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मोटर फुंकने से रेलवे कॉलोनी और स्टेशन परिसर में पानी का संकट
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जान जोखिम में डालकर दो रेल ट्रेक पार करके पानी भरकर लाती बालिका।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
दो दिन से रेल लाइन पार करके हैंडपंप से पानी ला रहे कॉलोनी वाले
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अधिकारियों के मुताबिक, पंप ठीक होने में लग सकते हैं अभी एक-दो दिन
लखीमपुर खीरी। रेलवे स्टेशन परिसर में लगे पंप का मोटर फुंक जाने से स्टेशन परिसर एवं रेलवे कॉलोनी में पानी की सप्लाई दो दिन से बाधित है। कॉलोनी वाले रेल लाइन पार करके हैंडपंप से पानी लाने को मजबूर हैं। वहीं स्टेशन परिसर में भी यात्री पीने के पानी के लिए परेशान हैं। अधिकारियों के मुताबिक, व्यवस्था सुधरने में अभी एक-दो दिन लग सकते हैं।
रेलवे स्टेशन परिसर में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों के लिए करीब सौ आवास हैं। इनको पानी की आपूर्ति के लिए परिसर में एक ओवरहेड टैंक और चार सरकारी हैंडपंप हैं। इसमें एक नल पिछले कई साल से खराब पड़ा है तो अन्य की हालत भी खस्ताहाल है।
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शनिवार की दोपहर बाद अचानक पंप का मोटर जलने से रेलवे स्टेशन परिसर और रेलवे कॉलोनी में पानी का संकट खड़ा हो गया। उमस भरी गर्मी में रेल कर्मियों से लेकर यात्री और उधर से निकलने वाले राहगीर पेयजल के लिए तरस गए हैं।
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कई साल से खराब है सरकारी हैंडपंप
स्टेशन परिसर में आईडब्ल्यू ऑफिस के सामने लगा सरकारी हैंडपंप पिछले कई साल से खराब है। जिम्मेदारों को यह तक मालूम नहीं कि इसमें खराबी क्या है। आईडब्ल्यू का कहना है कि पांच साल से ट्रेन संचालन बंद है। प्रयोग में न लिए जाने से यह खराब हो गया है, जबकि आसपास कॉलोनी में रहने वालों का कहना है कि नल को रिबोर कराने की जरूरत है। इसके लिए कई बार कहा जा चुके है, लेकिन किसी ने अब तक ध्यान नहीं दिया।
200 मीटर दूर से भरकर लेकर आ रहे पानी
पानी सप्लाई प्रभावित होने से रेल कॉलोनी में रह रहे लोग रेल लाइन के पार स्थित हैंडपंप से पानी लाने के लिए मजबूर हैं। जीआरपी थाने के पास बनी कॉलोनी के लोग दो नंबर प्लेटफार्म लांघकर पानी भरकर ला रहे हैं। उनका कहना था कि यदि आईडब्ल्यू ऑफिस के पास लगा नल ठीक होता तो इतनी दूर पानी लेने उन्हें नहीं जाना पड़ता।
जान जोखिम में डालकर पानी ला रहे बच्चे
रविवार को कॉलोनी के बच्चे बोतल एवं अन्य साधनों से दिन पर पानी ढोते दिखे। इसके लिए बच्चों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्लेटफार्म नंबर एक के पास बनी कॉलोनी के बच्चे प्लेटफार्म नंबर चार के पार लगे सरकारी नल से पानी लाने के लिए चार पटरियां लांघ कर पहुंचते रहे।
बिना नहाए ड्यूटी करने पहुंचे कर्मचारी और अधिकारी
पानी सप्लाई न आने से तमाम रेलवे कर्मचारी और आरपीएफ के लोग बिना नहाए ही ड्यूटी करने के लिए मजबूर हुए। कई कर्मचारियों ने बताया कि पानी न आने के कारण वह नहा नहीं सके। कॉलोनी में तमाम परिवार रहते हैं। मगर, स्टेशन पर पानी की वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं है। हालांकि इतनी दिक्कत होने के बावजूद रेल कर्मचारियों से लेकर अधिकारी और सुरक्षा बल के लोग पानी की दिक्क्त होने के बावजूद समस्या पर खुलकर बोलने से बचते रहे।
