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एसओ को निलंबित कर खुद को बचा गए अफसर
निघासन (लखीमपुर खीरी)।
Updated Thu, 21 Jan 2016 10:21 PM IST
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खैरीगढ़ में कोल्हू व्यवसायी रामबली की तीन पुत्रियों का अपहरण करने के मामले में खुलासे के लिए सीएम के निर्देश के बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर पाई। फिरौती देकर तीनों बहनों के छूट जाने के बाद पुलिस भले ही संदिग्धों का हिरासत में लेकर पूछताछ का दावा करे और आईजी लॉ एंड आर्डर बदमाशों की पहचान का दावा करें, लेकिन हकीकत में घटना के छह दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इस बीच लोगों का आक्रोश देखते हुए अफसरों को एसओ सिंगाही को निलंबित कर खुद को बचाने की कोशिश कर ली है। जबकि हकीकत में पुलिस ने खुलासे के लिए बुनियादी काम भी नहीं किए। उधर, मामले में संदिग्ध भूमिका के आरोप में सीओ को बर्खास्त करने की मांग जोर पकड़ती जा रही है।
मामले में शुरुआत से लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी अखिलेश चौरसिया ने एसओ सिंगाही जेपी यादव को बृहस्पतिवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। माना जा रहा है कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्यों कि व्यापारियों ने जहां बृहस्पतिवार को बाजार बंद करने की चेतावनी दी थी वहीं लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और अब सीओ को बर्खास्त करने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। उधर, पुलिस जरूर दावा कर रही है कि डीआईजी और एसटीएफ आईजी मामले के खुलासे के लिए लगे हैं लेकिन हकीकत वे बुनियादी काम भी नहीं किए गए जिन्हें जांच के लिए पहले चरण में ही कर लिया जाता है।
फिरौती देकर लड़कियों को छूटे चार दिन हो गए हैं लेकिन पुलिस ने अभी तक लड़कियों से बदमाशों के बार डिटेल पूछताछ नहीं की है। तीनों बहनों का अपहरण करने वाले बदमाश जंगल के चप्पे चप्पे से वाकिफ थे। उन्होंने अपहरण से पहले पूरी तैयारी कर रखी थी। तीनों बहनों को उठाने आए बदमाश मंकी कैप में थे और बिना नंबर की तीन बाइक से आए थे। अपहरण के बाद बदमाश तीनों बहनों को लेकर नेपाल बार्डर की तरफ ले गए। खैरीगढ़ से दस से बीस किमी की दूरी में रहे बदमाशों की एक भी फुटेज दुधवा टाइगर रिजर्व जोन के जंगल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद नहीं हुई है। यानी बदमाश बेहद अच्छी तरह से जानते थे कि सीसीटीवी किन किन रास्तों पर लगे हैं। तभी उन्होंने वह रास्ता चुना जहां सीसीटीवी नहीं था। वह झाड़ियां काट कर नेपाल की तरफ गए थे, यह बात बहनों ने भी बताई थी। लड़कियों ने यह भी बताया कि बदमाशों ने उनके सामने मंकी कैप उतार दी थी और वह सभी छह बदमाशों का चेहरा पहचान गई हैं।
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इतनी बड़ी जानकारी मिलने के बाद भी पुलिस ने बदमाशों का स्केच बनवाना जरूरी नहीं समझा। यही नहीं पहले दिन फोन कर बग्गा सिंह के नाम से फिरौती मांगी गई थी लेकिन पुलिस ने बग्गा सिंह की फोटो दिखाकर बहनों से शिनाख्त कराने की कोशिश तक नहीं की। संदिग्धों को उठाकर खुलासे के नजदीक पहुंचने का दावा करने वाली पुलिस ने अभी तक इन संदिग्धों की शिनाख्त भी लड़कियों से नहीं कराई। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठता है कि वह खुलासे के लिए कितना गंभीर है। अगर लड़कियों के बताए हुलिए के आधार पर पुलिस स्केच बनवाती या कुछ बदमाशों की फोटो दिखवाती तो शायद बदमाशों के बारे में कुछ अहम सुराग मिल जाते लेकिन पुलिस ने अभी तक यह काम नहीं किया। मामले में एसपी अखिलेश चौरसिया से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने आपरेशन को गोपनीय बताया और किसी भी टिप्पणी से इंकार कर दिया। बग्गा सिंह की शिनाख्त के मामले में एसपी ने जरूर माना कि उसकी शिनाख्त नहीं कराई गई है लेकिन यह भी कहा कि अपहरण बग्गा सिंह ने नहीं किया, हालांकि इसका आधार क्या है, इस पर चुप रहे। यह जरूर बताया कि एसओ को लापरवाही बरतने के कारण निलंबित कर दिया गया है।
