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Lakhimpur Kheri News: जमुका में हुए विकास कार्यों में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
Mon, 11 Aug 2025 11:42 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 11 Aug 2025 11:42 PM IST
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पसगवां। ग्राम पंचायत जमुका के विकास कार्यों की शिकायत पर हुई जांच में विकास कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। इसकी जांच आख्या उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
जमुका निवासी शैलेंद्र कुमार ने पंचायती राज समिति के सभापति से गांव के विकास कार्यों में हुई धांधली की जांच के लिए 12 सूत्रीय शपथ पत्र देकर शिकायत की थी। इसमें मनरेगा योजना के कार्यो में धन का दुरुपयोग, संरक्षित भूमि एवं जन उपयोगी तालाबों को अभिलेखों में कई बार दर्शाकर भुगतान कराने, ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत अपात्रों को आवासीय लाभ देने, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्र परिवारों को वंचित रखने, गांव में गंदगी की भरमार सहित विभिन्न बिंदुओं की शिकायत की थी।
शिकायत के बाद भौतिक सत्यापन के लिए जिला विकास अधिकारी गजेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में अवर अभियंता जल निगम ग्रामीण अभय कुमार यादव और सहायक अभियंता संतोष कुमार वर्मा ने जांच की। इस दौरान बीडीओ मोहित कौशिक, तत्कालीन एडीओ पंचायत देवेंद्र कुमार सहित ब्लाॅक के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। जांच टीम ने समिति को भेजी गई आख्या में वित्तीय वर्ष 2021-22 में विजेंद्र व शिवेंद्र तथा 2022-23 में बरातीलाल को दिए गए आवास को मानकों के विपरीत पाया।
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इसमें शिवेंद्र ग्राम पंचायत में रोजगार सेवक हैं। तीनों को अपात्र होने के बाद भी आवासीय योजना का लाभ दिया गया। विजेंद्र ने पहले से बने मकान की छत पर आवास बनवाया तो शिवेंद्र व बरातीलाल का पहले से ही पक्का मकान बना हुआ मिला। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल भी मानकों के विपरीत मिली। स्ट्रीट लाइट में बिल संदिग्ध होने पर वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई। 2021 से 2025 तक ग्राम निधि से हुए विकास कार्यों की फाइलें भी पूर्ण नहीं मिली। इस संबंध में डीडीओ गजेंद्र प्रताप सिंह का कहना है, कि जांच रिपोर्ट आख्या संबंधित पटल पर भेज दी गई है।
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जमुका निवासी शैलेंद्र कुमार ने पंचायती राज समिति के सभापति से गांव के विकास कार्यों में हुई धांधली की जांच के लिए 12 सूत्रीय शपथ पत्र देकर शिकायत की थी। इसमें मनरेगा योजना के कार्यो में धन का दुरुपयोग, संरक्षित भूमि एवं जन उपयोगी तालाबों को अभिलेखों में कई बार दर्शाकर भुगतान कराने, ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत अपात्रों को आवासीय लाभ देने, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्र परिवारों को वंचित रखने, गांव में गंदगी की भरमार सहित विभिन्न बिंदुओं की शिकायत की थी।
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शिकायत के बाद भौतिक सत्यापन के लिए जिला विकास अधिकारी गजेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में अवर अभियंता जल निगम ग्रामीण अभय कुमार यादव और सहायक अभियंता संतोष कुमार वर्मा ने जांच की। इस दौरान बीडीओ मोहित कौशिक, तत्कालीन एडीओ पंचायत देवेंद्र कुमार सहित ब्लाॅक के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। जांच टीम ने समिति को भेजी गई आख्या में वित्तीय वर्ष 2021-22 में विजेंद्र व शिवेंद्र तथा 2022-23 में बरातीलाल को दिए गए आवास को मानकों के विपरीत पाया।
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इसमें शिवेंद्र ग्राम पंचायत में रोजगार सेवक हैं। तीनों को अपात्र होने के बाद भी आवासीय योजना का लाभ दिया गया। विजेंद्र ने पहले से बने मकान की छत पर आवास बनवाया तो शिवेंद्र व बरातीलाल का पहले से ही पक्का मकान बना हुआ मिला। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल भी मानकों के विपरीत मिली। स्ट्रीट लाइट में बिल संदिग्ध होने पर वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई। 2021 से 2025 तक ग्राम निधि से हुए विकास कार्यों की फाइलें भी पूर्ण नहीं मिली। इस संबंध में डीडीओ गजेंद्र प्रताप सिंह का कहना है, कि जांच रिपोर्ट आख्या संबंधित पटल पर भेज दी गई है।