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एनसीडी के तहत हो रहा कैंसर, डायबिटीज व हृदय रोग का निशुल्क इलाज
Updated Wed, 28 Mar 2018 10:39 AM IST
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एनसीडी के तहत हो रहा कैंसर, डायबिटीज व हृदय रोग का इलाज
ललितपुर।
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत स्थानीय निकाय सदस्यों के अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन सीएमओ सभागार कक्ष में किया गया। इसमें नगर के पार्षदों को स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारियां दी गईं।
कार्यशाला में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिषन के नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अजय भाले ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को प्रदेश सरकार द्वारा 2014 में लागू किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने कहा कि ललितपुर के शहरी क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र की तरह ही समस्त सेवाएं सुचारु रूप से प्रदान की जा रहीं है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मुकेश चंद्र दुबे ने कहा कि जिले में एनसीडी कार्यक्रम के तहत कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग आदि गंभीर बीमारियों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। इसके बाद शहरी स्वास्थ्य मिशन के जिला शहरी स्वास्थ्य समन्वयक रविशंकर झा ने बैठक का उद्देश्य बताते हुये कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश की शहरी जनसंख्या 4.44 करोड़ है, जो कि कुल जनसंख्या 19.96 करोड़ के सापेक्ष लगभग 22 प्रतिशत है। गत वर्षों की जनसंख्या वृद्धि के दृष्टिगत शहरी जनसंख्या के अनुपात में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लागू होने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य संकेतकों में काफी सुधार आया है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य इकाईयां एवं स्वास्थ्य इकाईयों पर मानव संसाधन की कमी के कारण शहरी क्षेत्रों विषेशकर मलिन बस्तियों में निवास करने वाली जनता के स्वास्थ्य संकेतक काफी खराब हैं। धन के अभाव में मलिन बस्तियों में रहने वाले निजी चिकित्सालयों से मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नही ले पाते हैं। स्वास्थ्य निर्धारक जैसे - स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य शिक्षा एवं जागरूकता, पोषण इत्यादि जोकि अन्य विभागों द्वारा क्रियान्वित किये जा रहें हैं। स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों का प्रत्येक स्तर पर अच्छा समन्वय न होने से मलिन बस्तियों में रहने वाली जनता को स्वास्थ्य सेवायें सुचारु रुप से नही मिल पा रही हैं। जिसके दृष्टिगत भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के चिन्हित 131 शहरों/कस्बों में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन लागू किया गया है। रष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का उद्देश्य है कि मलिन बस्तियों में गरीब जनता को मूलभूत गुणवत्ता परख निशुल्क सेवायें उपलब्ध हों सकें। इसके तहत ललितपुर शहर की नगरीय आबादी 1.33 हजार है। 50 हजार की ऊपर की आबादी पर एक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाता है। जिसके सापेक्ष नगर में दो नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खेाले गये है। प्रथम इकाई नेहरूनगर व दूसरी इकाई गोविन्दनगर में है। वर्तमान में यहां ओपीडी, लैब कार्य, दवा वितरण, आउटरिच हेल्थ कैंप, टीकाकरण, यूएचएनडी, क्षेत्र सर्वे व और अन्य सामुदायिक गतिविधियां संचालित की जा रहीं है। साथ ही नगर क्षेत्र में 12 एएनएम कार्यरत हैं, जिनके द्वारा शहर में टीकाकरण शहरी स्वास्थ्य पोषण दिवस व अन्य गतिविधियां प्रदान की जाती हैं। मुख्य स्वास्थ्य खाद्य एवं स्वच्छता निरीक्षक आरके लवानिया ने अवगत कराया कि नगर पालिका के द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरी क्षेत्र में स्वच्छता कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं, जिसके माध्यम से शौचालय निर्माण, जल भराव की निकासी आदि की जा रहीं है। जिसका उद्देष्य शहरी क्षेत्र में खासतौर से मलिन बस्तियों के लोग साफ-सफाई में जीवन यापन करें और बीमारियों से दूर रहें। जिला कार्यक्रम अधिकारी बीएल गुप्ता ने नगर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से शहरी स्वास्थ्य पोषण दिवस के बारे में जानकारी दी। जिला क्षयरोग अधिकारी डा. जेएस बक्शी ने क्षयरोग के बारे में अवगत कराया। जिला बेसिक षिक्षा अधिकारी स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते हुए योजनाओं की जानकारी दी। जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि शहर में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं को गरीबों के लिए लाभकारी बताया। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष रजनी साहू, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. प्रताप सिंह, डा.अजय भाले, पार्षद भीम चौरसिया, डा. हुसैन खान, रजिया फिरोज, सुरेंद्र सोनी, भारती रावत, अशोक कुमार, पूनम, दिनेश बिरौनिया, पंकज पार्षद, जहीन खान, मंजू, लबली शर्मा उपस्थित रहे।
