Dudhwa: वन्यजीवों और पक्षियों की प्रजातियां दुधवा को बनाती हैं खास, जंगल में दिखेंगे प्रकृति के नजारे
Lakhimpur Kheri News: दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन सत्र का बुधवार को शुभारंभ हो गया। आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने पलिया विधायक रोमी साहनी के साथ विधि विधान से हवन-पूजन के बाद फीता काटकर पर्यटन सत्र का शुभारंभ किया। जानिए दुधवा में क्यों है खास...
विस्तार
लखीमपुर खीरी जनपद का दुधवा नेशनल पार्क स्वच्छंद विचरण करते दुर्लभ वन्यजीवों के साथ ही अपनी अनूठी जैव विविधता और पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के लिए सैलानियों को आकर्षित करता है। यहां 450 प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं। हिरनों की पांच प्रजातियां चीतल, सांभर, काकड़, पाढ़ा और बारहसिंघा के अलावा बाघ, तेंदुआ, भालू, सेही, बंगाल फ्लोकिरन भी यहां की शान हैं। मगरमच्छ, घड़ियाल के साथ ही विभिन्न प्रजाति के सरीसृपों का दुधवा में बसेरा है। तितलियों के अतिरिक्त दुधवा पार्क के जंगल में कई अनदेखी प्रजातियां भी निवास करती हैं।
वनस्पति की बात करें तो यहां साल, जामुन, खैर, बहेड़ा, असना समेत कई प्रकार के पेड़ हैं। विभिन्न प्रकार की झाड़ियों, लताओं व घासों के कारण भी यहां कई दुर्लभ वन्यजीवों का वास है। औषधीय वनस्पतियां भी यहां बड़ी संख्या में पाई जाती हैं। साल और साखू के पेड़ भी यहां की शान हैं और पारिस्थितिकी धरोहर माने जाते हैं। यहां आने वाले सैलानियों के लिए 14 थारू हट व डॉरमेट्री के साथ ही छह कमरों का गेस्ट हाउस रुकने के लिए बनाया गया है।
इस बार क्या है खास
दुधवा टाइगर रिजर्व आने वाले सैलानियों को इस साल प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य पार्क प्रशासन की तरफ से किया जाएगा। इसको लेकर गाइडों को बीते दिनों पर्यटन परिसर में प्रशिक्षित भी किया जा चुका है और जिप्सी में फर्स्ट एड बॉक्स रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके अलावा दुधवा के गाइडों को इस बार सैलानियों को दुधवा से संबंधित कहानी सुनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसमें दुधवा में पाए जाने वाले सरीसृपों और वन्यजीवों के बारे में बताते हुए कहानी का सार लेते हुए सैलानियों को यहां के बारे में बताने का कार्य जाएगा। इस पर्यटन सत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन का प्रयोग वर्जित करने की बात दुधवा प्रशासन ने कही है। ऐसे में चेकिंग के बाद ही सैलानियों को जंगल के अंदर प्रवेश दिया जाएगा।
पलिया के होटल भी ठहरने के लिए रहेंगे अच्छा विकल्प
दुधवा खुलने के बाद वहां थारू हटों और डॉरमेट्री की बुकिंग हो जाने के बाद भी सैलानियों को मायूस नहीं होना पड़ेगा। ऐसा इसलिए है कि दुधवा से मात्र दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित पलिया शहर में कई होटलों के साथ सैलानियों के रुकने के लिए रिजार्ट आदि की व्यवस्था है। इसके अलावा दुधवा मार्ग पर ही कई रिजार्ट हैं, जिनमें सैलानी ठहरकर दुधवा की जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं। इसको लेकर होटल मालिकों ने भी पूरी तैयारी कर ली है।
कैसे पहुंचें दुधवा
लखनऊ से वाया सड़क मार्ग से सीतापुर, लखीमपुर, पलिया होते हुए दुधवा जाया जा सकता है। इसके अलावा शाहजहांपुर से खुटार, मैलानी, पलिया होते हुए सैलानी दुधवा पार्क तक पहुंच सकते हैं। बरेली से दुधवा आने के लिए पहले खुटार और उसके बाद मैलानी होते हुए पलिया व दुधवा जाया जा सकता है। हवाई यात्रा की अगर बात करें तो यहां से सबसे नजदीक का एयरपोर्ट लखनऊ है, जो कि दुधवा से 238 किलोमीटर की दूरी पर है। लखनऊ हवाई जहाज से आकर वहां से निजी वाहनों या फिर ट्रेन, बस से दुधवा पार्क पहुंचा जा सकता है।
दुधवा देशी विदेशी
प्रति व्यक्ति प्रति पाली 200 1600
बच्चों के लिए प्रवेश 100 1400
हाथी सफारी चार व्यक्ति 1200 2400
हाथी सफारी गैंडा परिक्षेत्र के अंदर 1600 3200
केवल पर्यटन परिसर में प्रवेश 50 100
जिप्सी, गाइड, रोड टैक्स 3850 5450
जिनाॅन, गाइड, रोड टैक्स 4900 7400
बड़ा कैमरा फीस मूवी एवं वीडियो 10000 25000
छोटा कैमरा फीस 100 250
डाक्युमेंट्री फिल्म 30000 60000
रुकने के साधन और शुल्क
हटों के नंबर देशी विदेशी
दुधवा थारू हट कक्ष एक व दो 1500 3500
दुधवा थारू हट कक्ष संख्या 11, 12 1000 3000
(यह चारों विभागीय रूप से आवंटित किए जाएंगे।)
वन निगम द्वारा ऑनलाइन के माध्यम से हटों का शुल्क
हटों के नंबर देशी विदेशी
थारू हट तीन से 10 व 13, 14 800 2400
डारमेट्री प्रति बेड प्रति व्यक्ति 150 500
25 राजकीय में से चार-पांच हाथी कराते हैं भ्रमण
दुधवा नेशनल पार्क में 25 राजकीय हाथी हैं। इनमें से केवल चार-पांच हाथियों को ही पार्क प्रशासन द्वारा सैलानियों को भ्रमण कराने के लिए रखा हुआ है। बाकी हाथियों को गश्त व पेट्रोलिंग के साथ ही चारा लाने व अन्य कामों में इस्तेमाल किया जाता है। उद्घाटन के दौरान इनमें से कुछ हाथियों को तैयार कर पर्यटन परिसर में खड़ा भी किया जाता है। इस बार भी सज-धजकर कुछ राजकीय हाथियों ने सैलानियों का इस्तकबाल किया।
90 गाइड सैलानियों को कराएंगे जंगल की सैर
दुधवा नेशनल पार्क में इस बार गाइडों की परीक्षा का हर साल की तरह आयोजन किया गया था। इसमें दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन द्वारा 90 गाइडों का चयन किया गया है। यह 90 गाइड दुधवा पार्क पहुंचने वाले सैलानियों को जंगल सफारी कराने के साथ ही दुधवा के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारियां देने का काम करेंगे। पार्क प्रशासन की मानें तो 55 गाइड दुधवा और 35 गाइडों को किशनपुर रेंज में सैलानियों को भ्रमण करने के लिए लगाया गया है। इसके अलावा करीब 60 जिप्सी व जीनॉन गाड़ियां भी सैलानियों को जंगल का भ्रमण कराने के लिए तैयार की गईं हैं।