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खुले में शौच नहीं जाते इसका देना होगा प्रमाण पत्र
Updated Sun, 20 Aug 2017 01:40 AM IST
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खुले में शौच नहीं जाते इसका देना होगा प्रमाण पत्र
ललितपुर।
नगर पालिका परिषद शहर को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए कार्ययोजना पर चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। इसमें अब सरकारी विभागों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इसकी शुरुआत विद्यालयों से हो रही है। पालिका ईओ ने डीआईओएस व बीएसए को भेजे पत्र में कहा कि निकाय सीमांतर्गत समस्त विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ से खुले में शौच नहीं जाने का प्रमाण पत्र लिया जाए।
शासन ने 31 दिसंबर 18 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त करने की योजना बनाई है। जिसे धरातल पर उतारा जा रहा है। जहां नगर पालिका परिषद वार्डो के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम चला रही है तो व्यक्तिगत, सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इससे आगे बढ़ते हुए अब सरकारी विभागों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नगर को ओडीएफ घोषित किए जाने के लिए विभिन्न चरण निर्धारित किए गए हैं। इन चरणों में एक भाग यह भी है कि निकाय सीमांतर्गत स्थित समस्त सरकारी/ निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और स्टाफ से खुले में शौच के लिए नहीं जाने का प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाए। इस दौरान प्रमाण पत्र में व्यक्तिगत शौचालय अथवा सामुदायिक शौचालय का उपयोग करते हैं, इसका भी जिक्र किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा अफसरों से वार्डवार स्कूल/कालेजों की सूची उपलब्ध कराने को कहा है, जिससे कि योजनांतर्गत आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
ये है महीने वार ओडीएफ का लक्ष्य
शहर के सभी वार्डों को 31 दिसंबर 17 तक ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अगस्त माह में वार्ड नंबर 26 महावीरपुरा, वार्ड नंबर 22 लक्ष्मीपुरा, माह सितंबर में वार्ड नंबर 12 सिविल लाइन तृतीय, वार्ड नंबर 08 सिविल लाइन प्रथम, वार्ड नंबर 18 गांधीनगर द्वितीय, वार्ड नंबर 10 सिविल लाइन तृतीय, वार्ड नंबर 19 सुुुभाषपुरा, माह अक्तूबर में वार्ड नंबर 23 तालाबपुरा द्वितीय, वार्ड नंबर 09 कटरा बाजार, वार्ड नंबर 16 आजादपुरा द्वितीय, वार्ड नंबर 17 नदीपुरा, वार्ड नंबर 13 तालाबपुरा प्रथम, वार्ड नंबर 05 बड़ापुरा, माह नवंबर में वार्ड नंबर 02 गांधीनगर प्रथम, वार्ड नंबर 03 घुसयाना, वार्ड नंबर 14 आजादपुरा प्रथम, वार्ड नंबर 25 चौबयाना, वार्ड नंबर 07 रामनगर, वार्ड नंबर 21 रावतयाना द्वितीय, दिसंबर माह में वार्ड नंबर 20 आजादपुरा तृतीय, वार्ड नंबर 15 पिसनारी, वार्ड नंबर 01 खिरकापुरा, वार्ड नंबर 11 रावतयाना प्रथम, वार्ड नंबर 04 नेहरूनगर, वार्ड नंबर 06 सिद्दनपुरा को खुले में शौच से मुक्त किया जाएगा। इनमें वार्ड नंबर 24 नझाई बाजार को सर्वप्रथम ओडीएफ घोषित किया जाएगा। ........
