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Lakhimpur Kheri News: दो बार पहले भी निलंबित हो चुके हैं रामपुर रेतिया के शिक्षक

Sun, 01 Sep 2024 02:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2024 02:11 AM IST
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Rampur Retia teachers have been suspended twice before
लखीमपुर खीरी। रमियाबेहड़ ब्लॉक के संविलियन विद्यालय रामपुर रेतिया के जिन शिक्षकों को बीएसए ने शुक्रवार को निलंबित किया है। दोनों शिक्षक पूर्व में दो निलंबित हो चुके हैं। कायाकल्प, कंपोजिट ग्रांट की धनराशि मिलने के बाद भी स्कूल की बदहाल व्यवस्था बीईओ के निरीक्षण पर भी सवाल उठा रही है। शिक्षकों के निलंबन और बहाली के खेल की चर्चा भी शुरू हो गई है।
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बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने शुक्रवार को रमियाबेहड़ के संविलियन विद्यालय रामपुर रेतिया का निरीक्षण किया तो स्कूल की स्थिति देखकर दंग रह गए। विद्यालय बंद था, ग्रामीणों के मुताबिक शिक्षक कई दिनों से नहीं आ रहे थे। विद्यालय भवन जर्जर, फर्श टूटी, प्लास्टर गिर रहा है। परिसर में गंदगी और छुट्टा जानवर भी दिखे।
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बीएसए ने स्कूल के तीनों शिक्षक नीरज कुमार भार्गव, रजनीश कुमार व सूरज शुक्ला को निलंबित कर दिया। खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेश यादव ने बताया कि विद्यालय में 179 छात्र नामांकित है। तीन शिक्षक नीरज भार्गव, सूरज शुक्ला और रजनीश कुमार हैं।
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शिक्षक नीरज भार्गव पहले दो बार निलंबित हो चुके हैं। इसके अलावा दो मई को अध्यापक नीरज भार्गव और सूरज शुक्ला को अनुपस्थित कर वेतन कटौती की गई थी।

गुलरिया तालुके अमेठी का मजरा रामपुर रेतिया घाघरा नदी की दूसरी तरफ पड़ता है। ब्लॉक मुख्यालय से अमेठी की दूरी महज सात किलोमीटर है, लेकिन पंचायत का मजरा नदी के दूसरी तरफ होने की वजह ब्लॉक मुख्यालय से इसकी दूरी कैलाशपुरी पुल या जालिम नगर पुल से जाने पर 70 से 80 किलोमीटर पड़ती है। शिक्षा के स्तर को उठाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही, लेकिन विद्यालय रामपुर रेतिया की बदहाली दूर नहीं हुई।
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आखिर कहां जा रही कंपोजिट ग्रांट
विभाग की ओर से प्रति विद्यालय को कंपोजिट ग्रांट में छात्र संख्या के अनुसार 50 से 75 हजार रुपये तक दिए जाते है। इसे विद्यालयों का रंग रोगन, फर्नीचर, रजिस्टर, आदि अन्य आवश्यकताओं पर खर्च किया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय भवन का रंग रोगन कई वर्षों से नही कराया गया है। सवाल यह है कि कंपोजिट ग्रांट का रुपया आखिर कहां खर्च कर दिया गया।

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कायाकल्प नहीं, बनवाया गया सिर्फ शौचालय
खंड विकास अधिकारी रमियाबेहड़ डॉ. सुशांत सिंह ने बताया कि विद्यालय में बच्चों के लिए शौचालय बीते वर्ष बनवाया गया था। विद्यालय भवन अत्यधिक जर्जर है। इस वजह से विद्यालय भवन में कायाकल्प के अंतर्गत कार्य नहीं कराया गया।
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