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Lakhimpur Kheri News: स्वास्थ्य केंद्रों में जलनिकासी की व्यवस्था बीमार
Thu, 17 Sep 2026 12:28 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 17 Sep 2026 12:28 AM IST
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बेहजम सीएचसी परिसर में भरा पानी। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में जलनिकासी की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। बारिश होते ही कई सीएचसी और पीएचसी परिसर तालाब में तब्दील हो जाते हैं। कहीं पानी निकलने का रास्ता नहीं है तो कहीं सड़क और नाली की ऊंचाई जलभराव की वजह बन रही है।
मंगलवार को सीएचसी खमरिया परिसर के जलभराव में मरीज पंकज मिश्रा की मौत के बाद बुधवार को की गई पड़ताल में यह स्थिति सामने आई।
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मोहम्मदी सीएचसी : सड़क ऊंची, इसलिए परिसर में भरता है पानी
मोहम्मदी सीएचसी में थोड़ी बारिश होने पर ही परिसर में पानी भर जाता है। मुख्य दरवाजे के सामने सड़क की ऊंचाई अधिक होने से पानी परिसर में जमा होता है। इससे मरीजों और तीमारदारों को आने-जाने में दिक्कत होती है।
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मितौली सीएचसी : दो-तीन दिन तक जमा रहता है पानी
सीएचसी मितौली में गेट पर बनी नाली सड़क से ऊंची है। बारिश होने पर पानी की निकासी नहीं हो पाती। दो-तीन दिन तक परिसर में पानी जमा रहने की बात सामने आई। मरीज और तीमारदार इसी पानी से होकर गुजरते हैं।
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बेहजम सीएचसी : एक फुट तक जलभराव, निकासी का रास्ता नहीं
सीएचसी बेहजम में बरसात के दौरान परिसर में करीब एक फुट तक पानी भर जाता है। पानी निकलने का कोई इंतजाम नहीं है और यह धीरे-धीरे अपने आप सूखता है। सदर गेट से मुख्य भवन तक इंटरलॉकिंग लगी है, जिससे मरीजों का आवागमन होता है, लेकिन परिसर के दूसरे हिस्से में पानी जमा रहता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि बाहर की नाली लोगों ने बंद कर दी है। सीएचसी के पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं है।
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मझगईं पीएचसी : बारिश में तालाब जैसा बन जाता है परिसर
मझगईं पीएचसी में बुधवार को पानी नहीं भरा था, लेकिन बारिश होने पर काफी जलभराव हो जाता है। बारिश के दौरान पीएचसी परिसर तालाब जैसा हो जाता है।
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खीरी टाउन पीएचसी : भवन के पीछे नीचा हिस्सा बना समस्या
खीरी टाउन पीएचसी में भवन के पीछे का हिस्सा नीचा होने से बारिश का पानी जमा होता है। प्रभारी ने बताया कि समस्या से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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तिकुनिया पीएचसी : पानी ठहरने से मच्छरों की समस्या
तिकुनिया पीएचसी में परिसर के बड़े खाली हिस्से में बारिश का पानी जमा रहता है। लंबे समय तक पानी ठहरा रहने से मच्छरों की समस्या बनी रहती है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है।
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खमरिया : वर्षों से नहीं निकला जलभराव का रास्ता
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खमरिया में जलनिकासी की समस्या नई नहीं है। वर्षों से बारिश होते ही अस्पताल परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है। मरीज, तीमारदार और स्वास्थ्यकर्मी गंदे पानी के बीच से होकर अस्पताल पहुंचने के लिए मजबूर हैं। करीब तीन वर्ष पहले जलभराव के दौरान सीएचसी की स्टाफ नर्स मोनी मिश्रा को सांप ने डस लिया था। इसके बाद भी जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई। मंगलवार को इसी जलभराव में 35 वर्षीय पंकज मिश्रा की डूबने से मौत ने वर्षों पुरानी समस्या की गंभीरता सामने ला दी है। सीएचसी अधीक्षक अमित सिंह के मुताबिक जलनिकासी और चहारदीवारी के निर्माण के लिए सीएमओ को पत्र भेजा जा चुका है। पूर्व में तैनात अधीक्षकों ने भी अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया था।
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डूबने से ही हुई थी पंकज की मौत
खमरिया पंडित निवासी पंकज मिश्रा की मौत डूबने से ही हुई थी। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। मंगलवार शाम पंकज सीएचसी खमरिया परिसर के जलभराव में गिर गए थे। बुधवार को हुए पोस्टमाॅर्टम में डूबने को मौत की वजह बताया गया।
-- -- -- -- -- -- -- -सड़क और नालियां ऊंची होने से तिकुनिया और खमरिया में थोड़ी दिक्कत है। शेष जगह जलभराव की समस्या नहीं है। बारिश के दौरान जो जलभराव रहता है, वह थोड़ी देर में ही निकल जाता है।
-डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ
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मंगलवार को सीएचसी खमरिया परिसर के जलभराव में मरीज पंकज मिश्रा की मौत के बाद बुधवार को की गई पड़ताल में यह स्थिति सामने आई।
मोहम्मदी सीएचसी : सड़क ऊंची, इसलिए परिसर में भरता है पानी
मोहम्मदी सीएचसी में थोड़ी बारिश होने पर ही परिसर में पानी भर जाता है। मुख्य दरवाजे के सामने सड़क की ऊंचाई अधिक होने से पानी परिसर में जमा होता है। इससे मरीजों और तीमारदारों को आने-जाने में दिक्कत होती है।
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मितौली सीएचसी : दो-तीन दिन तक जमा रहता है पानी
सीएचसी मितौली में गेट पर बनी नाली सड़क से ऊंची है। बारिश होने पर पानी की निकासी नहीं हो पाती। दो-तीन दिन तक परिसर में पानी जमा रहने की बात सामने आई। मरीज और तीमारदार इसी पानी से होकर गुजरते हैं।
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बेहजम सीएचसी : एक फुट तक जलभराव, निकासी का रास्ता नहीं
सीएचसी बेहजम में बरसात के दौरान परिसर में करीब एक फुट तक पानी भर जाता है। पानी निकलने का कोई इंतजाम नहीं है और यह धीरे-धीरे अपने आप सूखता है। सदर गेट से मुख्य भवन तक इंटरलॉकिंग लगी है, जिससे मरीजों का आवागमन होता है, लेकिन परिसर के दूसरे हिस्से में पानी जमा रहता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि बाहर की नाली लोगों ने बंद कर दी है। सीएचसी के पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं है।
मझगईं पीएचसी : बारिश में तालाब जैसा बन जाता है परिसर
मझगईं पीएचसी में बुधवार को पानी नहीं भरा था, लेकिन बारिश होने पर काफी जलभराव हो जाता है। बारिश के दौरान पीएचसी परिसर तालाब जैसा हो जाता है।
खीरी टाउन पीएचसी : भवन के पीछे नीचा हिस्सा बना समस्या
खीरी टाउन पीएचसी में भवन के पीछे का हिस्सा नीचा होने से बारिश का पानी जमा होता है। प्रभारी ने बताया कि समस्या से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
तिकुनिया पीएचसी : पानी ठहरने से मच्छरों की समस्या
तिकुनिया पीएचसी में परिसर के बड़े खाली हिस्से में बारिश का पानी जमा रहता है। लंबे समय तक पानी ठहरा रहने से मच्छरों की समस्या बनी रहती है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है।
खमरिया : वर्षों से नहीं निकला जलभराव का रास्ता
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खमरिया में जलनिकासी की समस्या नई नहीं है। वर्षों से बारिश होते ही अस्पताल परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है। मरीज, तीमारदार और स्वास्थ्यकर्मी गंदे पानी के बीच से होकर अस्पताल पहुंचने के लिए मजबूर हैं। करीब तीन वर्ष पहले जलभराव के दौरान सीएचसी की स्टाफ नर्स मोनी मिश्रा को सांप ने डस लिया था। इसके बाद भी जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई। मंगलवार को इसी जलभराव में 35 वर्षीय पंकज मिश्रा की डूबने से मौत ने वर्षों पुरानी समस्या की गंभीरता सामने ला दी है। सीएचसी अधीक्षक अमित सिंह के मुताबिक जलनिकासी और चहारदीवारी के निर्माण के लिए सीएमओ को पत्र भेजा जा चुका है। पूर्व में तैनात अधीक्षकों ने भी अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया था।
डूबने से ही हुई थी पंकज की मौत
खमरिया पंडित निवासी पंकज मिश्रा की मौत डूबने से ही हुई थी। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। मंगलवार शाम पंकज सीएचसी खमरिया परिसर के जलभराव में गिर गए थे। बुधवार को हुए पोस्टमाॅर्टम में डूबने को मौत की वजह बताया गया।
-डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ

बेहजम सीएचसी परिसर में भरा पानी। संवाद

बेहजम सीएचसी परिसर में भरा पानी। संवाद