Dudhwa Tiger Reserve: तेंदुए के बीमार शावक की इलाज के दौरान मौत, दो पशु चिकित्सकों ने किया पोस्टमार्टम
लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की धौरहरा रेंज के लहबड़ी गांव की बाग में तीन दिन पहले बीमारी की हालत में तेंदुए का शावक मिला था। शनिवार सुबह पांच बजे करीब इलाज के दौरान शावक की मौत हो गई है। दो पशु चिकित्सकों का पैनल गठित कर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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वन विभाग की टीम ने शावक को भगाने का प्रयास किया, लेकिन बीमार होने की वजह से वह बाग में ही बैठा रहा। बीमारी का पता चलने पर टीम ने उसे रेस्क्यू कर पिंजरे में कैद कर लिया और उसे धौरहरा रेंज परिसर में रखकर दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ दीपक वर्मा की देखरेख में इलाज शुरू कराया।
दो पशु चिकित्सकों ने किया पोस्टमार्टम
तीन दिन चले इलाज के बाद शनिवार सुबह पांच बजे करीब उसकी मौत हो गई। बफरजोन डीएफओ सौरीष सहाय ने बताया कि दो पशु चिकित्सकों के पैनल से तेंदुए का शावक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पैनल में दुधवा के पशु चिकित्सक डॉ. दीपक वर्मा और धौरहरा पशु चिकित्सालय के डॉ. राकेश कुमार शामिल हैं।
डब्ल्यूटीआई के प्रतिनिधि और बायोलॉजिस्ट राकेश मंडल, एनटीसीए रोहित रवी, श्रुति सिंह चौहान मौजूद रहीं। पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए की गाइड लाइन के मुताबिक वनाधिकारियों की मौजूदगी में शावक का शव जला दिया।
अंदरूनी अंग फेल होने से हुई शावक की मौत
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन डीएफओ सौरीष सहाय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, अंदरूनी अंगों के काम न करने के कारण उसकी मौत हो गई। विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है।