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तिकुनिया हिंसा : तय नहीं हुए आरोप...अगली सुनवाई 24 को

Wed, 11 May 2022 12:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 12:38 AM IST
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Tikunia Violence: Charges not decided...next hearing on 24
पेशी पर जाता तिकुनिया कांड का मुख्य आरोपी आशीष मिश्र।
11 आरोपियों के डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र पर एक साथ होगी सुनवाई
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र मोनू पर मंगलवार को भी आरोप तय नहीं हो सके। आशीष मिश्र के अलावा अन्य आरोपियों की ओर से भी डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र दिया गया। इस पर जिला जज मुकेश मिश्र ने सभी की एक साथ सुनवाई करने के लिए अगली तारीख 24 मई तय कर दी।
दोपहर लगभग एक बजे जब केस की सुनवाई शुरू हुई तो डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने आशीष मिश्र के डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र को निराधार बताते हुए जिला जज के समक्ष अपनी लिखित आपत्ति पेश कर दी। कई पेज की आपत्ति में डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने अदालत को बताया कि प्रत्येक बिंदु की सघन जांच पहले ही की जा चुकी है। हत्या और जानलेवा हमले में आशीष मिश्र की भूमिका जांच में साबित पाई गई है। उसके खिलाफ आरोप पत्र पहले ही अदालत में पेश किया जा चुका है। कहा कि डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र में अन्य बिंदुओं को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, उनका जवाब रखने के लिये अभियुक्त आशीष मिश्र को न्यायिक प्रक्रिया के तहत 313 सीआरपीसी के स्तर पर अवसर उपलब्ध है। यानी अभियुक्त को अपनी सफाई रखने का आगे अवसर मिलेगा। लिहाजा अभी दिया गया डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज किए जाने योग्य है। इस पर जिला जज ने अभी कोई निर्णय न लेकर अन्य आरोपियों की ओर से भी इसी तरह के प्रार्थना पत्र व सरकार की आपत्ति को सुनकर एक साथ निपटारा करने का मन बनाया। अन्य आरोपियों की ओर से दाखिल डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र पर आपत्तियां मांगते हुए राज्य सरकार को 10 दिन की मोहलत दी और मामले में सुनवाई की अगली तारीख 24 मई नियत कर दी।
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आशीष के अलावा 11 अन्य अभियुक्तों ने दी भी चार्जशीट को चुनौती
लखीमपुर खीरी। महीनों पहले आशीष मिश्र के जिला अदालत में डिस्चार्ज एप्लीकेशन देने के बाद मंगलवार को अन्य 10 सहआरोपियों ने भी जिला अदालत में डिस्चार्च प्रार्थनापत्र दाखिल करते हुए एसआईटी की जांच पर सवाल उठाए और चार्जशीट को चुनौती दी। कहा कि इन सबूतों के आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
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आरोपियों के वकीलों ने बताया कि उनके मुवक्किलों के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने भर तक का कोई सबूत नहीं है। पूरा मुकदमा बेबुनियाद तथ्यों पर टिका है। इस पर अदालत ने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्रों पर आपत्ति पेश करने के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी को निर्देशित किया कि मंगलवार को डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र देने वाले 11 अभियुक्तों के खिलाफ दस दिन के अंदर आपत्तियां दाखिल की जाएं। इसके साथ ही इन 11 आरोपियों की अर्जी की कॉपी सरकारी वकील को उपलब्ध कराई।
मंगलवार को इन 11 अभियुक्तों ने दी डिस्चार्ज एप्लीकेशन
लखीमपुर खीरी। मंगलवार को सह अभियुक्त रिंकू राणा, लवकुश व धर्मेंद्र बंजारा की ओर से जिला अदालत में वकील मुकद्दर गिरि, आशीष सिंह चौहान ने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दिया। शेखर भारती, नंदन सिंह बिष्ट, लतीफ उर्फ काले, सत्यम त्रिपाठी और अंकित दास की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने अलग-अलग 60 पेज के डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र अदालत मे प्रस्तुत किए। वहीं, उल्लास उर्फ मोहित त्रिवेदी, सुमित जायसवाल और आशीष पांडे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम आशीष मिश्र ने जिला अदालत में डिस्चार्ज एप्लीकेशन दाखिल की। संवाद

चेहरे पर शिकन नहीं 
पुलिस फोर्स के बीच कचहरी में दाखिल आशीष मिश्र मोनू के चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखी। वह बार-बार अपनी भाव भंगिमाएं बदलता रहा। कचहरी में कुछ लोगों ने उससे मिलने का भी प्रयास किया। वहीं कुछ लोग उसे आते देख कन्नी काट गए।
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