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अब दो दिन आराम करेंगी हथिनी जयमाला और चंपाकली
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Wild Animals
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तिकुनियां। बाघ का पता लगाने के लिए चार दिनों से खेतों में कांबिंग कर रही हथिनी जयमाला और चंपाकली कामयाबी न मिलने पर अब दो दिन आराम करेंगी। दोनों गुरुवार को वापस कर्तनियां वन्य जीव विहार लौट गई हैं। वन विभाग की अन्य टीमें बाघ की टोह लेने के लिए डेरा जमाए हुए हैं।
गांव चौगुर्जी, खैरटिया, दलराजपुर, नानकपुर, चौधरीपुरवा, मझरापूरब आदि गांवों में बाघ की दहशत है। यह बाघ पिछले माह में चा लोगों की जान ले चुका है। बाघ को खदेड़ने के लिए वन विभाग ने अभियान चला रखा है। जिसमें कर्तनियां वन रेंज की हथिनी जयमाला और चंपाकली भी शामिल हैं। महावत मोहर्रम और विनोद वन कर्मियों को बैठा कर जंगलों और रास्तों पर गश्त कर रहे थे, लेकिन बाघ का कोई पता न चलने पर अधिकारियों ने चंपाकली और जयमाला को आराम करने के लिए दो दिन अभियान रोक दिया है। दोनों हथिनी कर्तनिया रेंज भेजी गई हैं। वन विभाग चाहता है कि गश्त कर इतना दबाव बाघ पर बना दिया जाए कि वह जंगल के बाहर न जाए, बल्कि कर्तनियां जंगल में चला जाए। बेलरायां रेंज के रेंजर विमलेश कुमार ने बताया कि दोनों हथिनी दो दिन आराम करेंगी। एसटीपीएफ और विभाग की टीम कांबिंग कर नजर रखे हुए है। संवाद
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गांव चौगुर्जी, खैरटिया, दलराजपुर, नानकपुर, चौधरीपुरवा, मझरापूरब आदि गांवों में बाघ की दहशत है। यह बाघ पिछले माह में चा लोगों की जान ले चुका है। बाघ को खदेड़ने के लिए वन विभाग ने अभियान चला रखा है। जिसमें कर्तनियां वन रेंज की हथिनी जयमाला और चंपाकली भी शामिल हैं। महावत मोहर्रम और विनोद वन कर्मियों को बैठा कर जंगलों और रास्तों पर गश्त कर रहे थे, लेकिन बाघ का कोई पता न चलने पर अधिकारियों ने चंपाकली और जयमाला को आराम करने के लिए दो दिन अभियान रोक दिया है। दोनों हथिनी कर्तनिया रेंज भेजी गई हैं। वन विभाग चाहता है कि गश्त कर इतना दबाव बाघ पर बना दिया जाए कि वह जंगल के बाहर न जाए, बल्कि कर्तनियां जंगल में चला जाए। बेलरायां रेंज के रेंजर विमलेश कुमार ने बताया कि दोनों हथिनी दो दिन आराम करेंगी। एसटीपीएफ और विभाग की टीम कांबिंग कर नजर रखे हुए है। संवाद
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