लखीमपुर में शारदा का कहर: 24 गांवों में नदी के कटान से हुई तबाही, 100 से अधिक परिवार बेघर
लखीमपुर तहसील के अहिराना गांव में शारदा नदी ने भारी तबाही मचाई। करीब दो दर्जन मकानों को शारदा की तेज धार ने तहस-नहस कर दिया। बेघर हुए परिवार सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर गए। गोला की ग्राम पंचायत बेलहा सिकटिहा में भी कटान से काफी नुकसान हुआ।
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लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ का कहर भले न हो, लेकिन कटान कर रही शारदा नदी किसानों को तबाह कर रही है। मौजूदा समय में जिले के 14 गांव ऐसे हैं, जहां शारदा नदी कटान कर रही है। इस साल कटान में अब तक 24 गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें 23 गांव ऐसे भी हैं, जिनमें फसलों सहित भूमि नदी में समा गई। 100 से अधिक परिवार बेघर हो गए। 310 हेक्टेयर कृषि भूमि शारदा में समा गई।
लखीमपुर तहसील के फूलबेहड़ क्षेत्र के अहिराना गांव में शारदा ने भारी तबाही मचाई। करीब दो दर्जन घरों को शारदा की तेज धार ने तहस-नहस कर दिया। एक दर्जन ग्रामीण अपना घर अपने ही हाथों से तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर गए। गोला तहसील के ब्लॉक बिजुआ में बझेड़ा गांव के बाद अब शारदा नदी बेलहा सिकटिहा गांव की ओर तेजी से बढ़ रही है। गांव तक का सफर तय करते करते करीब 175 एकड़ कृषि भूमि शारदा में समा गई है। कटान अभी जारी है। उधर, धौरहरा तहसील के समदहा गांव में भी शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है।
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जिला प्रशासन के मुताबिक, इस साल अब तक 310.118 हेक्टेयर कृषि भूमि शारदा नदी में कट चुकी हैं। पिछले 24 घंटे के अंदर अलग-अलग तहसीलों में 94.673 हेक्टेयर वन भूमि नदी में समा गई। कटान से अब तक एक करोड़ 34 लाख मूल्य की फसलें नष्ट हो चुकी हैं। जिन किसानों की भूमि कटी है, उनमें से कई किसान पूरी तरह भूमिहीन हो चुके हैं। विस्थापित हुए कटान पीड़ित दाने-दाने को मोहताज हैं। जिला प्रशासन न तो पुनर्वास के लिए भूमि उपलब्ध करा पा रहा है न फौरी राहत।
बेलहा सिकटिहा के नजदीक पहुंची नदी
तहसील गोला की ग्राम पंचायत बेलहा सिकटिहा में हो रहे कटान पर अभी तक प्रशासन की नजर नहीं पड़ी है। शारदा नदी का जलस्तर घटने से कटान तेज हुआ है। शुक्रवार से शनिवार शाम 5:00 बजे तक शारदा नदी कटान करती हुई पांच से सात मीटर तक गांव की ओर बढ़ी है।
बाढ़ खंड या सिंचाई विभाग की तरफ से कटान रोकने के अभी तक कोई उपाय नहीं किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, बाढ़ खंड की तरफ से एक ड्रेजिंग परियोजना काफी समय से मंजूर पड़ी है। वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र न मिलने से परियोजना पर कार्य नहीं हो पा रहा है।
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ग्राम प्रधान नेपाली राम ने बताया कि बेलहा सिकटिहा में मैकू, मिश्री, घनई, राम प्रसाद, अवधेश, आसाराम, छत्रपाल, नेपाली, रामरती, बालकराम, सर्वेश, रामासरे, तरुण कुमार, गेंदा, गजेंद्र, शत्रोहन, धनीराम, रामपाल, केशव, राम कुमारी, रामकुमार, अवधेश, अशोक कुमार, महदेई की जमीन काटकर शारदा नदी में समा गई हैं।
एसडीएम रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि बेलहा सिकटिहा में हो रहे कटान को देखते हुए बचाव कार्य के लिए बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता को सूचित किया गया है। बेलहासिकटिहा में अत्यधिक जलभराव होने और कोई रास्ता ना होने के कारण कटान से बचाव के लिए कोई भी संसाधन वहां पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। बेलहासिकटिहा पर चौबीसों घंटे निगाह रखी जा रही है।
मोहाना नदी में फंसे गांव वालों को निकाला
तिकुनिया क्षेत्र में शुक्रवार को सूरतनगर के मजरा गांव चौगुर्जी के आठ लोग छोटी नाव से तिकुनियां आए थे। यहां की साप्ताहिक बाजार व अन्य कार्य निबटा कर वापस जा रहे थे कि शाम करीब चार बजे इनकी नाव बीच नदी में हिचकोले लेने लगी। नाव में रखा सारा सामान पानी में बह गया। नाव में सवार आठ लोगों ने तैरकर नदी के बीच में बने एक टापू पर शरण ली।
सूचना पर तहसीलदार भीमचंद, नायब तहसीलदार हरेराम, प्रधान प्रतिनिधि विजय शंकर ने पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और पंचायत की दो नावों को बुलाकर सभी लोगों को देर रात सकुशल निकाल लिया। एसडीएम निघासन राजेश कुमार ने बताया कि नाव पर टीले की मिट्टी गिरने से नाव में पानी भरने लगा तो ग्रामीणों ने तैरकर पास के टीले पर शरण ली। मौके पर बड़ी नाव भिजवाकर ग्रामीणों को सकुशल निकाला गया है।