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Lakhimpur Kheri News: राजकीय स्पर्श विद्यालय में पांच साल बाद पढ़ाई शुरू
Thu, 06 Nov 2025 11:44 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 06 Nov 2025 11:44 PM IST
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स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय में अध्यनरत दृष्टिबाधित छात्राएं। स्रोत : विभाग
लखीमपुर खीरी। शहर से 12 किलोमीटर दूर नकहा ब्लाॅक के जगसड़ में स्थित स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय आखिरकार पांच साल बाद शुरू हो गया।
प्रथम सत्र में कक्षा एक से आठ तक की 19 छात्राओं ने आवासीय सुविधा के साथ पढ़ाई शुरू कर दी है। सभी छात्राएं दृष्टिबाधित हैं, जिनको ब्रेनलिपी माध्यम से पढ़ाई के लिए चार शिक्षक तैनात हैं, जिसमें दो प्राइमरी, एक जूनियर व एक प्रवक्ता हैं। चार में दो शिक्षक दृष्टिबाधित हैं। स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय का निर्माण वर्ष 2020 में पूरा हो गया था।
उस वक्त कोविड शुरू होने से इसे कोविड अस्पताल बना दिया था, जो काफी दिनों तक चला। इसके बाद भी यह स्कूल चालू नहीं हो सका, जबकि विद्यालय में शिक्षा के लिए 63 दृष्टिबाधित बालिकाओं का पंजीकरण होने के साथ ही शिक्षकों का चयन भी हो चुका था। उनका वेतन भी जारी होने लगा था, लेकिन फर्नीचर सहित अन्य संसाधनों के चलते इसका संचालक नहीं हो पा रहा था।
अमर उजाला ने इस मुद्दे को 14 अगस्त के अंक में प्रकाशित किया। मामला शासन स्तर तक पहुंचा तो फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्थाएं कराते हुए पढ़ाई शुरू करा दी गई। छात्राओं की देखरेख के लिए पांच महिलाएं हैं, जो छात्राओं की हर स्तर पर मदद करती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से सीसी कैमरे व तीन शिफ्ट में दो-दो पीआरडी जवान तैनात किए गए हैं।
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बा विद्यालय की तर्ज पर है यह स्कूल
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से स्पर्श दृष्टिबाधित विद्यालय का निर्माण कस्तूरबा गांधी की तर्ज पर कराया गया था। 100 दृष्टिबाधित छात्राओं को आवासीय शिक्षा देने के उद्देश्य से इसका निर्माण कराया गया था।
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दिवाली से पहले विद्यालय में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। वहां पर दृष्टिबाधित 19 छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनको रहने, खाने-पीने से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। नए सत्र से छात्राओं की संख्या और बढ़ जाएगी।
-अभय कुमार सागर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
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प्रथम सत्र में कक्षा एक से आठ तक की 19 छात्राओं ने आवासीय सुविधा के साथ पढ़ाई शुरू कर दी है। सभी छात्राएं दृष्टिबाधित हैं, जिनको ब्रेनलिपी माध्यम से पढ़ाई के लिए चार शिक्षक तैनात हैं, जिसमें दो प्राइमरी, एक जूनियर व एक प्रवक्ता हैं। चार में दो शिक्षक दृष्टिबाधित हैं। स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय का निर्माण वर्ष 2020 में पूरा हो गया था।
उस वक्त कोविड शुरू होने से इसे कोविड अस्पताल बना दिया था, जो काफी दिनों तक चला। इसके बाद भी यह स्कूल चालू नहीं हो सका, जबकि विद्यालय में शिक्षा के लिए 63 दृष्टिबाधित बालिकाओं का पंजीकरण होने के साथ ही शिक्षकों का चयन भी हो चुका था। उनका वेतन भी जारी होने लगा था, लेकिन फर्नीचर सहित अन्य संसाधनों के चलते इसका संचालक नहीं हो पा रहा था।
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अमर उजाला ने इस मुद्दे को 14 अगस्त के अंक में प्रकाशित किया। मामला शासन स्तर तक पहुंचा तो फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्थाएं कराते हुए पढ़ाई शुरू करा दी गई। छात्राओं की देखरेख के लिए पांच महिलाएं हैं, जो छात्राओं की हर स्तर पर मदद करती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से सीसी कैमरे व तीन शिफ्ट में दो-दो पीआरडी जवान तैनात किए गए हैं।
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बा विद्यालय की तर्ज पर है यह स्कूल
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से स्पर्श दृष्टिबाधित विद्यालय का निर्माण कस्तूरबा गांधी की तर्ज पर कराया गया था। 100 दृष्टिबाधित छात्राओं को आवासीय शिक्षा देने के उद्देश्य से इसका निर्माण कराया गया था।
दिवाली से पहले विद्यालय में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। वहां पर दृष्टिबाधित 19 छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनको रहने, खाने-पीने से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। नए सत्र से छात्राओं की संख्या और बढ़ जाएगी।
-अभय कुमार सागर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी

स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय में अध्यनरत दृष्टिबाधित छात्राएं। स्रोत : विभाग