{"_id":"6a09ff3faa277bbb2f08a2b3","slug":"village-girls-learn-new-earning-skills-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-175373-2026-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: गांव की बेटियों ने सीखे कमाई के नए हुनर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: गांव की बेटियों ने सीखे कमाई के नए हुनर
Sun, 17 May 2026 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 17 May 2026 11:17 PM IST
विज्ञापन
आरसेटी में प्रशिक्षण के बाद अधिकारियों के साथ महिलाएं। स्रोत एलडीएम
लखीमपुर खीरी। जिले में संचालित इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में संस्थान ने 1116 प्रशिक्षुओं को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का काम किया।
संस्थान की ओर से प्रशिक्षण पाने वालों में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक रही। एलडीएम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण लेने वालों में 892 महिलाएं और 224 पुरुष शामिल रहे। प्रशिक्षण के बाद 558 प्रशिक्षुओं ने बैंकों की सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने उद्यम स्थापित किए, जबकि 792 प्रतिभागियों ने स्वरोजगार शुरू किया।
आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने ब्यूटी पार्लर, सिलाई सेंटर, फैशन बुटीक, आइसक्रीम पार्लर, बीसी केंद्र, कंप्यूटर सेंटर, मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग और उर्वरक वितरण केंद्र जैसे कई छोटे-बड़े उद्यम शुरू किए हैं। इससे महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
विज्ञापन
विशेष बात यह रही कि प्रशिक्षण पाने वाली 702 महिलाएं बीपीएल श्रेणी से जुड़ी थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन महिलाओं ने प्रशिक्षण के जरिए अपनी प्रतिभा को पहचान दी और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए। गांवों की महिलाएं अब घर की चारदीवारी से निकलकर व्यवसाय और स्वरोजगार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
विज्ञापन
संस्थान की ओर से प्रशिक्षण पाने वालों में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक रही। एलडीएम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण लेने वालों में 892 महिलाएं और 224 पुरुष शामिल रहे। प्रशिक्षण के बाद 558 प्रशिक्षुओं ने बैंकों की सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने उद्यम स्थापित किए, जबकि 792 प्रतिभागियों ने स्वरोजगार शुरू किया।
विज्ञापन
आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने ब्यूटी पार्लर, सिलाई सेंटर, फैशन बुटीक, आइसक्रीम पार्लर, बीसी केंद्र, कंप्यूटर सेंटर, मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग और उर्वरक वितरण केंद्र जैसे कई छोटे-बड़े उद्यम शुरू किए हैं। इससे महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
विज्ञापन
विशेष बात यह रही कि प्रशिक्षण पाने वाली 702 महिलाएं बीपीएल श्रेणी से जुड़ी थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन महिलाओं ने प्रशिक्षण के जरिए अपनी प्रतिभा को पहचान दी और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए। गांवों की महिलाएं अब घर की चारदीवारी से निकलकर व्यवसाय और स्वरोजगार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।