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हमलावर बाघ की लोकेशन नहीं, भीरा रेंज मेें पिपरिया भूड़ गांव के पास मार डाला था किसान को
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा रेंज मेें पिपरिया भूड़ गांव के पास एक किसान को निवाला बनाने वाला बाघ ऐसा लापता हुआ कि वन विभाग को उसकी लोकेशन पता लगाने में ही पसीने छूट गए। घटना के आठ दिन बाद भी न तो कहीं बाघ के पगचिह्न मिले हैं न ही कहीं इसकी झलक दिखाई पड़ी है। वन विभाग ही नहीं क्षेत्र के ग्रामीण भी सकते में हैं कि आखिर बाघ कहां लापता हो गया।
वन विभाग ने बाघ की लोकेशन जानने के लिए ड्रोन उड़ाए। खेतों की खाक छान कर पगचिह्न तलाशे। प्रभावित इलाके में पांच कैमरे भी लगाए, लेकिन वन विभाग के हाथ खाली ही रहे। किसी भी कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद नहीं हुई, न ही ड्रोन पता लगा सका। वन विभाग अब यह अनुमान लगा रहा है कि बाघ खेतों से निकल कर जिस रास्ते से आया था उसी रास्ते से होता हुआ जंगल वापस चला गया है। फिर भी एहतियातन वन विभाग की टीमें निगरानी में लगी हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि एहतियातन क्षेत्र की निगरानी जारी रहेगी और कैमरे भी लगे रहेंगे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वत किया कि बाघ जंगल में वापस जा चुका है। फिर भी एहतियातन सतर्कता बरतें।
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वन विभाग ने बाघ की लोकेशन जानने के लिए ड्रोन उड़ाए। खेतों की खाक छान कर पगचिह्न तलाशे। प्रभावित इलाके में पांच कैमरे भी लगाए, लेकिन वन विभाग के हाथ खाली ही रहे। किसी भी कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद नहीं हुई, न ही ड्रोन पता लगा सका। वन विभाग अब यह अनुमान लगा रहा है कि बाघ खेतों से निकल कर जिस रास्ते से आया था उसी रास्ते से होता हुआ जंगल वापस चला गया है। फिर भी एहतियातन वन विभाग की टीमें निगरानी में लगी हैं।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि एहतियातन क्षेत्र की निगरानी जारी रहेगी और कैमरे भी लगे रहेंगे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वत किया कि बाघ जंगल में वापस जा चुका है। फिर भी एहतियातन सतर्कता बरतें।
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