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Lakhimpur Kheri News: दुराचारी को 10 वर्ष की कैद की सजा, जुर्माना भी
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लखीमपुर खीरी। किशोरी को अश्लील वीडियो क्लिप के सहारे ब्लैकमेल करने और दुष्कर्म के मामले में अपर जिला जज चिंताराम ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 21000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक संजय सिंह ने बताया कि कोतवाली सदर क्षेत्र के सारणापुरम गढ़ी रोड निवासी अंकित अग्रवाल कुछ समय के लिए एक कॉलेज में कोचिंग के लिए आता-जाता था। आराेप है कि इसी दौरान उसने एक किशोरी को नशीला पेय देकर दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो भी बनाया। इसी अश्लील क्लिपिंग के सहारे वह लंबे समय तक किशोरी का शोषण करता रहा। तंग होकर किशोरी ने मार्च 2020 में रेलवे पटरी पर खुदकुशी करने की कोशिश भी की।
बाद में किशोरी ने पूरा घटनाक्रम पुलिस उच्च अधिकारियों और परिजनों को बताया। उप निरीक्षक संतोष राय ने इस मामले में जांच के बाद अंकित अग्रवाल के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। दुष्कर्म के साथ ही पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाई थीं। 17 मार्च 2020 को कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, तब से अंकित अग्रवाल सलाखों के पीछे है। अदालती सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके माता-पिता के अलावा डॉक्टर मीनाक्षी चौधरी, कांस्टेबल नेहा महंत, प्रधानाचार्य ज्योति तिवारी, उप निरीक्षक कंचन सिंह और एसआई संतोष राय ने अपने बयान में अभियोजन का समर्थन किया था।
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बुधवार को एडीजे चिंताराम ने फैसला सुनाते हुए अंकित अग्रवाल को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 21000 का जुर्माना लगाया है।
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विशेष लोक अभियोजक संजय सिंह ने बताया कि कोतवाली सदर क्षेत्र के सारणापुरम गढ़ी रोड निवासी अंकित अग्रवाल कुछ समय के लिए एक कॉलेज में कोचिंग के लिए आता-जाता था। आराेप है कि इसी दौरान उसने एक किशोरी को नशीला पेय देकर दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो भी बनाया। इसी अश्लील क्लिपिंग के सहारे वह लंबे समय तक किशोरी का शोषण करता रहा। तंग होकर किशोरी ने मार्च 2020 में रेलवे पटरी पर खुदकुशी करने की कोशिश भी की।
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बाद में किशोरी ने पूरा घटनाक्रम पुलिस उच्च अधिकारियों और परिजनों को बताया। उप निरीक्षक संतोष राय ने इस मामले में जांच के बाद अंकित अग्रवाल के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। दुष्कर्म के साथ ही पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाई थीं। 17 मार्च 2020 को कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, तब से अंकित अग्रवाल सलाखों के पीछे है। अदालती सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके माता-पिता के अलावा डॉक्टर मीनाक्षी चौधरी, कांस्टेबल नेहा महंत, प्रधानाचार्य ज्योति तिवारी, उप निरीक्षक कंचन सिंह और एसआई संतोष राय ने अपने बयान में अभियोजन का समर्थन किया था।
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बुधवार को एडीजे चिंताराम ने फैसला सुनाते हुए अंकित अग्रवाल को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 21000 का जुर्माना लगाया है।