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इतने हैं स्कूल
शहर में 26 प्राथमिक, 09 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 80 हिंदी माध्यम एवं 25 अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूल, माध्यमिक विद्यालय के एक दर्जन व चार महाविद्यालय, दो आईटीआई संचालित हैं। इसमें हजारों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
डीआईओएस ने उपलब्ध कराई सूची
बीएसए, डीआईओएस से विद्यालयों की सूची मांगी गई थी। इसमें डीआईओएस ने विद्यालयों की सूची नगर पालिका कार्यालय को उपलब्ध करा दी। प्राप्त सूची के आधार पर विद्यालयवार प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर उनसे प्रमाण पत्र मांगा जाएगा। इससे शौचालय होने या नहीं होने का चिह्नींकरण आसान हो जाएगा। इसी तरह सरकारी विभागों को डीएम के स्तर से पत्र भेजे जाएंगे।
दिनेश बिरौनिया, सफाई और खाद्य निरीक्षक
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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ललितपुर।
नगर पालिका परिषद शहर को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए कार्ययोजना पर चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। इसमें अब सरकारी विभागों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इसकी शुरुआत विद्यालयों से हो रही है। पालिका ईओ ने डीआईओएस व बीएसए को भेजे पत्र में कहा कि निकाय सीमांतर्गत समस्त विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ से खुले में शौच नहीं जाने का प्रमाण पत्र लिया जाए।
शासन ने 31 दिसंबर 18 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त करने की योजना बनाई है। जिसे धरातल पर उतारा जा रहा है। जहां नगर पालिका परिषद वार्डो के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम चला रही है तो व्यक्तिगत, सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इससे आगे बढ़ते हुए अब सरकारी विभागों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नगर को ओडीएफ घोषित किए जाने के लिए विभिन्न चरण निर्धारित किए गए हैं। इन चरणों में एक भाग यह भी है कि निकाय सीमांतर्गत स्थित समस्त सरकारी/ निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और स्टाफ से खुले में शौच के लिए नहीं जाने का प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाए। इस दौरान प्रमाण पत्र में व्यक्तिगत शौचालय अथवा सामुदायिक शौचालय का उपयोग करते हैं, इसका भी जिक्र किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा अफसरों से वार्डवार स्कूल/कालेजों की सूची उपलब्ध कराने को कहा है, जिससे कि योजनांतर्गत आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
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ये है महीने वार ओडीएफ का लक्ष्य
शहर के सभी वार्डों को 31 दिसंबर 17 तक ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अगस्त माह में वार्ड नंबर 26 महावीरपुरा, वार्ड नंबर 22 लक्ष्मीपुरा, माह सितंबर में वार्ड नंबर 12 सिविल लाइन तृतीय, वार्ड नंबर 08 सिविल लाइन प्रथम, वार्ड नंबर 18 गांधीनगर द्वितीय, वार्ड नंबर 10 सिविल लाइन तृतीय, वार्ड नंबर 19 सुुुभाषपुरा, माह अक्तूबर में वार्ड नंबर 23 तालाबपुरा द्वितीय, वार्ड नंबर 09 कटरा बाजार, वार्ड नंबर 16 आजादपुरा द्वितीय, वार्ड नंबर 17 नदीपुरा, वार्ड नंबर 13 तालाबपुरा प्रथम, वार्ड नंबर 05 बड़ापुरा, माह नवंबर में वार्ड नंबर 02 गांधीनगर प्रथम, वार्ड नंबर 03 घुसयाना, वार्ड नंबर 14 आजादपुरा प्रथम, वार्ड नंबर 25 चौबयाना, वार्ड नंबर 07 रामनगर, वार्ड नंबर 21 रावतयाना द्वितीय, दिसंबर माह में वार्ड नंबर 20 आजादपुरा तृतीय, वार्ड नंबर 15 पिसनारी, वार्ड नंबर 01 खिरकापुरा, वार्ड नंबर 11 रावतयाना प्रथम, वार्ड नंबर 04 नेहरूनगर, वार्ड नंबर 06 सिद्दनपुरा को खुले में शौच से मुक्त किया जाएगा। इनमें वार्ड नंबर 24 नझाई बाजार को सर्वप्रथम ओडीएफ घोषित किया जाएगा। ........
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इतने हैं स्कूल
शहर में 26 प्राथमिक, 09 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 80 हिंदी माध्यम एवं 25 अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूल, माध्यमिक विद्यालय के एक दर्जन व चार महाविद्यालय, दो आईटीआई संचालित हैं। इसमें हजारों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
डीआईओएस ने उपलब्ध कराई सूची
बीएसए, डीआईओएस से विद्यालयों की सूची मांगी गई थी। इसमें डीआईओएस ने विद्यालयों की सूची नगर पालिका कार्यालय को उपलब्ध करा दी। प्राप्त सूची के आधार पर विद्यालयवार प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर उनसे प्रमाण पत्र मांगा जाएगा। इससे शौचालय होने या नहीं होने का चिह्नींकरण आसान हो जाएगा। इसी तरह सरकारी विभागों को डीएम के स्तर से पत्र भेजे जाएंगे।
दिनेश बिरौनिया, सफाई और खाद्य निरीक्षक
नगर पालिका परिषद ललितपुर।