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Lakhimpur Kheri News: दो करोड़ खाते में, पांच साल में गांवों को बड़े विकास का इंतजार
Sat, 19 Sep 2026 11:16 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 19 Sep 2026 11:16 PM IST
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धौरहरा। क्षेत्र पंचायत का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया, लेकिन गांवों में सड़क, नाली और जलनिकासी जैसे जरूरी विकास कार्यों का इंतजार बना हुआ है।
क्षेत्र पंचायत के खाते में करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि होने के बावजूद इन बुनियादी सुविधाओं से जुड़े बड़े कार्य न होने पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी उसका अपेक्षित उपयोग नहीं हुआ।
क्षेत्र पंचायत की ओर से कुछ स्थानों पर वाटर कूलर आदि के काम जरूर कराए गए, लेकिन कई गांवों में जर्जर सड़कों और जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। कार्यकाल पूरा होने के बाद अब ग्रामीण यह सवाल उठा रहे हैं कि उपलब्ध धनराशि से सड़क, नाली और अन्य प्राथमिक जरूरतों के काम क्यों नहीं कराए गए।
हाल में सिसैया खुर्द में सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों के विरोध के बाद क्षेत्र पंचायत और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हुई है। ग्रामीण विभिन्न स्तरों पर सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
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कार्ययोजना के अनुसार होते हैं काम
बीडीओ धौरहरा सर्वेश तिवारी ने बताया कि क्षेत्र पंचायत की वार्षिक बैठक में कार्ययोजना तैयार की जाती है। उसी के अनुसार विकास कार्य कराए जाते हैं। कार्ययोजना से अलग काम कराने के लिए अनुपूरक बैठक जरूरी होती है। प्रशासक व्यवस्था होने के कारण यह बैठक नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि विधायक ने विकास कार्य कराने के लिए कहा है और उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार काम कराने का प्रयास किया जाएगा।
कितना पैसा खर्च हुआ, इसका भी सवाल
क्षेत्र पंचायत के खाते में करीब दो करोड़ रुपये होने की बात सामने आने के बाद अब यह भी सवाल उठ रहा है कि पांच साल के दौरान उपलब्ध धनराशि में से कितना पैसा खर्च हुआ और किन कार्यों पर खर्च किया गया। ग्रामीणों की अपेक्षा है कि क्षेत्र पंचायत की धनराशि से गांवों की प्राथमिक जरूरतों सड़क, नाली और जलनिकासी से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता मिले।
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क्षेत्र पंचायत के खाते में करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि होने के बावजूद इन बुनियादी सुविधाओं से जुड़े बड़े कार्य न होने पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी उसका अपेक्षित उपयोग नहीं हुआ।
क्षेत्र पंचायत की ओर से कुछ स्थानों पर वाटर कूलर आदि के काम जरूर कराए गए, लेकिन कई गांवों में जर्जर सड़कों और जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। कार्यकाल पूरा होने के बाद अब ग्रामीण यह सवाल उठा रहे हैं कि उपलब्ध धनराशि से सड़क, नाली और अन्य प्राथमिक जरूरतों के काम क्यों नहीं कराए गए।
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हाल में सिसैया खुर्द में सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों के विरोध के बाद क्षेत्र पंचायत और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हुई है। ग्रामीण विभिन्न स्तरों पर सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
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कार्ययोजना के अनुसार होते हैं काम
बीडीओ धौरहरा सर्वेश तिवारी ने बताया कि क्षेत्र पंचायत की वार्षिक बैठक में कार्ययोजना तैयार की जाती है। उसी के अनुसार विकास कार्य कराए जाते हैं। कार्ययोजना से अलग काम कराने के लिए अनुपूरक बैठक जरूरी होती है। प्रशासक व्यवस्था होने के कारण यह बैठक नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि विधायक ने विकास कार्य कराने के लिए कहा है और उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार काम कराने का प्रयास किया जाएगा।
कितना पैसा खर्च हुआ, इसका भी सवाल
क्षेत्र पंचायत के खाते में करीब दो करोड़ रुपये होने की बात सामने आने के बाद अब यह भी सवाल उठ रहा है कि पांच साल के दौरान उपलब्ध धनराशि में से कितना पैसा खर्च हुआ और किन कार्यों पर खर्च किया गया। ग्रामीणों की अपेक्षा है कि क्षेत्र पंचायत की धनराशि से गांवों की प्राथमिक जरूरतों सड़क, नाली और जलनिकासी से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता मिले।