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नौ सीडीपीओ को किया नोटिस जारी
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 19 May 2016 10:10 PM IST
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- राज्य पोषण मिशन के तहत कुपोषण मिटाने में बरती लापरवाही
- जनवरी से मार्च तक एक भी अतिकुपोषित बच्चे को नहीं कराया भर्ती
- सीएमओ ने भी संबंधित मेडिकल ऑफिसर्स को दी नोटिस
राज्य पोषण मिशन के तहत कुपोषण को मिटाने के लिए चलाई जा रही योजना में नौ ब्लाकों के सीडीपीओ और मेडिकल आफिसर्स ने लापरवाही की हद ही कर दी। जनवरी से मार्च 2016 तक धौरहरा, पसगवां, बेहजम, कुंभी, पलिया, फूलबेहड़, निघासन, रमियाबेहड़ और मितौली ब्लाक क्षेत्र से एक भी अतिकुपोषित बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती नहीं कराया गया। अप्रैल में सिर्फ एक अतिकुपोषित बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कराया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे ने सभी नौ सीडीपीओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया हैै। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
बता दें कि राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम के तहत गांवों में चिह्नित किए गए अतिकुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाना हैै। इस संबंध में सभी ब्लाकों के सीडीपीओ और सीएचसी के मेडिकल आफिसर्स को पूर्व में ही कड़े निर्देश जा चुके थे। इसके बावजूद कई अधिकारी शासन की मंशा को धता बताते हुए राज्य पोषण मिशन को पलीता लगा रहे थे, जिससे गांवों में कुपोषित बच्चों का उचित इलाज नहीं हो पा रहा हैै। राज्य पोषण मिशन की जिलास्तरीय समीक्षा में पोषण पुनर्वास केंद्र की रिपोर्ट ने नौ ब्लाकों के अधिकारियों की कलई खोलकर रख दी है। जनवरी 2016 से मार्च 2016 तक जिले के 15 ब्लाकों में से धौरहरा, पसगवां, बेहजम, कुंभी, पलिया, फूलबेहड़, निघासन, रमियाबेहड़ और मितौली ब्लाक क्षेत्र से एक भी अतिकुपोषित बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती नहीं कराया गया था। अप्रैल माह में सिर्फ एक ब्लाक से एक बच्चे को भर्ती कराया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम आकाशदीप के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अमलेंद्र दुबे ने धौरहरा की प्रभारी सीडीपीओ बीना वर्मा, पसगवां की मिथलेश, बेहजम की सरिता वर्मा, कुंभी की मंजू गुप्ता, पलिया की सुमन, फूलबेहड़ की सुधा गुप्ता, निघासन की ऊषा अग्निहोत्री, रमियाबेहड़ के शीतला प्रसाद और मितौली की सीडीपीओ शारदा देवी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। निश्चित समय में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने की दशा में वेतन बाधित करने की चेतावनी दी गई है। उधर, सीएमओ डॉ. अरुण कुमार ने भी इन्हीं नौ ब्लाकों के मेडिकल आफिसर्स को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
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- जनवरी से मार्च तक एक भी अतिकुपोषित बच्चे को नहीं कराया भर्ती
- सीएमओ ने भी संबंधित मेडिकल ऑफिसर्स को दी नोटिस
राज्य पोषण मिशन के तहत कुपोषण को मिटाने के लिए चलाई जा रही योजना में नौ ब्लाकों के सीडीपीओ और मेडिकल आफिसर्स ने लापरवाही की हद ही कर दी। जनवरी से मार्च 2016 तक धौरहरा, पसगवां, बेहजम, कुंभी, पलिया, फूलबेहड़, निघासन, रमियाबेहड़ और मितौली ब्लाक क्षेत्र से एक भी अतिकुपोषित बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती नहीं कराया गया। अप्रैल में सिर्फ एक अतिकुपोषित बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कराया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे ने सभी नौ सीडीपीओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया हैै। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
बता दें कि राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम के तहत गांवों में चिह्नित किए गए अतिकुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाना हैै। इस संबंध में सभी ब्लाकों के सीडीपीओ और सीएचसी के मेडिकल आफिसर्स को पूर्व में ही कड़े निर्देश जा चुके थे। इसके बावजूद कई अधिकारी शासन की मंशा को धता बताते हुए राज्य पोषण मिशन को पलीता लगा रहे थे, जिससे गांवों में कुपोषित बच्चों का उचित इलाज नहीं हो पा रहा हैै। राज्य पोषण मिशन की जिलास्तरीय समीक्षा में पोषण पुनर्वास केंद्र की रिपोर्ट ने नौ ब्लाकों के अधिकारियों की कलई खोलकर रख दी है। जनवरी 2016 से मार्च 2016 तक जिले के 15 ब्लाकों में से धौरहरा, पसगवां, बेहजम, कुंभी, पलिया, फूलबेहड़, निघासन, रमियाबेहड़ और मितौली ब्लाक क्षेत्र से एक भी अतिकुपोषित बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती नहीं कराया गया था। अप्रैल माह में सिर्फ एक ब्लाक से एक बच्चे को भर्ती कराया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम आकाशदीप के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अमलेंद्र दुबे ने धौरहरा की प्रभारी सीडीपीओ बीना वर्मा, पसगवां की मिथलेश, बेहजम की सरिता वर्मा, कुंभी की मंजू गुप्ता, पलिया की सुमन, फूलबेहड़ की सुधा गुप्ता, निघासन की ऊषा अग्निहोत्री, रमियाबेहड़ के शीतला प्रसाद और मितौली की सीडीपीओ शारदा देवी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। निश्चित समय में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने की दशा में वेतन बाधित करने की चेतावनी दी गई है। उधर, सीएमओ डॉ. अरुण कुमार ने भी इन्हीं नौ ब्लाकों के मेडिकल आफिसर्स को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
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