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Lakhimpur Kheri News: सेप्टीसीमिया से हुई थी बाघ की मौत
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बांकेगंज। दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला रेंज में बरौंछा नाले में सोमवार शाम मिले बाघ के शव का मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें बाघ की मौत सेप्टीसीमिया से होने की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने अंजनी कुमार ने भी मौके का निरीक्षण किया।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला रेंज अंतर्गत सिकंदरपुर बीट में लोहिया पुल के पास बरौंछा नाले में सोमवार शाम बाघ का शव मिला था। मौके पर पहुंचे अफसरों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार सुबह गोला रेंज परिसर में बाघ के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसमें बाघ की मौत सेप्टीसीमिया से होने की पुष्टि हुई है। पैनल में दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, बांकेगंज के पशु चिकित्सक डॉ. अंकुर वर्मा और अलीगंज के डॉ. सुरेश शामिल थे।
पोस्टमार्टम से पहले प्रदेश के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अंजनी कुमार आचार्य ने घटनास्थल व बाघ के शव का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान डीएफओ साउथ संजय बिस्वाल, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के रोहित रवी, डब्ल्यूटीआई सी प्रांजलि भुजबल, रेंजर गोला संजीव तिवारी मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए की गाइडलाइन के तहत बाघ के शव को जला दिया गया।
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250 किलोग्राम से ज्यादा था बाघ का वजन
बाघ की लंबाई 208 सेमी थी। उसका वजन 250 किलोग्राम यानी ढाई क्विंटल से ज्यादा था। उम्र आठ साल से अधिक थी। वयस्क बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए थे। शरीर में जहर का कोई अंश नहीं पाया गया। इससे जाहिर है कि बाघ की मौत शिकार या शिकार के प्रयास में नहीं हुई थी।
बैक्टीरियल इन्फेक्शन है सेप्टीसीमिया
सेप्टीसीमिया बीमारी एक तरह का बैक्टीरियल इन्फेक्शन है। पशु चिकित्सकों के मुताबिक यह बैक्टीरियल इन्फेक्शन तेजी से बढ़कर पूरे शरीर में फैल जाता है। इससे शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं और मौत हो जाती है। पोस्टमार्टम के बाद बाघ का विसरा प्रिजर्व करके जांच के लिए आईवीआरआई भेजा गया है।
बरौंछा नाले में मृत मिले बाघ का पोस्टमार्टम तीन डाॅक्टरों के पैनल से कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ की मौत सेप्टीसीमिया बीमारी से होने की पुष्टि हुई है। विसरा सुरक्षित कर इसे जांच के लिए आईवीआरआई, बरेली भेजा गया है। -संजय बिस्वाल, डीएफओ, दक्षिण खीरी वन प्रभाग
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दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला रेंज अंतर्गत सिकंदरपुर बीट में लोहिया पुल के पास बरौंछा नाले में सोमवार शाम बाघ का शव मिला था। मौके पर पहुंचे अफसरों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार सुबह गोला रेंज परिसर में बाघ के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसमें बाघ की मौत सेप्टीसीमिया से होने की पुष्टि हुई है। पैनल में दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, बांकेगंज के पशु चिकित्सक डॉ. अंकुर वर्मा और अलीगंज के डॉ. सुरेश शामिल थे।
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पोस्टमार्टम से पहले प्रदेश के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अंजनी कुमार आचार्य ने घटनास्थल व बाघ के शव का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान डीएफओ साउथ संजय बिस्वाल, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के रोहित रवी, डब्ल्यूटीआई सी प्रांजलि भुजबल, रेंजर गोला संजीव तिवारी मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए की गाइडलाइन के तहत बाघ के शव को जला दिया गया।
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250 किलोग्राम से ज्यादा था बाघ का वजन
बाघ की लंबाई 208 सेमी थी। उसका वजन 250 किलोग्राम यानी ढाई क्विंटल से ज्यादा था। उम्र आठ साल से अधिक थी। वयस्क बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए थे। शरीर में जहर का कोई अंश नहीं पाया गया। इससे जाहिर है कि बाघ की मौत शिकार या शिकार के प्रयास में नहीं हुई थी।
बैक्टीरियल इन्फेक्शन है सेप्टीसीमिया
सेप्टीसीमिया बीमारी एक तरह का बैक्टीरियल इन्फेक्शन है। पशु चिकित्सकों के मुताबिक यह बैक्टीरियल इन्फेक्शन तेजी से बढ़कर पूरे शरीर में फैल जाता है। इससे शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं और मौत हो जाती है। पोस्टमार्टम के बाद बाघ का विसरा प्रिजर्व करके जांच के लिए आईवीआरआई भेजा गया है।
बरौंछा नाले में मृत मिले बाघ का पोस्टमार्टम तीन डाॅक्टरों के पैनल से कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ की मौत सेप्टीसीमिया बीमारी से होने की पुष्टि हुई है। विसरा सुरक्षित कर इसे जांच के लिए आईवीआरआई, बरेली भेजा गया है। -संजय बिस्वाल, डीएफओ, दक्षिण खीरी वन प्रभाग