फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Snake worship gives benefits if there is Kaal Sarp Yoga in the horoscope

जन्मकुंडली में कालसर्प योग होने पर नाग पूजन देता है लाभ

Tue, 02 Aug 2022 01:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2022 01:21 AM IST
विज्ञापन
Snake worship gives benefits if there is Kaal Sarp Yoga in the horoscope
आचार्य प्रमोद दीक्षित
1 एलकेएच 14
विज्ञापन

बॉटम...
नाग पंचमी आज : इस बार बन रहा रवि, शिव एवं संजीवनी का अद्भुत संयोग
मेन...
जन्मकुंडली में कालसर्प योग
होने पर नाग पूजन देता है लाभ
- राजा जन्मेजय की यज्ञस्थली देवकली में होगा नाग पूजन का भव्य आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। आज नाग पंचमी है, जो बेहद शुभ कारक है, क्योंकि आज उत्तरा फाल्गुनी व हस्त नक्षत्र का संयोग बन रहा है और चंद्रमा भी कन्या राशि में स्थित रहेंगे। इसके अलावा एक अन्य उत्तम रवि योग भी बन रहा है। यह कहना है कि श्रीमती चंद्रकला आश्रम एवं संस्कृत विद्यापीठ के संचालक आचार्य प्रमोद दीक्षित का।
उन्होंने बताया कि आज का दिन नाग देवता की पूजा के लिए अत्यधिक श्रेष्ठ है। पञ्चांग के अनुसार, आज शिव और संजीवनी योग भी बन रहा है। शिव योग में नाग की पूजा करना, दूध अर्पित करना और नाग के दर्शन करना बेहद मंगलकारी है। उन्होंने बताया कि नाग देवता के पूजन का शुभ मुहूर्त मंगलवार सुबह 05: 14 मिनट से बुधवार की सुबह 06:55 मिनट तक रहेगा।
विज्ञापन

आचार्य प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता के पूजन का विधान है। पंचमी तिथि मंगलवार की सुबह 02:25 से बुधवार रात 01: 47 तक रहेगी। उन्होंने बताया कि नाग देवता का पूजन करने के लिए आटे से सांप की आकृति बना लें या फिर चांदी का ले लें। पूजन के बाद इन्हें जल में बहा दें या फिर शिवलिंग पर अर्पित कर दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

नाग पंचमी का महत्व
आचार्य बताते हैं कि नाग पंचमी पर नाग का पूजन करना, दूध अर्पित करना एवं दर्शन मात्र से ही आशीर्वाद प्राप्त होता है। इससे सर्पदंश का भय खत्म हो जाता है। वहीं जन्म कुंडली में कालसर्प योग होने पर नाग देवता की पूजा करनी चाहिए। इसमें चांदी के बने हुए नाग, नागिन का जोड़ा शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। नाग गायत्री का पाठ एवं नाग देवता की पूजा करने से काल सर्प योग से राहत मिलती है। नाग पूजन और उसके बाद रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed