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Lakhimpur Kheri News: आवास के नाम पर प्रधान और सचिव पर रुपये लेने का आरोप
Sat, 21 Jun 2025 11:51 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 21 Jun 2025 11:51 PM IST
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संपूर्णानगर। मुरारखेड़ा काॅलोनी निवासी एक विधवा महिला ने आवास की किश्त में सचिव और प्रधान पुत्र पर रुपये लेने का आरोप लगाया है। महिला ने मामले में अधिकारियों को पत्र देकर जांच कराने की मांग की है।
मुरारखेड़ा काॅलोनी निवासी पूनम का कहना है कि वह बेवा है। उसने प्रधानमंत्री आवास का आवेदन भरा था। उसको आवास मिला, जिसकी पहली किश्त 40 हजार रुपये की आई। आरोप है कि पहली किश्त से पंचायत सचिव और प्रधान पुत्र ने 10-10 हजार रुपये ले लिए। आने वाली किश्त पर भी सचिव और प्रधान पुत्र द्वारा रुपयों की मांग की गई है।
उसने दोबारा आने वाली किश्त के रुपये देने से मना किया तो उसके खाते पर रोक लगवा दी गई, जिससे वह रुपये नहीं निकाल पा रही। उधर, उसका आवास भी अधूरा पड़ा है। मामले में आईजीआरएस शिकायत करने के साथ ही महिला ने एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा है।
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इस बारे में पंचायत सचिव रत्नेश सोनकर ने बताया कि पूनम को आवास मिला था। पहली किश्त भी जारी हुई थी, लेकिन गांव से शिकायत मिली थी कि उसका पहले भी आवास आ चुका है, जिसकी जांच चल रही है। तब तक दूसरी किश्त के भुगतान पर रोक लगाई गई है।
उधर, बीडीओ संगीता यादव ने बताया कि पीड़ित पूनम की तरफ से सचिव व ग्राम प्रधान पुत्र पर दस-दस हजार रुपये लेने की शिकायत मिली है। इसके लिए तीन सदस्यों की टीम गठित कर दी गई है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
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मुरारखेड़ा काॅलोनी निवासी पूनम का कहना है कि वह बेवा है। उसने प्रधानमंत्री आवास का आवेदन भरा था। उसको आवास मिला, जिसकी पहली किश्त 40 हजार रुपये की आई। आरोप है कि पहली किश्त से पंचायत सचिव और प्रधान पुत्र ने 10-10 हजार रुपये ले लिए। आने वाली किश्त पर भी सचिव और प्रधान पुत्र द्वारा रुपयों की मांग की गई है।
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उसने दोबारा आने वाली किश्त के रुपये देने से मना किया तो उसके खाते पर रोक लगवा दी गई, जिससे वह रुपये नहीं निकाल पा रही। उधर, उसका आवास भी अधूरा पड़ा है। मामले में आईजीआरएस शिकायत करने के साथ ही महिला ने एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा है।
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इस बारे में पंचायत सचिव रत्नेश सोनकर ने बताया कि पूनम को आवास मिला था। पहली किश्त भी जारी हुई थी, लेकिन गांव से शिकायत मिली थी कि उसका पहले भी आवास आ चुका है, जिसकी जांच चल रही है। तब तक दूसरी किश्त के भुगतान पर रोक लगाई गई है।
उधर, बीडीओ संगीता यादव ने बताया कि पीड़ित पूनम की तरफ से सचिव व ग्राम प्रधान पुत्र पर दस-दस हजार रुपये लेने की शिकायत मिली है। इसके लिए तीन सदस्यों की टीम गठित कर दी गई है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।