक प्रतिनिधि होने के नाते इनकी भी जिम्मेदारी बनती है कि वह इस घटना से विभाग को अवगत कराएं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
इनका कहना है
विद्यालय के स्टाफ के द्वारा इस संबंध में विभाग को अवगत नहीं कराया गया है, लेकिन मामला संज्ञान में आया है। जल्द ही किसी तरह से विद्यालय की छत की मरम्मत कराई जाएगी।
-अंबरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।