शनिवार दोपहर पंप का मोटर जल गया था, जिससे पानी सप्लाई में व्यवधान पड़ गया है। जला पंप निकलवाया जा रहा है। इसके बाद उसकी सफाई कराकर फिर नया मोटर डाला जाएगा। इसमें एक-दो दिन का समय लग सकता है। फिलहाल पानी के टैंकर के लिए नगर पालिका प्रशासन को फोन कर दिया है, जिससे कॉलोनी के लोगों को पानी की दिक्कत न हो। - तेज सिंह, आईडब्ल्यू, रेलवे स्टेशन लखीमपुर
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अधिकारियों के मुताबिक, पंप ठीक होने में लग सकते हैं अभी एक-दो दिन लखीमपुर खीरी। रेलवे स्टेशन परिसर में लगे पंप का मोटर फुंक जाने से स्टेशन परिसर एवं रेलवे कॉलोनी में पानी की सप्लाई दो दिन से बाधित है। कॉलोनी वाले रेल लाइन पार करके हैंडपंप से पानी लाने को मजबूर हैं। वहीं स्टेशन परिसर में भी यात्री पीने के पानी के लिए परेशान हैं। अधिकारियों के मुताबिक, व्यवस्था सुधरने में अभी एक-दो दिन लग सकते हैं।
रेलवे स्टेशन परिसर में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों के लिए करीब सौ आवास हैं। इनको पानी की आपूर्ति के लिए परिसर में एक ओवरहेड टैंक और चार सरकारी हैंडपंप हैं। इसमें एक नल पिछले कई साल से खराब पड़ा है तो अन्य की हालत भी खस्ताहाल है।
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शनिवार की दोपहर बाद अचानक पंप का मोटर जलने से रेलवे स्टेशन परिसर और रेलवे कॉलोनी में पानी का संकट खड़ा हो गया। उमस भरी गर्मी में रेल कर्मियों से लेकर यात्री और उधर से निकलने वाले राहगीर पेयजल के लिए तरस गए हैं।
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कई साल से खराब है सरकारी हैंडपंप
स्टेशन परिसर में आईडब्ल्यू ऑफिस के सामने लगा सरकारी हैंडपंप पिछले कई साल से खराब है। जिम्मेदारों को यह तक मालूम नहीं कि इसमें खराबी क्या है। आईडब्ल्यू का कहना है कि पांच साल से ट्रेन संचालन बंद है। प्रयोग में न लिए जाने से यह खराब हो गया है, जबकि आसपास कॉलोनी में रहने वालों का कहना है कि नल को रिबोर कराने की जरूरत है। इसके लिए कई बार कहा जा चुके है, लेकिन किसी ने अब तक ध्यान नहीं दिया।200 मीटर दूर से भरकर लेकर आ रहे पानी
पानी सप्लाई प्रभावित होने से रेल कॉलोनी में रह रहे लोग रेल लाइन के पार स्थित हैंडपंप से पानी लाने के लिए मजबूर हैं। जीआरपी थाने के पास बनी कॉलोनी के लोग दो नंबर प्लेटफार्म लांघकर पानी भरकर ला रहे हैं। उनका कहना था कि यदि आईडब्ल्यू ऑफिस के पास लगा नल ठीक होता तो इतनी दूर पानी लेने उन्हें नहीं जाना पड़ता।जान जोखिम में डालकर पानी ला रहे बच्चे
रविवार को कॉलोनी के बच्चे बोतल एवं अन्य साधनों से दिन पर पानी ढोते दिखे। इसके लिए बच्चों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्लेटफार्म नंबर एक के पास बनी कॉलोनी के बच्चे प्लेटफार्म नंबर चार के पार लगे सरकारी नल से पानी लाने के लिए चार पटरियां लांघ कर पहुंचते रहे।बिना नहाए ड्यूटी करने पहुंचे कर्मचारी और अधिकारी
पानी सप्लाई न आने से तमाम रेलवे कर्मचारी और आरपीएफ के लोग बिना नहाए ही ड्यूटी करने के लिए मजबूर हुए। कई कर्मचारियों ने बताया कि पानी न आने के कारण वह नहा नहीं सके। कॉलोनी में तमाम परिवार रहते हैं। मगर, स्टेशन पर पानी की वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं है। हालांकि इतनी दिक्कत होने के बावजूद रेल कर्मचारियों से लेकर अधिकारी और सुरक्षा बल के लोग पानी की दिक्क्त होने के बावजूद समस्या पर खुलकर बोलने से बचते रहे।शनिवार दोपहर पंप का मोटर जल गया था, जिससे पानी सप्लाई में व्यवधान पड़ गया है। जला पंप निकलवाया जा रहा है। इसके बाद उसकी सफाई कराकर फिर नया मोटर डाला जाएगा। इसमें एक-दो दिन का समय लग सकता है। फिलहाल पानी के टैंकर के लिए नगर पालिका प्रशासन को फोन कर दिया है, जिससे कॉलोनी के लोगों को पानी की दिक्कत न हो। - तेज सिंह, आईडब्ल्यू, रेलवे स्टेशन लखीमपुर