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Lakhimpur Kheri News: वार्डों तक ऑक्सीजन पहुंचाने वाली लाइन ठप, मशीनें बनीं सहारा
Wed, 26 Aug 2026 01:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 26 Aug 2026 01:01 AM IST
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जिला अस्पताल के वृद्धजन वार्ड में मरीजों को कंसंट्रेटर से दी जा रही ऑक्सीजन। संवाद
ओयल। एमसीएच विंग स्थित जिला अस्पताल में वार्डों तक ऑक्सीजन पहुंचाने वाली पाइपलाइन करीब एक माह से बंद है। पाइपलाइन होने के बावजूद मरीजों को विद्युत संचालित कंसंट्रेटर और सिलिंडर से ऑक्सीजन दी जा रही है।
कोविड के दौरान यहां जिले का सबसे बड़ा ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी वार्ड और इमरजेंसी आईसीयू हैं। प्रथम तल पर ईएनटी, डेंगू, सर्जिकल मेल-फीमेल, नेत्र, जेडीयू/आईसीयू, दूसरे तल पर एनआरसी, चिल्ड्रेन, पीकू, जनरल महिला, पुरुष और वृद्धजन वार्ड हैं। तीसरे तल पर आयुष्मान, आइसोलेशन, डीवीडी, बर्न, टीवी, लावारिस, प्राइवेट, आर्थो और स्किन वार्ड हैं। इनमें करीब 80-100 मरीज भर्ती रहते हैं।
अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, ऑक्सीजन प्लांट से लाइन में जाने वाली सप्लाई करीब एक माह से बंद है। जिरियाट्रिक वार्ड में बरसा गांव से आए तीमारदार रामचंद्र ने बताया कि मरीज के भर्ती होने के बाद से मशीन से ऑक्सीजन दी जा रही है, जबकि बेड तक लाइन लगी है। तीमारदार जगरूना ने भी कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन मिलने की बात कही। मोहन लाल और ललिता देवी ने भी भर्ती होने के बाद से कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दिए जाने की बात बताई।
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ऑक्सीजन प्लांट के दोनों कंप्रेशर सही कराए जा चुके हैं। इसकी टेस्टिंग होनी है। जरूरत के हिसाब से प्लांट को चलाया जा रहा है।
-डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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कोविड के दौरान यहां जिले का सबसे बड़ा ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी वार्ड और इमरजेंसी आईसीयू हैं। प्रथम तल पर ईएनटी, डेंगू, सर्जिकल मेल-फीमेल, नेत्र, जेडीयू/आईसीयू, दूसरे तल पर एनआरसी, चिल्ड्रेन, पीकू, जनरल महिला, पुरुष और वृद्धजन वार्ड हैं। तीसरे तल पर आयुष्मान, आइसोलेशन, डीवीडी, बर्न, टीवी, लावारिस, प्राइवेट, आर्थो और स्किन वार्ड हैं। इनमें करीब 80-100 मरीज भर्ती रहते हैं।
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अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, ऑक्सीजन प्लांट से लाइन में जाने वाली सप्लाई करीब एक माह से बंद है। जिरियाट्रिक वार्ड में बरसा गांव से आए तीमारदार रामचंद्र ने बताया कि मरीज के भर्ती होने के बाद से मशीन से ऑक्सीजन दी जा रही है, जबकि बेड तक लाइन लगी है। तीमारदार जगरूना ने भी कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन मिलने की बात कही। मोहन लाल और ललिता देवी ने भी भर्ती होने के बाद से कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दिए जाने की बात बताई।
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ऑक्सीजन प्लांट के दोनों कंप्रेशर सही कराए जा चुके हैं। इसकी टेस्टिंग होनी है। जरूरत के हिसाब से प्लांट को चलाया जा रहा है।
-डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज