{"_id":"68f92b55b8b8084f9b016b28","slug":"the-way-is-clear-for-43000-beneficiaries-to-receive-samman-nidhi-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1001-158947-2025-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: 43 हजार लाभार्थियों को सम्मान निधि मिलने का रास्ता साफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: 43 हजार लाभार्थियों को सम्मान निधि मिलने का रास्ता साफ
Thu, 23 Oct 2025 12:37 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 23 Oct 2025 12:37 AM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जनपद के 43 हजार लाभार्थियों को सम्मान निधि मिलने का रास्ता साफ हो गया। फार्मर रजिस्ट्री बनवाने सहित अन्य प्रक्रिया करने के बाद लाभार्थियों को किस्त दी जाएगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दो अगस्त को जिले के 5.06 लाख किसानों के बैंक खाते में 20वीं किस्त भेजी गई थी। 43 हजार लाभार्थियों की किस्त रोक दी गई थी। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने बताया कि चार कारणों से किस्त होल्ड की गई थी, जिसमें पूर्व व वर्तमान लाभार्थी एक ही जमीन पर लाभ लेने वाले हैं।
पूर्व लाभार्थियों का अधूरा विवरण आदि कई कारण रहे थे। अब भारत सरकार ने इसका समाधान निकाला है। किसानों को सबसे पहले अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवानी है। उसके बाद चार प्रकार के अस्थायी रूप से होल्ड किए गए डाटा के सत्यापन, अपडेट, एडिट के लिए पीएम किसान पोर्टल पर उपलब्ध टैब के माध्यम से किसान खुद ही जनसेवा केंद्र के माध्यम से अप्लाई/अपडेट कराए।
विज्ञापन
अपडेशन के बाद डाटा ओपन सोर्स के बाद सत्यापन होगा। उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की है कि अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाते के साथ ही जरूरी अभिलेख प्राविधिक सहायक (कृषि) को उपलब्ध कराए।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दो अगस्त को जिले के 5.06 लाख किसानों के बैंक खाते में 20वीं किस्त भेजी गई थी। 43 हजार लाभार्थियों की किस्त रोक दी गई थी। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने बताया कि चार कारणों से किस्त होल्ड की गई थी, जिसमें पूर्व व वर्तमान लाभार्थी एक ही जमीन पर लाभ लेने वाले हैं।
विज्ञापन
पूर्व लाभार्थियों का अधूरा विवरण आदि कई कारण रहे थे। अब भारत सरकार ने इसका समाधान निकाला है। किसानों को सबसे पहले अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवानी है। उसके बाद चार प्रकार के अस्थायी रूप से होल्ड किए गए डाटा के सत्यापन, अपडेट, एडिट के लिए पीएम किसान पोर्टल पर उपलब्ध टैब के माध्यम से किसान खुद ही जनसेवा केंद्र के माध्यम से अप्लाई/अपडेट कराए।
विज्ञापन
अपडेशन के बाद डाटा ओपन सोर्स के बाद सत्यापन होगा। उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की है कि अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाते के साथ ही जरूरी अभिलेख प्राविधिक सहायक (कृषि) को उपलब्ध कराए।