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ललितपुर।
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत स्थानीय निकाय सदस्यों के अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन सीएमओ सभागार कक्ष में किया गया। इसमें नगर के पार्षदों को स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारियां दी गईं।
कार्यशाला में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिषन के नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अजय भाले ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को प्रदेश सरकार द्वारा 2014 में लागू किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने कहा कि ललितपुर के शहरी क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र की तरह ही समस्त सेवाएं सुचारु रूप से प्रदान की जा रहीं है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मुकेश चंद्र दुबे ने कहा कि जिले में एनसीडी कार्यक्रम के तहत कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग आदि गंभीर बीमारियों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। इसके बाद शहरी स्वास्थ्य मिशन के जिला शहरी स्वास्थ्य समन्वयक रविशंकर झा ने बैठक का उद्देश्य बताते हुये कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश की शहरी जनसंख्या 4.44 करोड़ है, जो कि कुल जनसंख्या 19.96 करोड़ के सापेक्ष लगभग 22 प्रतिशत है। गत वर्षों की जनसंख्या वृद्धि के दृष्टिगत शहरी जनसंख्या के अनुपात में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लागू होने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य संकेतकों में काफी सुधार आया है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य इकाईयां एवं स्वास्थ्य इकाईयों पर मानव संसाधन की कमी के कारण शहरी क्षेत्रों विषेशकर मलिन बस्तियों में निवास करने वाली जनता के स्वास्थ्य संकेतक काफी खराब हैं। धन के अभाव में मलिन बस्तियों में रहने वाले निजी चिकित्सालयों से मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नही ले पाते हैं। स्वास्थ्य निर्धारक जैसे - स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य शिक्षा एवं जागरूकता, पोषण इत्यादि जोकि अन्य विभागों द्वारा क्रियान्वित किये जा रहें हैं। स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों का प्रत्येक स्तर पर अच्छा समन्वय न होने से मलिन बस्तियों में रहने वाली जनता को स्वास्थ्य सेवायें सुचारु रुप से नही मिल पा रही हैं। जिसके दृष्टिगत भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के चिन्हित 131 शहरों/कस्बों में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन लागू किया गया है। रष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का उद्देश्य है कि मलिन बस्तियों में गरीब जनता को मूलभूत गुणवत्ता परख निशुल्क सेवायें उपलब्ध हों सकें। इसके तहत ललितपुर शहर की नगरीय आबादी 1.33 हजार है। 50 हजार की ऊपर की आबादी पर एक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाता है। जिसके सापेक्ष नगर में दो नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खेाले गये है। प्रथम इकाई नेहरूनगर व दूसरी इकाई गोविन्दनगर में है। वर्तमान में यहां ओपीडी, लैब कार्य, दवा वितरण, आउटरिच हेल्थ कैंप, टीकाकरण, यूएचएनडी, क्षेत्र सर्वे व और अन्य सामुदायिक गतिविधियां संचालित की जा रहीं है। साथ ही नगर क्षेत्र में 12 एएनएम कार्यरत हैं, जिनके द्वारा शहर में टीकाकरण शहरी स्वास्थ्य पोषण दिवस व अन्य गतिविधियां प्रदान की जाती हैं। मुख्य स्वास्थ्य खाद्य एवं स्वच्छता निरीक्षक आरके लवानिया ने अवगत कराया कि नगर पालिका के द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरी क्षेत्र में स्वच्छता कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं, जिसके माध्यम से शौचालय निर्माण, जल भराव की निकासी आदि की जा रहीं है। जिसका उद्देष्य शहरी क्षेत्र में खासतौर से मलिन बस्तियों के लोग साफ-सफाई में जीवन यापन करें और बीमारियों से दूर रहें। जिला कार्यक्रम अधिकारी बीएल गुप्ता ने नगर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से शहरी स्वास्थ्य पोषण दिवस के बारे में जानकारी दी। जिला क्षयरोग अधिकारी डा. जेएस बक्शी ने क्षयरोग के बारे में अवगत कराया। जिला बेसिक षिक्षा अधिकारी स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते हुए योजनाओं की जानकारी दी। जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि शहर में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं को गरीबों के लिए लाभकारी बताया। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष रजनी साहू, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. प्रताप सिंह, डा.अजय भाले, पार्षद भीम चौरसिया, डा. हुसैन खान, रजिया फिरोज, सुरेंद्र सोनी, भारती रावत, अशोक कुमार, पूनम, दिनेश बिरौनिया, पंकज पार्षद, जहीन खान, मंजू, लबली शर्मा उपस्थित रहे।
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