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सत्यापन के फेर में फंसी आसरा योजना
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 18 Jun 2015 05:56 PM IST
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गरीबों के लिए शासन से चलाई गई आसरा योजना सत्यापन के फेर में फंस गई है। वर्ष 2014-15 में संचालित हुई इस योजना में 4833 लोगों का चयन किया गया है, लेकिन कई माह गुजरने के बाद भी सत्यापन का कार्य पूरा नहीं हुआ है। इसके अभाव में गरीबों के आवासों का निर्माण कार्य लटक गया है।
जिले में आसरा योजना के अंतर्गत नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अलग-अलग लाभार्थियों का चयन किया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक आसरा इनसी टू योजना में उन लोगों को शामिल किया गया है जो आवासहीन हैं और कच्चा घर बनाकर गुजारा कर रहे हैं, उनकी आय 72 हजार रुपये सालाना है। उन्हें आसरा योजना में शासन की ओर से एक कमरा, लैट्रीन-बाथरूम और किचन बनवाकर दिया जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि आवेदक के पास निर्धारित जमीन का मालिकाना हक हो। चयनित सूची में लखीमपुर में 699, खीरी टाउन में 1376, धौरहरा में 993, बरवर में 408, मैलानी में 243, पलिया में 250 और मोहम्मदी में 864 लोगों का योजना में चयन कर लिया गया है। यहां गौरतलब है कि लाभार्थियों की सूची बनने के बाद डीएम किंजल सिंह ने 18 मार्च 2015 को संबंधित क्षेत्रों के सभी एसडीएम को लाभार्थियों का सत्यापन कार्य पूरा कर लेने का निर्देश जारी किया था। जिसके बाद से तीन माह का समय गुजर गया है, लेकिन अब तक आसरा योजना में सत्यापन का कार्य पूरा नहीं हो सका है। इस संबंध में सभी एसडीएम को सत्यापन कार्य जल्द पूरा कर लेने के लिए कई बार रिमाइंडर भी जारी किया जा चुका है। फिर भी योजना में कोई प्रगति नहीं दिखाई दे रही है। इससे लाभार्थियों को मिलने वाले नए घर कर इंतजार बढ़ता जा रहा है।
एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि आसरा योजना में सत्यापन का कार्य तहसीलों और नगर पालिका को करना है। पिछले दिनों इस बाबत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। सत्यापन कार्य की वजह से योजना में देरी नहीं होने दी जाएगी। संबंधित अधिकारियों को फिर से सत्यापन कार्य में तेजी लाने को कहा गया है।
हर पात्र व्यक्ति को मिले योजना का लाभ
डीएम किंजल सिंह ने निर्देश दिया है कि आसरा योजना के तहत निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले सभी पात्र व्यक्तियों को इस योजना का लाभ दिलाया जाए। चयन में अगर कोई व्यक्ति छूट भी गया है तो उसे फिर से योजना में शामिल किया जाए और सत्यापन कर लाभार्थी को आवास दिया जाए।
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जिले में आसरा योजना के अंतर्गत नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अलग-अलग लाभार्थियों का चयन किया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक आसरा इनसी टू योजना में उन लोगों को शामिल किया गया है जो आवासहीन हैं और कच्चा घर बनाकर गुजारा कर रहे हैं, उनकी आय 72 हजार रुपये सालाना है। उन्हें आसरा योजना में शासन की ओर से एक कमरा, लैट्रीन-बाथरूम और किचन बनवाकर दिया जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि आवेदक के पास निर्धारित जमीन का मालिकाना हक हो। चयनित सूची में लखीमपुर में 699, खीरी टाउन में 1376, धौरहरा में 993, बरवर में 408, मैलानी में 243, पलिया में 250 और मोहम्मदी में 864 लोगों का योजना में चयन कर लिया गया है। यहां गौरतलब है कि लाभार्थियों की सूची बनने के बाद डीएम किंजल सिंह ने 18 मार्च 2015 को संबंधित क्षेत्रों के सभी एसडीएम को लाभार्थियों का सत्यापन कार्य पूरा कर लेने का निर्देश जारी किया था। जिसके बाद से तीन माह का समय गुजर गया है, लेकिन अब तक आसरा योजना में सत्यापन का कार्य पूरा नहीं हो सका है। इस संबंध में सभी एसडीएम को सत्यापन कार्य जल्द पूरा कर लेने के लिए कई बार रिमाइंडर भी जारी किया जा चुका है। फिर भी योजना में कोई प्रगति नहीं दिखाई दे रही है। इससे लाभार्थियों को मिलने वाले नए घर कर इंतजार बढ़ता जा रहा है।
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एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि आसरा योजना में सत्यापन का कार्य तहसीलों और नगर पालिका को करना है। पिछले दिनों इस बाबत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। सत्यापन कार्य की वजह से योजना में देरी नहीं होने दी जाएगी। संबंधित अधिकारियों को फिर से सत्यापन कार्य में तेजी लाने को कहा गया है।
हर पात्र व्यक्ति को मिले योजना का लाभ
डीएम किंजल सिंह ने निर्देश दिया है कि आसरा योजना के तहत निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले सभी पात्र व्यक्तियों को इस योजना का लाभ दिलाया जाए। चयन में अगर कोई व्यक्ति छूट भी गया है तो उसे फिर से योजना में शामिल किया जाए और सत्यापन कर लाभार्थी को आवास दिया जाए।
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