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चुनाव में गई रोडवेज बसें, भटक रहे मुसाफिर
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बस अड्डे पर बस के इंतजार में खड़े यात्री
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। लोकतंत्र के महापर्व में रोडवेज बसों के जाने के बाद यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। चुनाव कराने के लिए रोडवेज बसों से जिले की पुलिस भेजी गई है। इससे गोला डिपो में बसों की संख्या कम हुई और यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं। दैनिक यात्रियों से लेकर सहालग के सीजन में आने वालों को बसों की प्रतीक्षा के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। बस मिली भी तो तमाम मुसाफिर खड़े होकर यात्रा करने के लिए मजबूर हैं।
विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण का मतदान सोमवार को होना है। चुनाव शांतिपूर्वक कराने के लिए जिले से भी पुलिस बल गया है। इसके लिए प्रशासन ने गोला डिपो की 26 बसें अधिग्रहीत कर ली हैं। इन बसों से पुलिस जवानों को चुनाव कराने के लिए रवाना कर दिया गया है। इससे जिले के यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इतनी संख्या में बसों के जाने से हर रूट के यात्री प्रभावित हैं, क्योंकि बसें कम होने से दैनिक यात्रियों से लेकर शादी-बरात में जाने वालों को गंतव्य तक जाना मुसीबत बन गया है। गोला से लखीमपुर, लखनऊ, सीतापुर सहित शाहजहांपुर, बरेली और दिल्ली जाने वाले मुसाफिरों को बस अड्डे पर घंटो बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
लखीमपुर डिपो अनुबंधित बसों के सहारे
लखीमपुर डिपो अनुबंधित बसों के सहारे चल रहा है। लखनऊ, कानुपर, दिल्ली आदि के लिए यहां के यात्रियों को गोला, सीतापुर आदि डिपो की बसों का ही सहारा है। मगर, निगम की बसों के चुनाव में चले जाने से इन रूटों से बसों की कटौती की गई है। इससे लखीमपुर से लखनऊ, दिल्ली, बरेली आदि जाने के लिए यात्री घंटों बस की प्रतीक्षा करते हैं। रविवार को भी तमात यात्री बसों की प्रतीक्षा में बस अड़्डे पर खड़े रहे।
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गोला डिपो में बसें
निगम बसें- 73
चुनाव में गई बसें- 26
दैनिक यात्री- करीब 10,000
स्वास्थ्य कर्मी अंशू सोनी बताते हैं कि चुनाव के साथ शादी-बरात का सीजन। ऐसे में बसों का कम होना मुसीबत बन गया। लखीमपुर जाने के लिए देर तक बसों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। बस आने पर सीट के लिए मारामारी मच जाती है।
सीटी स्कैन टेक्नीशियन हरेराम शर्मा बताते हैं कि इधर कुछ दिनों से बसों की किल्लत ज्यादा हो गई है। पहले जहां 15 से 20 मिनट में लखीमपुर के लिए बस मिल जाती थी, लेकिन इस समय किसी-किसी दिन एक घंटे प्रतीक्षा पड़ जाती है।
दवा व्यापारी शरद मेहरोत्रा ने बताया कि इस समय बसों की संख्या बेहद कम है, जबकि सहालग को लेकर भीड़ बढ़ी है। लखीमपुर जाना हो या फिर लखनऊ समय से बसें नहीं मिल रहीं। एक तो बस देर से मिलती है, दूसरे सीट नहीं मिलती।
एडवोकेट विवेक अवस्थी ने बताया कि न तो गोला से लखीमपुर के लिए समय से बस मिलती है और न ही लखीमपुर से गोला के लिए। काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। इससे करीब चार से पांच घंटे रोजाना खराब हो रहे हैं।
डिपो की 26 बसें चुनाव में गई हैं। इससे कोई रूट विशेष प्रभावित नहीं हुआ है। हां, एक दो बसें कम की गई हैं। दैनिक यात्रियों से लेकर सहालग आदि में जाने वालों मुसाफिरों को किसी तरह की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
- कमलेश कुमार वर्मा, केंद्र प्रभारी, गोला डिपो
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विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण का मतदान सोमवार को होना है। चुनाव शांतिपूर्वक कराने के लिए जिले से भी पुलिस बल गया है। इसके लिए प्रशासन ने गोला डिपो की 26 बसें अधिग्रहीत कर ली हैं। इन बसों से पुलिस जवानों को चुनाव कराने के लिए रवाना कर दिया गया है। इससे जिले के यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इतनी संख्या में बसों के जाने से हर रूट के यात्री प्रभावित हैं, क्योंकि बसें कम होने से दैनिक यात्रियों से लेकर शादी-बरात में जाने वालों को गंतव्य तक जाना मुसीबत बन गया है। गोला से लखीमपुर, लखनऊ, सीतापुर सहित शाहजहांपुर, बरेली और दिल्ली जाने वाले मुसाफिरों को बस अड्डे पर घंटो बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
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लखीमपुर डिपो अनुबंधित बसों के सहारे
लखीमपुर डिपो अनुबंधित बसों के सहारे चल रहा है। लखनऊ, कानुपर, दिल्ली आदि के लिए यहां के यात्रियों को गोला, सीतापुर आदि डिपो की बसों का ही सहारा है। मगर, निगम की बसों के चुनाव में चले जाने से इन रूटों से बसों की कटौती की गई है। इससे लखीमपुर से लखनऊ, दिल्ली, बरेली आदि जाने के लिए यात्री घंटों बस की प्रतीक्षा करते हैं। रविवार को भी तमात यात्री बसों की प्रतीक्षा में बस अड़्डे पर खड़े रहे।
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गोला डिपो में बसें
निगम बसें- 73
चुनाव में गई बसें- 26
दैनिक यात्री- करीब 10,000
स्वास्थ्य कर्मी अंशू सोनी बताते हैं कि चुनाव के साथ शादी-बरात का सीजन। ऐसे में बसों का कम होना मुसीबत बन गया। लखीमपुर जाने के लिए देर तक बसों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। बस आने पर सीट के लिए मारामारी मच जाती है।
सीटी स्कैन टेक्नीशियन हरेराम शर्मा बताते हैं कि इधर कुछ दिनों से बसों की किल्लत ज्यादा हो गई है। पहले जहां 15 से 20 मिनट में लखीमपुर के लिए बस मिल जाती थी, लेकिन इस समय किसी-किसी दिन एक घंटे प्रतीक्षा पड़ जाती है।
दवा व्यापारी शरद मेहरोत्रा ने बताया कि इस समय बसों की संख्या बेहद कम है, जबकि सहालग को लेकर भीड़ बढ़ी है। लखीमपुर जाना हो या फिर लखनऊ समय से बसें नहीं मिल रहीं। एक तो बस देर से मिलती है, दूसरे सीट नहीं मिलती।
एडवोकेट विवेक अवस्थी ने बताया कि न तो गोला से लखीमपुर के लिए समय से बस मिलती है और न ही लखीमपुर से गोला के लिए। काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। इससे करीब चार से पांच घंटे रोजाना खराब हो रहे हैं।
डिपो की 26 बसें चुनाव में गई हैं। इससे कोई रूट विशेष प्रभावित नहीं हुआ है। हां, एक दो बसें कम की गई हैं। दैनिक यात्रियों से लेकर सहालग आदि में जाने वालों मुसाफिरों को किसी तरह की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
- कमलेश कुमार वर्मा, केंद्र प्रभारी, गोला डिपो