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नेताओं की समीक्षा में अफसरों को छूटा पसीना
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 13 Aug 2016 10:13 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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जर्जर सड़कों और दूषित पानी का छाया रहा मुद्दा
बढ़ते हादसों पर अधिकारियों को घेरा, मांगा जवाब
जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति की बैठक में सांसद ने की समीक्षा
पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के अधिकारी रहे निशाने पर
एटा-इटावा के ठेकेदारों के नाम पर जताया रोष
पेंशन योजनाओं में लाभार्थियों का लक्ष्य बढ़ाने पर जोर
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में खराब सड़कों पर हादसों में लगातार बढ़ रही मौतों का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई अधिकारियों को घेरने के अंदाज में सवाल दागे, जिसके जवाब में अधिकारी असहज दिखे। हाटमिक्स में नकली तारकोल के इस्तेमाल के आरोप लगे तो एटा-इटावा के ठेकेदारों का नाम सामने आने पर राज्यसभा सदस्य रवि वर्मा भड़क गए। बैठक में पेयजल व्यवस्था, हैंडपंपों के रिबोर में धांधली किए जाने के आरोप लगे। वहीं ग्राम पंचायतों को हैंडओवर की जा चुकी पाइप पेयजल परियोजना में खामियों से पानी सप्लाई बाधित होने की शिकायतें अध्यक्ष के सामने रखी गईं। करीब तीन घंटे तक चली बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों पर चर्चा नहीं हो सकी, जो पहली बार निगरानी समिति में शामिल किए गए। मसलन डाकघर, दूरसंचार, डिजिटल इंडिया जैसे महत्वपूर्ण विभागों की किसी जनप्रतिनिधि ने सुधि नहीं ली।
ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के अनुश्रवण के लिए गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति का नाम बदलकर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति कर दिया गया है। पहले के मुकाबले समिति को अधिक मजबूती प्रदान करते हुए सरकार ने 12 से बढ़ाकर 29 विभागों को शामिल कर लिया है। कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को खीरी सांसद अजय मिश्रा टेनी की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई, जिसमें सांसद ने कहा कि जनकेंद्रित योजना पर सभी जनप्रतिनिधियों को सहयोग की भावना से काम करना चाहिए। ताकि जरूरतमंदों को लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों की सोच बदली है और जनता की अपेक्षाएं भी। पीडी वीरेंद्र यादव ने पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई, जिसके बाद प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए। धौरहरा विधायक शमशेर बहादुर ने सरैंया से सिंगावर तक जर्जर हो चुकी रोड को बनाने की मांग रखी और दो सालों में कराए गए कार्यों का ब्यौरा मांगा। धौरहरा सांसद रेखा वर्मा ने अपने भेजे प्रस्तावों पर जवाब मांगा, जिस पर अधिशासी अभियंता संतोष कुमार जवाब नहीं दे सके। सांसद ने आरोप लगाया कि बैठक में जवाब नहीं देते और इसके बाद कार्रवाई से अवगत नहीं कराते। पीडब्ल्यूडी द्वारा बनवाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता खराब होने से बढ़ रहे हादसों पर चिंता जताई गई। राज्यसभा सांसद रवि वर्मा ने तल्ख लहजे में अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड एएस सिंह से पूछा कितनी मौतें चाहते हैं। छह महीने के अंदर तारकोल निकलने लगता है, जिससे सड़कें गड्ढों में तब्दील हो रही हैं। इस बीच किसी ने एटा और इटावा के ठेकेदारों की दबंगई की बात कही, तो सांसद भड़क गए। उन्होंने डीएम से सड़कों में नकली तारकोल एवं मैटेरियल की जांच कराने की मांग की। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान लाभार्थियों को पेंशन न मिलने के बारे में सवाल किए गए, जिस पर समाज कल्याण अधिकारी ओपी सिंह ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया। जनप्रतिनिधियों ने वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के लाभार्थियों का लक्ष्य बढ़ाने पर जोर दिया। ताकि वंचितों को लाभ दिया जा सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, मल्टी सेक्टोरियल डेवलपमेंट प्लान, स्वच्छता अभियान, पाइप पेयजल परियोजना, पं.दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, फसल बीमा योजना, उज्जवला, बेसिक शिक्षा पर चर्चा की गई। बैठक में डीएम आकाशदीप, सीडीओ अमित सिंह बंसल, डीडीओ अनिल सिंह, डीएसटीओ एसपी वर्मा, मोहम्मदी विधायक बाला प्रसाद अवस्थी समेत जिला स्तरीय अधिकारी और ब्लाक प्रमुख एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।
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आठ में सिर्फ दो विधायक हुए शामिल
जिले में आठ विधायक हैं, जिसमें दो मोहम्मदी विधायक बाला प्रसाद अवस्थी और धौरहरा विधायक शमशेर बहादुर बैठक में शामिल हुए। जबकि कस्ता, श्रीनगर, गोला, निघासन, पलिया और लखीमपुर विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए।
‘तीन हजार गायब हो चुकी लड़कियां’
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान राज्यसभा सांसद रवि वर्मा ने गांवों में शौचालयों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिले से तीन हजार लड़कियां गायब हो चुकी हैं। कुछ भटके युवाओं की विकृत मानसिकता से ऐसा हो रहा है। वीडीओ क्लिप और फोटो इंटरनेट पर अपलोड कर लड़कियों की अस्मिता से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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बढ़ते हादसों पर अधिकारियों को घेरा, मांगा जवाब
जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति की बैठक में सांसद ने की समीक्षा
पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के अधिकारी रहे निशाने पर
एटा-इटावा के ठेकेदारों के नाम पर जताया रोष
पेंशन योजनाओं में लाभार्थियों का लक्ष्य बढ़ाने पर जोर
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में खराब सड़कों पर हादसों में लगातार बढ़ रही मौतों का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई अधिकारियों को घेरने के अंदाज में सवाल दागे, जिसके जवाब में अधिकारी असहज दिखे। हाटमिक्स में नकली तारकोल के इस्तेमाल के आरोप लगे तो एटा-इटावा के ठेकेदारों का नाम सामने आने पर राज्यसभा सदस्य रवि वर्मा भड़क गए। बैठक में पेयजल व्यवस्था, हैंडपंपों के रिबोर में धांधली किए जाने के आरोप लगे। वहीं ग्राम पंचायतों को हैंडओवर की जा चुकी पाइप पेयजल परियोजना में खामियों से पानी सप्लाई बाधित होने की शिकायतें अध्यक्ष के सामने रखी गईं। करीब तीन घंटे तक चली बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों पर चर्चा नहीं हो सकी, जो पहली बार निगरानी समिति में शामिल किए गए। मसलन डाकघर, दूरसंचार, डिजिटल इंडिया जैसे महत्वपूर्ण विभागों की किसी जनप्रतिनिधि ने सुधि नहीं ली।
ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के अनुश्रवण के लिए गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति का नाम बदलकर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति कर दिया गया है। पहले के मुकाबले समिति को अधिक मजबूती प्रदान करते हुए सरकार ने 12 से बढ़ाकर 29 विभागों को शामिल कर लिया है। कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को खीरी सांसद अजय मिश्रा टेनी की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई, जिसमें सांसद ने कहा कि जनकेंद्रित योजना पर सभी जनप्रतिनिधियों को सहयोग की भावना से काम करना चाहिए। ताकि जरूरतमंदों को लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों की सोच बदली है और जनता की अपेक्षाएं भी। पीडी वीरेंद्र यादव ने पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई, जिसके बाद प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए। धौरहरा विधायक शमशेर बहादुर ने सरैंया से सिंगावर तक जर्जर हो चुकी रोड को बनाने की मांग रखी और दो सालों में कराए गए कार्यों का ब्यौरा मांगा। धौरहरा सांसद रेखा वर्मा ने अपने भेजे प्रस्तावों पर जवाब मांगा, जिस पर अधिशासी अभियंता संतोष कुमार जवाब नहीं दे सके। सांसद ने आरोप लगाया कि बैठक में जवाब नहीं देते और इसके बाद कार्रवाई से अवगत नहीं कराते। पीडब्ल्यूडी द्वारा बनवाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता खराब होने से बढ़ रहे हादसों पर चिंता जताई गई। राज्यसभा सांसद रवि वर्मा ने तल्ख लहजे में अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड एएस सिंह से पूछा कितनी मौतें चाहते हैं। छह महीने के अंदर तारकोल निकलने लगता है, जिससे सड़कें गड्ढों में तब्दील हो रही हैं। इस बीच किसी ने एटा और इटावा के ठेकेदारों की दबंगई की बात कही, तो सांसद भड़क गए। उन्होंने डीएम से सड़कों में नकली तारकोल एवं मैटेरियल की जांच कराने की मांग की। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान लाभार्थियों को पेंशन न मिलने के बारे में सवाल किए गए, जिस पर समाज कल्याण अधिकारी ओपी सिंह ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया। जनप्रतिनिधियों ने वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के लाभार्थियों का लक्ष्य बढ़ाने पर जोर दिया। ताकि वंचितों को लाभ दिया जा सके।
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प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, मल्टी सेक्टोरियल डेवलपमेंट प्लान, स्वच्छता अभियान, पाइप पेयजल परियोजना, पं.दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, फसल बीमा योजना, उज्जवला, बेसिक शिक्षा पर चर्चा की गई। बैठक में डीएम आकाशदीप, सीडीओ अमित सिंह बंसल, डीडीओ अनिल सिंह, डीएसटीओ एसपी वर्मा, मोहम्मदी विधायक बाला प्रसाद अवस्थी समेत जिला स्तरीय अधिकारी और ब्लाक प्रमुख एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।
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आठ में सिर्फ दो विधायक हुए शामिल
जिले में आठ विधायक हैं, जिसमें दो मोहम्मदी विधायक बाला प्रसाद अवस्थी और धौरहरा विधायक शमशेर बहादुर बैठक में शामिल हुए। जबकि कस्ता, श्रीनगर, गोला, निघासन, पलिया और लखीमपुर विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए।
‘तीन हजार गायब हो चुकी लड़कियां’
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान राज्यसभा सांसद रवि वर्मा ने गांवों में शौचालयों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिले से तीन हजार लड़कियां गायब हो चुकी हैं। कुछ भटके युवाओं की विकृत मानसिकता से ऐसा हो रहा है। वीडीओ क्लिप और फोटो इंटरनेट पर अपलोड कर लड़कियों की अस्मिता से खिलवाड़ किया जा रहा है।