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Lakhimpur Kheri News: थारू समुदाय ने शुरू कीं माघी पर्व की तैयारियां
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धनगढ़ी में मकर सक्रांति को लेकर सेल्फी खींचती थारू महिलाएं। संवाद
धनगढ़ी। नेपाल के तराई क्षेत्र में थारू समुदाय का मुख्य त्योहार मकर संक्रांति माघी पर्व के रूप में मनाया जाता है। थारू गांव में माघी की तैयारियों के साथ ही नाच-गानों का दौर शुरू हो गया है।
नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रदेश के तराई क्षेत्र कैलाली, कंचनपुर, दांग, बांके, बर्दिया जिलों में थारू समुदाय के लोगों में मकर संक्रांति को माघी पर्व बोला जाता है, जो यहां खासा प्रसिद्ध है। थारू समुदाय में इस पर्व की तैयारियां काफी पहले से ही शुरू हो जाती हैं। थारू गांवों में यह पर्व तीन दिन तक चलता है। थारू गांवों में युवतियों की टोली के नृत्य के साथ ही सखिया, झुमरा, भुवा नृत्य की झलक देखने को मिलती है। थारू समुदाय में माघी के दिन को ही नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। थारू संवत के अनुसार ही इस दिन को स्वतंत्र दिवस के रूप में भी मनाते हैं। इसी दिन गांव का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति का चयन होता है।
नए वर्ष पर थारू समुदाय के लोग सुबह नदी व ताल पर जाकर डुबकी लगाते हैं और पूजाकर बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं। थारू चलन के अनुसार विवाहित बेटियों को उपहार आदि देकर त्योहार मनाया जाता है। इस दिन थारू घरों में भोजन के रूप में सूअर का मीट, घोंघी, मछली, गेंगटा व मिठाई आदि को परोसी जाती है। 14 जनवरी को माघी पड़ने से गांव-गांव में पर्व की तैयारियां व रौनक देखने को मिल रही है।
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नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रदेश के तराई क्षेत्र कैलाली, कंचनपुर, दांग, बांके, बर्दिया जिलों में थारू समुदाय के लोगों में मकर संक्रांति को माघी पर्व बोला जाता है, जो यहां खासा प्रसिद्ध है। थारू समुदाय में इस पर्व की तैयारियां काफी पहले से ही शुरू हो जाती हैं। थारू गांवों में यह पर्व तीन दिन तक चलता है। थारू गांवों में युवतियों की टोली के नृत्य के साथ ही सखिया, झुमरा, भुवा नृत्य की झलक देखने को मिलती है। थारू समुदाय में माघी के दिन को ही नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। थारू संवत के अनुसार ही इस दिन को स्वतंत्र दिवस के रूप में भी मनाते हैं। इसी दिन गांव का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति का चयन होता है।
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नए वर्ष पर थारू समुदाय के लोग सुबह नदी व ताल पर जाकर डुबकी लगाते हैं और पूजाकर बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं। थारू चलन के अनुसार विवाहित बेटियों को उपहार आदि देकर त्योहार मनाया जाता है। इस दिन थारू घरों में भोजन के रूप में सूअर का मीट, घोंघी, मछली, गेंगटा व मिठाई आदि को परोसी जाती है। 14 जनवरी को माघी पड़ने से गांव-गांव में पर्व की तैयारियां व रौनक देखने को मिल रही है।
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