फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   There were even a year later the price of ginger panjeeri

एक साल बाद भी नहीं मिले सोंठ पंजीरी के दाम 

Tue, 03 May 2016 11:26 PM IST
ब्यूरो निघासन।
ब्यूरो निघासन। Updated Tue, 03 May 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
There were even a year later the price of ginger panjeeri
- फोटो : demo pics

विज्ञापन
- जननी सुरक्षा के 1400 रुपये की धनराशि पाने के लिए भटक रहे लाभार्थी
- सीएचसी प्रभारी ने बाबू और डेटा इंट्री आपरेटर के खिलाफ भेजी रिपोर्ट 

सीएचसी में प्रसव के दौरान जननी सुरक्षा के तहत मिलने वाले सोंठ पंजीरी के दाम लाभार्थियों को नहीं मिल सके हैं। एक साल से लाभार्थी 1400 रुपये की धनराशि पाने के  लिए सीएचसी के चक्कर काट रहीं हैं। आशा बहुएं भी लाभार्थी को भुगतान न मिलने के कारण परेशान हैं। सीएचसी प्रभारी ने बाबू और डेटा इंट्री आपरेटर की लापरवाही से भुगतान में देरी की शिकायत डीएम और सीएमओ से की है।
सीएचसी में प्रत्येक माह में करीब दो सौ से चार सौ तक प्रसव कराए जाते हैं। वर्ष 2015 में 3600 महिलाओं के प्रसव सीएचसी में कराए गए थे। आरोप है कि सीएचसी में तैनात लिपिक और डेटा आपरेटर की लापरवाही के चलते प्रसूता को जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाला लाभ नहीं मिल पाया है। प्रसूता दीपा पत्नी दिलीप, ममता पत्नी मोहित, रामदेवी पत्नी संतोष, तारावती पत्नी दिलीप निवासी रकेहटी, हुस्नबानों पत्नी अजीम, जानेजहां पत्नी अलाउद्दीन, रेशमा  पत्नी बसरूद्दीन निवासी बुद्धीपुरवा ने बताया कि वर्ष 2015 में प्रसव के लिए आशा सीएचसी लेकर गई थी। वहां पर बच्चे को जन्म देने के बाद सोंठ पंजीरी के लिए 1400 रुपये की धनराशि मिलनी थी। बैंक का खाता नंबर और सारे कागज जमा करने के बाद भी आज भी धनराशि खाते में नहीं पहुंची है। एक साल से सीएचसी के चक्कर काट रहे हैं। आधे से अधिक रुपये खर्च हो गए हैं और सीएचसी में आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। 
विज्ञापन


प्रसव के तुंरत बाद खाते में जाना चाहिए था भुगतान 
शासन की गाइड लाइन के अनुसार प्रसव के दो दिनों के अंदर लाभार्थी के खाते में धनराशि पहुंचनी चाहिए। आरोप है कि बाबू और डेटा आपरेटर की मनमानी के चलते धनराशि खाते में नहीं पहुंच रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएचसी प्रभारी ने भेजी रिपोर्ट 
सीएचसी प्रभारी लालजी पासी ने कई बार लिखित और मौखिक रूप से बाबू से प्रसूता के खाते में  पैसा भेजने को कहा, लेकिन लापरवाही के चलते उन्होंने खाते में पैसा नहीं भेजा। सीएचसी प्रभारी ने मामले की लिखित शिकायत डीएम और सीएमओ से की है।

नए साल का भी नहीं हुआ है भुगतान 
सीएचसी में जनवरी से लेकर अप्रैल तक हुए प्रसव का पैसा भी प्रसूताओं को नहीं मिल पाया है। पैसा न मिलने के कारण कई बार बाबू और आशा बहुओं तथा लाभार्थी में विवाद भी हो चुका है। 

प्रसव के दौरान फीस के नाम पर 250 रुपये लेने का आरोप 
प्रसूता रानी, चमेली, सरस्वती, विनीता, रामदेवी आदि ने आरोप लगाया है कि सीएचसी में ड्यूटी पर तैनात एएनम और आशा बहुएं 250 रुपये फीस के नाम पर वसूल करती हैं। एएनम कहती हैं कि यह शुल्क जमा करने के बाद  ही 1400 रुपये दिए जाएंगे। न देने पर ठीक से मरीज को देखा भी नहीं जाता है।  

 
यह सच है कि लापरवाही के चलते प्रसूताओं को भुगतान नहीं  मिला है। डीएम और सीएमओ को बाबू और डेटा आपरेटर के खिलाफ पत्र लिखा है। प्रसव के दौरान पैसा लेने की शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 
- लालजी पासी, सीएचसी प्रभारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed