फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Shiv temple in the grip of erosion of Sharda river in Lakhimpur Kheri

UP News: कटान की जद में आया शिव मंदिर, शारदा नदी में समाया कमरा, गांव के 60 घरों पर भी खतरा

Tue, 17 Sep 2024 06:39 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 17 Sep 2024 06:39 PM IST
सार

लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शारदा नदी ने अब कटान करना शुरू कर दिया है। निघासन तहसील क्षेत्र के ग्रांट-12 गांव में मंगलवार को शिव मंदिर नदी के कटान की जद में आ गया। 

विज्ञापन
Shiv temple in the grip of erosion of Sharda river in Lakhimpur Kheri
नदी में समाया शिव मंदिर परिसर का कमरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी के महेवागंज क्षेत्र में चार दिन बाद मंगलवार को शारदा नदी का उफान तो कुछ कम हुआ, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। वहीं निघासन तहसील के ग्रांट-12 गांव में नदी ने कटान शुरू कर दिया है। मंगलवार को नदी गांव के उत्तर बड़े शिव मंदिर परिसर तक पहुंच गई। शाम तक मंदिर की चहारदीवारी और परिसर में बना कमरा कटान की जद में आ गया था। दीवार और सीढ़ियों सहित अधिकांश हिस्सा नदी में समा गया। 

विज्ञापन


कटान से ग्रामीणों में दहशत और प्रशासन के प्रति गुस्सा है। गांव के करीब 60 से ज्यादा घर कटान की जद में है। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने कटान को रोकने के निजी प्रयास किए थे। मिट्टी रेत भर कर सैकड़ों बोरियां किनारे पर डालीं। गांव के इंदु शुक्ला, रत्नेश और अखिलेश शुक्ला ने बताया कि चार दिन पहले नदी के उफान से मेहनत पर पानी फिर गया था। आर्थिक नुकसान हुआ सो अलग। ग्रामीणों का कहना है कि डूब क्षेत्र का पाठ पढ़ा प्रशासन सिर्फ हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

विज्ञापन

खेत और रास्ते हैं जलमग्न, नाव से आवागमन
महेवागंज क्षेत्र में तटबंध के अंदर के बसे मंगलीपुरवा, खगईपूरवा, चकई, गोपालपुरवा, बड़ागांव, बसहा, , बेचनपुर, बेडहा सुतिया, गूम, जदीदपुरवा, बहालीपुरवा सहित 50 से अधिक गांव शारदा नदी की बाढ़ से टापू बन गए हैं। खेत, खलिहान और रास्ते पानी में डूबे हैं। नाव से आवागमन हो रहा है। प्रशासन की मदद लंच पैकेट तक सीमित है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed