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Lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल में चार लिफ्ट, चल रही सिर्फ एक
Wed, 29 Oct 2025 11:44 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 29 Oct 2025 11:44 PM IST
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जिला अस्पताल में खराब पड़ी लिफ्ट। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में लगीं चार लिफ्ट में महज एक ही चल रही है। यह भी काफी अंदर है। इसलिए मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्हें जीने या रैंप से आना-जाना पड़ रहा है। भर्ती मरीजों को जांच वगैरह के लिए लाने और ले जाने में स्टाफ भी परेशान हो रहा है। इधर, जिम्मेदार जल्द ही इसे सही कराने का दावा कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल के तीन मंजिला भवन में ओपीडी कक्ष संख्या एक से नौ तक भूतल तथा दूसरे तल पर 10 से 26 तक कक्षों में भी मरीजों को डॉक्टर देखते हैं। दिवाली के बाद बदलते मौसम की वजह से इन दिनों 1200-1500 मरीजों की ओपीडी हो रही है।
ताज्जुब की बात तो यह है कि द्वितीय मंजिल पर कक्ष संख्या 11 में फिजियोथेरिपी, 16 में छाती रोग, 18-19 में आंखों के मरीज देखे जाते हैं। यहां उम्रदराज मरीज सबसे अधिक संख्या में पहुंचते हैं। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर आयुष, आइसोलेशन, अस्थि रोग, टीवी व प्राइवेट वार्ड तथा द्वितीय मंजिल पर बच्चों, जनरल पुरुष, महिला, वृद्धजन के लिए वार्ड बनाए गए हैं। सभी मरीजों के पास उनकी देखरेख करने के लिए एक से दो तीमारदार होते हैं।
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जिला अस्पताल में छह माह पहले ही चारों लिफ्ट शुरू हुई थी। मरीजों की सुविधा के लिए इसे तीन साल पहले लाखों की लागत से लगवाया गया था। संचालित होने के बाद भी लिफ्ट आए दिन खराब रहती है। इस कारण अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाना हो या भर्ती मरीजों को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड के लिए वार्ड से लाना-ले जाना या फिर तीमारदारों को रोजमर्रा की जरूरतें, दवा आदि लाने के लिए जाना हो तो उन्हें जीना व रैंप का ही इस्तेमाल करना पड़ता है। कई बार चढ़ने-उतरने से उनकी सांस फूल जाती है।
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लोग बोले-सीढि़यां चढ़ने में फूल जाती है सांस
जिला अस्पताल में जांच कराने व दवा लेने आए मरीज शिवकुमार, किशन गुप्ता, विजय, रानी, कुबेर, संगीता व आशुतोष ने बताया कि लिफ्ट खराब होने से उन्हें जीना या रैंप से आना-जाना पड़ रहा है। वहीं, जिनके मरीज अस्पताल की तीसरी मंजिल पर भर्ती हैं, उन्हें दिन में करीब पांच-छह बार सीढ़ियों से ही आना-जाना पड़ रहा है। हर बार सीढ़ी चढ़ने पर सांस फूल जाती है।
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लिफ्ट खराब होने की जानकारी इसे लगाने वाली संस्था के तकनीशियन को दे दी गई है। जल्द ही वे इसे ठीक कर देंगे। हालांकि, एक लिफ्ट चल रही है।
डॉ. आरके कोली, सीएमएस, जिला अस्पताल
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मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल के तीन मंजिला भवन में ओपीडी कक्ष संख्या एक से नौ तक भूतल तथा दूसरे तल पर 10 से 26 तक कक्षों में भी मरीजों को डॉक्टर देखते हैं। दिवाली के बाद बदलते मौसम की वजह से इन दिनों 1200-1500 मरीजों की ओपीडी हो रही है।
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ताज्जुब की बात तो यह है कि द्वितीय मंजिल पर कक्ष संख्या 11 में फिजियोथेरिपी, 16 में छाती रोग, 18-19 में आंखों के मरीज देखे जाते हैं। यहां उम्रदराज मरीज सबसे अधिक संख्या में पहुंचते हैं। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर आयुष, आइसोलेशन, अस्थि रोग, टीवी व प्राइवेट वार्ड तथा द्वितीय मंजिल पर बच्चों, जनरल पुरुष, महिला, वृद्धजन के लिए वार्ड बनाए गए हैं। सभी मरीजों के पास उनकी देखरेख करने के लिए एक से दो तीमारदार होते हैं।
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जिला अस्पताल में छह माह पहले ही चारों लिफ्ट शुरू हुई थी। मरीजों की सुविधा के लिए इसे तीन साल पहले लाखों की लागत से लगवाया गया था। संचालित होने के बाद भी लिफ्ट आए दिन खराब रहती है। इस कारण अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाना हो या भर्ती मरीजों को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड के लिए वार्ड से लाना-ले जाना या फिर तीमारदारों को रोजमर्रा की जरूरतें, दवा आदि लाने के लिए जाना हो तो उन्हें जीना व रैंप का ही इस्तेमाल करना पड़ता है। कई बार चढ़ने-उतरने से उनकी सांस फूल जाती है।
लोग बोले-सीढि़यां चढ़ने में फूल जाती है सांस
जिला अस्पताल में जांच कराने व दवा लेने आए मरीज शिवकुमार, किशन गुप्ता, विजय, रानी, कुबेर, संगीता व आशुतोष ने बताया कि लिफ्ट खराब होने से उन्हें जीना या रैंप से आना-जाना पड़ रहा है। वहीं, जिनके मरीज अस्पताल की तीसरी मंजिल पर भर्ती हैं, उन्हें दिन में करीब पांच-छह बार सीढ़ियों से ही आना-जाना पड़ रहा है। हर बार सीढ़ी चढ़ने पर सांस फूल जाती है।
लिफ्ट खराब होने की जानकारी इसे लगाने वाली संस्था के तकनीशियन को दे दी गई है। जल्द ही वे इसे ठीक कर देंगे। हालांकि, एक लिफ्ट चल रही है।
डॉ. आरके कोली, सीएमएस, जिला अस्पताल