सड़क पर उतरे भाजपाई, सीओ को बर्खास्त करने की मांग
निघासन। सिंगाही के खैरीगढ़ गांव में तीन बहनों के अपहरण के मामले में भाजपाइयों ने मानव शृंखला बनाकर प्रदेश सरकार और पुलिस के खिलाफ विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। इससे कुछ देर तक चौराहा जाम हो गया। प्रदर्शन के दौरान सीओ मोहम्मद इब्राहिम को बर्खास्त करने की मांग की गई। भाजपाइयों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार जगदीश सिंह को सौंपा। पूर्व विधायक अरविंद गिरि ने चौराहे पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में जंगलराज व्याप्त है। अपराधी खुले आम बेखौफ घूम रहे हैं, जिनके सामने पुलिस भी लाचार है।
गुरुवार को झंडी रोड स्थित अशोक चौधरी के आवास पर भाजपाइयों ने पहले बैठक की, जिसमें पूर्व सहकारिता मंत्री रामकुमार वर्मा ने कहा कि कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। खैरीगढ़ में सगी बहनों के अपहरण के मामले में जहां पूरे जिले की फोर्स डीआईजी और एसटीएफ अपने आईजी की अगुवाई में लगी हो, फिर भी फिरौती देकर बहनों को छुड़ाना साफ जाहिर करता है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था कितनी लचर हो गई है। धौरहरा सांसद रेखा वर्मा ने घटना के समय फोन न उठाने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की। पूर्व विधायक अरविंद गिरि ने कहा कि जिस घटना में प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव आदेश दे रहे हों, उसमें छह दिन बीत जाने के बाद भी खुलासा न होना प्रदेश सरकार की नाकामी की पोल खोल रहा है। बैठक के बाद सभी लोग चौराहे पर पहुंचे। वहां पर उन्होंने सीओ के खिलाफ नारेबाजी की और राज्यपाल को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। इस दौरान देवेंद्र चतुर्वेदी, विनोद लोधी, दिलीप जायसवाल, दयाशंकर मौर्य, कमलेश वर्मा, प्रमोद कनौजिया, ध्रुव, शशिकांत चतुर्वेदी, रमेश चंद्र तिवारी, शिवकुमार विश्वकर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विनोद लोधी ने किया।
जाम में फंसी रही एंबुलेंस
भाजपा ने करीब एक घंटे तक चौराहे पर जाम लगाए रखा। इस दौरान चारों सड़कों पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। जाम के दौरान एक एंबुलेंस भी फंस गई।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे लोग
सिंगाही। अगवा हुई सगी बहनों के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। गुरुवार को भाजपा और कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने वहां पहुंचकर पीड़ित परिवारी जनों से बातचीत की। कांग्रेस के पूर्व सांसद जफर अली नकवी ने ढाढ़स बंधाते हुए घटना की निंदा की। उन्होंने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की भी मांग की। उधर, भाजपा के पूर्व विधायक अरविंद गिरि, पूर्व सहकारिता मंत्री रामकुमार वर्मा, धौरहरा सांसद रेखा वर्मा आदि ने पीड़ित रामबली गुप्ता के घर पहुंचकर बहनों का हाल जाना।
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मामले में शुरुआत से लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी अखिलेश चौरसिया ने एसओ सिंगाही जेपी यादव को बृहस्पतिवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। माना जा रहा है कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्यों कि व्यापारियों ने जहां बृहस्पतिवार को बाजार बंद करने की चेतावनी दी थी वहीं लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और अब सीओ को बर्खास्त करने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। उधर, पुलिस जरूर दावा कर रही है कि डीआईजी और एसटीएफ आईजी मामले के खुलासे के लिए लगे हैं लेकिन हकीकत वे बुनियादी काम भी नहीं किए गए जिन्हें जांच के लिए पहले चरण में ही कर लिया जाता है।
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फिरौती देकर लड़कियों को छूटे चार दिन हो गए हैं लेकिन पुलिस ने अभी तक लड़कियों से बदमाशों के बार डिटेल पूछताछ नहीं की है। तीनों बहनों का अपहरण करने वाले बदमाश जंगल के चप्पे चप्पे से वाकिफ थे। उन्होंने अपहरण से पहले पूरी तैयारी कर रखी थी। तीनों बहनों को उठाने आए बदमाश मंकी कैप में थे और बिना नंबर की तीन बाइक से आए थे। अपहरण के बाद बदमाश तीनों बहनों को लेकर नेपाल बार्डर की तरफ ले गए। खैरीगढ़ से दस से बीस किमी की दूरी में रहे बदमाशों की एक भी फुटेज दुधवा टाइगर रिजर्व जोन के जंगल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद नहीं हुई है। यानी बदमाश बेहद अच्छी तरह से जानते थे कि सीसीटीवी किन किन रास्तों पर लगे हैं। तभी उन्होंने वह रास्ता चुना जहां सीसीटीवी नहीं था। वह झाड़ियां काट कर नेपाल की तरफ गए थे, यह बात बहनों ने भी बताई थी। लड़कियों ने यह भी बताया कि बदमाशों ने उनके सामने मंकी कैप उतार दी थी और वह सभी छह बदमाशों का चेहरा पहचान गई हैं।
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सड़क पर उतरे भाजपाई, सीओ को बर्खास्त करने की मांग
निघासन। सिंगाही के खैरीगढ़ गांव में तीन बहनों के अपहरण के मामले में भाजपाइयों ने मानव शृंखला बनाकर प्रदेश सरकार और पुलिस के खिलाफ विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। इससे कुछ देर तक चौराहा जाम हो गया। प्रदर्शन के दौरान सीओ मोहम्मद इब्राहिम को बर्खास्त करने की मांग की गई। भाजपाइयों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार जगदीश सिंह को सौंपा। पूर्व विधायक अरविंद गिरि ने चौराहे पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में जंगलराज व्याप्त है। अपराधी खुले आम बेखौफ घूम रहे हैं, जिनके सामने पुलिस भी लाचार है।
गुरुवार को झंडी रोड स्थित अशोक चौधरी के आवास पर भाजपाइयों ने पहले बैठक की, जिसमें पूर्व सहकारिता मंत्री रामकुमार वर्मा ने कहा कि कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। खैरीगढ़ में सगी बहनों के अपहरण के मामले में जहां पूरे जिले की फोर्स डीआईजी और एसटीएफ अपने आईजी की अगुवाई में लगी हो, फिर भी फिरौती देकर बहनों को छुड़ाना साफ जाहिर करता है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था कितनी लचर हो गई है। धौरहरा सांसद रेखा वर्मा ने घटना के समय फोन न उठाने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की। पूर्व विधायक अरविंद गिरि ने कहा कि जिस घटना में प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव आदेश दे रहे हों, उसमें छह दिन बीत जाने के बाद भी खुलासा न होना प्रदेश सरकार की नाकामी की पोल खोल रहा है। बैठक के बाद सभी लोग चौराहे पर पहुंचे। वहां पर उन्होंने सीओ के खिलाफ नारेबाजी की और राज्यपाल को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। इस दौरान देवेंद्र चतुर्वेदी, विनोद लोधी, दिलीप जायसवाल, दयाशंकर मौर्य, कमलेश वर्मा, प्रमोद कनौजिया, ध्रुव, शशिकांत चतुर्वेदी, रमेश चंद्र तिवारी, शिवकुमार विश्वकर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विनोद लोधी ने किया।
जाम में फंसी रही एंबुलेंस
भाजपा ने करीब एक घंटे तक चौराहे पर जाम लगाए रखा। इस दौरान चारों सड़कों पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। जाम के दौरान एक एंबुलेंस भी फंस गई।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे लोग
सिंगाही। अगवा हुई सगी बहनों के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। गुरुवार को भाजपा और कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने वहां पहुंचकर पीड़ित परिवारी जनों से बातचीत की। कांग्रेस के पूर्व सांसद जफर अली नकवी ने ढाढ़स बंधाते हुए घटना की निंदा की। उन्होंने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की भी मांग की। उधर, भाजपा के पूर्व विधायक अरविंद गिरि, पूर्व सहकारिता मंत्री रामकुमार वर्मा, धौरहरा सांसद रेखा वर्मा आदि ने पीड़ित रामबली गुप्ता के घर पहुंचकर बहनों का हाल जाना।