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Lakhimpur Kheri News: मासूम के गले से सिक्का निकाल कर बचाई जान
Tue, 02 Jun 2026 11:47 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:47 PM IST
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ओटी में बच्चे के गले से निकालने के बाद टीम के साथ सिक्का दिखाते डॉ. मनोज शर्मा। स्रोत: अस्पताल
ओयल। जिला अस्पताल में सोमवार को डॉक्टरों ने तीन वर्षीय बच्चे के गले में फंसा पांच रुपये का सिक्का बिना ऑपरेशन और चीरा लगाए निकालकर उसकी जान बचा ली।
गोला निवासी गालिब सोमवार सुबह करीब 11 बजे अपने तीन वर्षीय पुत्र अमरजीत को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, बच्चा खेलते समय पांच रुपये का सिक्का निगल गया था। ईएनटी ओपीडी में मौजूद असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनोज शर्मा ने एक्स-रे कराकर सिक्के की स्थिति का पता लगाया। सिक्का भोजन नली के शुरुआती हिस्से में फंसा मिला।
इसके बाद टीम ने ऑपरेशन कक्ष में बच्चे को प्राथमिकता देते हुए तैयारी शुरू की। सुरक्षित बेहोशी की दवा देने के बाद दूरबीन विधि का इस्तेमाल कर बिना किसी चीरे या टांके के कुछ ही मिनटों में सिक्का बाहर निकाल लिया गया।
प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि सुबह 11 बजे बच्चे के अस्पताल पहुंचने से लेकर जांच, प्रक्रिया की तैयारी और दोपहर एक बजे से पहले सिक्का निकालकर परिजनों को सौंप देने तक का पूरा कार्य करीब दो घंटे में पूरा कर लिया गया।
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गोला निवासी गालिब सोमवार सुबह करीब 11 बजे अपने तीन वर्षीय पुत्र अमरजीत को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, बच्चा खेलते समय पांच रुपये का सिक्का निगल गया था। ईएनटी ओपीडी में मौजूद असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनोज शर्मा ने एक्स-रे कराकर सिक्के की स्थिति का पता लगाया। सिक्का भोजन नली के शुरुआती हिस्से में फंसा मिला।
इसके बाद टीम ने ऑपरेशन कक्ष में बच्चे को प्राथमिकता देते हुए तैयारी शुरू की। सुरक्षित बेहोशी की दवा देने के बाद दूरबीन विधि का इस्तेमाल कर बिना किसी चीरे या टांके के कुछ ही मिनटों में सिक्का बाहर निकाल लिया गया।
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प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि सुबह 11 बजे बच्चे के अस्पताल पहुंचने से लेकर जांच, प्रक्रिया की तैयारी और दोपहर एक बजे से पहले सिक्का निकालकर परिजनों को सौंप देने तक का पूरा कार्य करीब दो घंटे में पूरा कर लिया गया।
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