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Lakhimpur Kheri News: ई-रिक्शा बचाने में कंटेनर से टकराई कार, एयरबैग भी नहीं खुले... महिला, दो बेटों और जेठानी की मौत
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उचौलिया (लखीमपुर खीरी)। लखनऊ हाईवे पर जलालपुर गांव के पास ई-रिक्शा बचाने के प्रयास में अनियंत्रित हुई तेज रफ्तार कार के कंटेनर से टकराने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। टक्कर होने पर एयरबैग का न खुलना भी मौत की बड़ी वजह बना। मृतकों में लखनऊ की एक महिला, उनके दो बेटे और जेठानी शामिल हैं। हादसे में महिला के पति दिनेश घायल हो गए।
हादसा लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र स्थित इंदिरानगर के कुर्मांचल नगर के रहने वाले दिनेश उपाध्याय के परिवार के साथ हुआ। दिनेश उत्तर प्रदेश कर्मचारी कल्याण निगम से सेवानिवृत्त हुए हैं। वह रविवार को पत्नी विमला देवी (60), दो बेटों राजीव (40) व दीपक (34) और बड़े भाई बीबी उपाध्याय की पत्नी विमला उपाध्याय (62) के साथ कार से हल्द्वानी जा रहे थे। पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे जलालपुर के पास पेट्रोल पंप के सामने पहुंचने पर दीपक ई-रिक्शा को बचाने के प्रयास में कार पर नियंत्रण खो बैठे। इससे कार कई पलटी खाते हुए डिवाइडर पार कर शाहजहांपुर की ओर से आ रहे कंटेनर से साइड से टकरा गई। हादसे में विमला और उनके दोनों बेटों की मौके पर मौत हो गई।
गंभीर रूप से घायल दिनेश उपाध्याय और उनकी भाभी विमला को पुलिस ने एंबुलेंस से पसगवां सीएचसी भेजा। वहां से दोनों शाहजहांपुर के जिला अस्पताल रेफर कर दिए गए। वहां देर शाम विमला की भी मौत हो गई।
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कार चला रहे दीपक ने लगा रखी थी सीट-बेल्ट
एयरबैग क्यों नहीं खुला, इस पर परिवहन विभाग के अफसर और पुलिस जांच कर रही है। संभागीय निरीक्षक पंकज कुमार ने बताया कि सामने से टक्कर होने पर कार के सेंसर एक्टिव हो जाते हैं और एयरबैग खुल जाता है। इस हादसे में टक्कर साइड से हुई। ऐसे में सीट बेल्ट लगाए होने पर भी एयरबैग नहीं खुलते हैं। पुलिस के मुताबिक, दीपक ने सीट-बेल्ट लगा रखी थी, फिर भी उनके सामने का एयरबैग नहीं खुला। अन्य लोगों ने सीट-बेल्ट लगा रखी थी या नहीं, इसका पता लगाया जा रहा है।
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हादसा लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र स्थित इंदिरानगर के कुर्मांचल नगर के रहने वाले दिनेश उपाध्याय के परिवार के साथ हुआ। दिनेश उत्तर प्रदेश कर्मचारी कल्याण निगम से सेवानिवृत्त हुए हैं। वह रविवार को पत्नी विमला देवी (60), दो बेटों राजीव (40) व दीपक (34) और बड़े भाई बीबी उपाध्याय की पत्नी विमला उपाध्याय (62) के साथ कार से हल्द्वानी जा रहे थे। पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे जलालपुर के पास पेट्रोल पंप के सामने पहुंचने पर दीपक ई-रिक्शा को बचाने के प्रयास में कार पर नियंत्रण खो बैठे। इससे कार कई पलटी खाते हुए डिवाइडर पार कर शाहजहांपुर की ओर से आ रहे कंटेनर से साइड से टकरा गई। हादसे में विमला और उनके दोनों बेटों की मौके पर मौत हो गई।
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गंभीर रूप से घायल दिनेश उपाध्याय और उनकी भाभी विमला को पुलिस ने एंबुलेंस से पसगवां सीएचसी भेजा। वहां से दोनों शाहजहांपुर के जिला अस्पताल रेफर कर दिए गए। वहां देर शाम विमला की भी मौत हो गई।
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कार चला रहे दीपक ने लगा रखी थी सीट-बेल्ट
एयरबैग क्यों नहीं खुला, इस पर परिवहन विभाग के अफसर और पुलिस जांच कर रही है। संभागीय निरीक्षक पंकज कुमार ने बताया कि सामने से टक्कर होने पर कार के सेंसर एक्टिव हो जाते हैं और एयरबैग खुल जाता है। इस हादसे में टक्कर साइड से हुई। ऐसे में सीट बेल्ट लगाए होने पर भी एयरबैग नहीं खुलते हैं। पुलिस के मुताबिक, दीपक ने सीट-बेल्ट लगा रखी थी, फिर भी उनके सामने का एयरबैग नहीं खुला। अन्य लोगों ने सीट-बेल्ट लगा रखी थी या नहीं, इसका पता लगाया जा रहा है।