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Lakhimpur Kheri News: झुके खंभे, झूलते तारों का मकड़जाल... जिले में यह है रीवैंप योजना का हाल

Tue, 16 Dec 2025 12:29 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 16 Dec 2025 12:29 AM IST
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Tilted poles, dangling wires... this is the state of the revamp scheme in the district
मिश्राना चौकी के पास एक स्कूल सामने नहीं कराया गया रीवैंप का काम, उलझे हुए तार। संवाद
लखीमपुर खीरी। शहर से लेकर गांवों तक विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए रीवैंप योजना में करोड़ों रुपये फूंक दिए गए। विद्युत निगम का दावा है कि 96 प्रतिशत काम पूरा भी करा लिया, लेकिन स्थिति अब भी दयनीय है।
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शहर से लेकर गांवों तक टूटे खंभे, झूलते तारों का मकड़जाल रीवैंप योजना का हाल बता रहे हैं। खास बात यह है कि योजना से संबंधित जिम्मेदार भी कुछ बताने से बच रहे हैं। रीवैंप योजना के पहले चरण में पुराने, जर्जर तारों, खंभों का बदलना, फीडरों का लोड बढ़ाना, आर्म्ड केबिल बिछाना आदि कार्य प्रस्तावित हैं। जिले में अप्रैल 2023 से जनवरी 2025 तक काम पूरा होना था, जो अब भी अधूरा है।
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समयसीमा के 11 माह बाद भी चार प्रतिशत काम बाकी है। रीवैंप के लिए 140 करोड़ रुपये समय पर दे दिए गए। लखीमपुर सर्किल को 88.50 व गोला को 51.5 करोड़ रुपये दिए, फिर भी काम में लापरवाही जारी है। लखीमपुर सर्किल में निघासन, मितौली और लखीमपुर डिवीजन हैं, जबकि गोला सर्किल में पलिया, गोला और मोहम्मदी डिवीजन आता है।
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योजना के तहत ये हुए काम
विभागीय सूत्रों के अनुसार, लखीमपुर सर्किल के कार्यों पर नजर डालें तो 21 हजार बिजली खंभों की जगह 20,818 लगाए गए। 900 में 815 किलोमीटर सर्किल तार बिछाए जा चुके है। जहां बिजली चोरी ज्यादा थी, वहां दो किलोमीटर सर्किल आर्म्ड केबिल बिछाने का दावा है। 11 हजार विद्युत लाइन का 900 किलोमीटर सर्किल में अब तक 822 किलोमीटर काम हो पाया। जर्जर विद्युत लाइन बदलने के लिए 12 किलोमीटर सर्किल का काम पूरा कराने का दावा है। लखीमपुर सर्किल के 74 फीडरों का काम होना है, जिसको भी लगभग पूरा कराने का दावा किया जा रहा। इतना ही नहीं लखीमपुर में चार, निघासन में एक और मितौली में सात फीडर लोड बढ़ाने का काम भी पूरा कराने का दावा है, जबकि शहर के गोटैयाबाग, मिश्राना मोहल्ला, ईदगाह सहित गांव क्षेत्र में काफी जगह काम अधूरा है।
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हर माह जारी होगा कटौती रोस्टर
रीवैंप योजना का अधूरा काम पूरा कराने के लिए हर माह कटौती रोस्टर जारी किया जाता है। बावजूद काम पूरा कराने में लापरवाही बरती जा रही है। इस माह भी 10 से 16 दिसंबर तक कटौती रोस्टर जारी किया गया, जिसमें दो से सात घंटे विद्युत कटौती की जा रही। रीवैंप के कार्यों की जिम्मेदारी एनसीसी कंपनी की है। कंपनी प्रतिनिधि सीनियर इंजीनियर रोहित कुमार व प्रोजेक्ट मैनेजर प्रशांत से जानकारी चाही, लेकिन किसी ने न तो फोन उठाया और न ही व्हाट्सएप पर संदेश का जवाब दिया।
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रीवैंप का काम करीब 96 प्रतिशत हो चुका है। शेष भी जल्द करा लिया जाएगा। काम क्या-क्या बचा है और किस वजह से, यह तो बताना थोड़ा मुश्किल है। कंपनी प्रतिनिधियों से पूछना पड़ेगा।
-शैलेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लखीमपुर डिवीजन
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जिले में जल्दी ही आया हूं। रीवैंप के कार्यों की ज्यादा जानकारी नहीं। संबंधितों से पूरी अपडेट लेने के बाद ही कुछ बता पाएंगे। अगर काम धीमा चल रहा है तो उसकी रफ्तार तेजी कराई जाएगी।

-ब्रह्मपाल, अधीक्षण अभियंता, लखीमपुर सर्किल
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मिश्राना चौकी के पास एक स्कूल सामने नहीं कराया गया रीवैंप का काम, उलझे हुए तार। संवाद

मिश्राना चौकी के पास एक स्कूल सामने नहीं कराया गया रीवैंप का काम, उलझे हुए तार। संवाद

मिश्राना चौकी के पास एक स्कूल सामने नहीं कराया गया रीवैंप का काम, उलझे हुए तार। संवाद

मिश्राना चौकी के पास एक स्कूल सामने नहीं कराया गया रीवैंप का काम, उलझे हुए तार। संवाद

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