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Lakhimpur Kheri News: शांतिपूर्ण व नकलमुक्त बोर्ड परीक्षा के लिए रणनीति तय
Thu, 12 Feb 2026 02:28 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 12 Feb 2026 02:28 AM IST
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लखीमपुर खीरी। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को नकलविहीन, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को गुरु नानक इंटर कॉलेज सभागार में आयोजित बैठक में परीक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने स्पष्ट कहा कि परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी वातावरण में कराई जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जनपद के सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट, परीक्षा केंद्रों पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा केंद्र व्यवस्थापक मौजूद रहे। अधिकारियों को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने, सीसी कैमरों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने और परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
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जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने कहा कि सभी केंद्र व्यवस्थापक समय से प्रश्नपत्र प्राप्त करने, उनके सुरक्षित वितरण और उत्तर पुस्तिकाओं की सही सीलिंग की प्रक्रिया का विशेष ध्यान रखें। परीक्षा की गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो और प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाए। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
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इंटर के प्रायोगिक अंकों की ऑनलाइन एंट्री की तारीख बढ़ी
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाओं के अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 13 फरवरी कर दी है। तकनीकी कारणों से समय पर अंक अपलोड न हो पाने वाले विद्यालयों को इससे राहत मिलेगी।
इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित की गई थीं। पहला चरण 24 जनवरी से एक फरवरी तक तथा दूसरा चरण दो फरवरी से नौ फरवरी तक संपन्न हुआ। दूसरे चरण के दौरान कई विद्यालयों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, सर्वर की धीमी गति और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण अंकों की ऑनलाइन एंट्री प्रभावित हुई थी।
परिषद सचिव ने सभी प्रधानाचार्यों और परीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में अंक अपलोड कर दिए जाएं। तय तिथि के बाद देरी होने पर संबंधित परीक्षक और प्रधानाचार्य जिम्मेदार माने जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी निगरानी कर समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने स्पष्ट कहा कि परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी वातावरण में कराई जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में जनपद के सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट, परीक्षा केंद्रों पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा केंद्र व्यवस्थापक मौजूद रहे। अधिकारियों को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने, सीसी कैमरों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने और परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
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जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने कहा कि सभी केंद्र व्यवस्थापक समय से प्रश्नपत्र प्राप्त करने, उनके सुरक्षित वितरण और उत्तर पुस्तिकाओं की सही सीलिंग की प्रक्रिया का विशेष ध्यान रखें। परीक्षा की गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो और प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाए। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
इंटर के प्रायोगिक अंकों की ऑनलाइन एंट्री की तारीख बढ़ी
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाओं के अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 13 फरवरी कर दी है। तकनीकी कारणों से समय पर अंक अपलोड न हो पाने वाले विद्यालयों को इससे राहत मिलेगी।
इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित की गई थीं। पहला चरण 24 जनवरी से एक फरवरी तक तथा दूसरा चरण दो फरवरी से नौ फरवरी तक संपन्न हुआ। दूसरे चरण के दौरान कई विद्यालयों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, सर्वर की धीमी गति और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण अंकों की ऑनलाइन एंट्री प्रभावित हुई थी।
परिषद सचिव ने सभी प्रधानाचार्यों और परीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में अंक अपलोड कर दिए जाएं। तय तिथि के बाद देरी होने पर संबंधित परीक्षक और प्रधानाचार्य जिम्मेदार माने जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी निगरानी कर समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद