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बगहा गांव के दो और घर घाघरा नदी में समाए

Thu, 03 Sep 2020 01:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2020 01:59 AM IST
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Two more houses of Bagaha village merge into the Ghaghra River
धौरहरा (लखीमपुर खीरी) के बगहा गांव में कटान करती घाधरा नदी। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। रामनगर बगहा में कटान करती हुई घाघरा नदी निरंतर आगे बढ़ती चली आ रही है। मंगलवार की रात दो और घर घाघरा नदी की चपेट में आकर उसमें समा गए, जबकि करीब 20 घर नदी की जद में आ गए हैं, जो कभी भी नदी में समा सकते हैं। बुधवार को गांव पहुंचे तहसीलदार ने कटान पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी।
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घाघरा नदी ने दो दिन पहले गांव के छह घर निगल लिए थे, जबकि राजेंद्र प्रसाद, रामस्वरूप, मैनेजर, गया प्रसाद, भगवती, रमेश, रतिराम सहित 20 परिवारों के घर नदी की जद में आ गए। मंगलवार की रात नदी में गांव के ब्रह्मादीन, मिश्री लाल के घर भी समा गए। एसडीएम एस सुधाकरन ने गांव में कटान होता देख, ग्रामीणों को नदी से 50 मीटर की दूरी पर रहने के लिए अलर्ट जारी किया है। तहसीलदार अनिल यादव ने कटान पीड़ितों को राशन किट वितरित की।
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इसके अलावा घाघरा नदी गुलरिया तालुके अमेठी, बाछेपारा, जंगलमटेरा, संतरामपुरवा, गनापुर, पोखरा गांव में कटान करती आगे बढ़ी चली आ रही है। इधर शारदा नदी भी धीरे-धीरे रैनी गांव में कटान करती जा रही है। हालांकि यहां तीसरे दिन भी कोई घर नदी में नहीं कटा, लेकिन फसलों सहित जमीनें नदी में समा गई हैं। एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया कि गांव में राजस्व टीम मौजूद है, जो हर स्थिति पर नजर रख रही है। सभी कटान पीड़ितों को राशन किट दी जा रही है। अब तक करीब 18 गांवों में 6500 राशन किट बांटी जा चुकी हैं। संवाद
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नदी घटने के बाद भी इमलिया फार्म रोड पर चल रही नाव
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर बीते दो दिनों से लगातार घट रहा है। नदी अब खतरे के निशान से काफी नीचे पहुंच गई है। इसके बावजूद इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसके चलते ग्रामीण नाव से आवागमन करने को मजबूर हैं। नाव से वह इमलिया फार्म से मझौरा तक आकर पलिया पहुंच रहे हैं। उधर कम होती नदी ने कटान भी तेज कर दिया है। नदी बरुआ कलां व टेढ़ी फार्म में तेजी से कटान कर रही है।

बता दें कि बीते दो दिनों से शारदा नदी का जलस्तर काफी कम हो गया है। नदी खतरे के निशान से नीचे आ गई और जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार को भी नदी खतरे के निशान 154.100 सेमी से 23 सेमी नीचे 153.77 सेंटीमीटर पर बह रही थी। नदी का जलस्तर तो हालांकि लगातार गिर रहा है लेकिन रास्तों पर भरा पानी अभी कम नहीं हो रहा है। इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर अब भी पानी भरा हुआ है। जिसके चलते ग्रामीण नाव के सहारे मझौरा तक आवागमन कर रहे हैं। बाइक, साइकिल आदि नाव पर लादकर वह इमलिया फार्म के ऊंचे हिस्से से मझौरा तक आ रहे हैं। उधर कम होती नदी ने कटान भी तेजी से करना शुरू कर दिया है। नदी ने बरुआ कलां तथा टेढ़ी फार्म में कटान तेज कर दिया है। दौलतापुर रेलवे लाइन के पास नदी स्थिर है जबकि जंगल नंबर सात में भी नदी ने कटान कम कर दिया है। जिसके चलते यहां के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। संवाद
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