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कांग्रेस में घमासान: जितिन समेत 23 नेताओं के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
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लखीमपुर खीरी में कांग्रेस कार्यालय पर बैठक को संबोधित करते जिलाध्यक्ष प्रह्लाद पटेल। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कांग्रेस खेमे में चल रहा अंतर कलह अब खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में जितिन प्रसाद सहित अन्य नेताओं के सोनिया गांधी के नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की गई। बाद में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए प्रस्ताव राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष प्रह्लाद पटेल ने कहा कि सोनिया गांधी पार्टी की एक सर्वमान्य नेता हैं। वह लोग राहुल गांधी और प्रियंका गांधी में पूरा विश्वास रखते हैं। मांग है कि यदि परिवर्तन होता है तो राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए।
वक्ताओं ने कहा कि कोरोना की आपात स्थिति और जब सोनिया गांधी अस्वस्थ थीं, राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकारों पर भी भाजपा हमला कर रही थी। ऐसे में जितिन प्रसाद सहित वरिष्ठ नेताओं ने हस्ताक्षर कर सोनिया गांधी की कार्यक्षमता पर उंगली उठाई। हस्ताक्षर करना यह दर्शाता है कि इन लोगों की सोनिया गांधी और कांग्रेस में कोई आस्था नहीं है। जो काम भाजपा कर रही है वही काम इन लोगों ने किया है।
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आपातकालीन बुलाई गई बैठक में जिला और शहर कांग्रेस कमेटी ने सर्वसम्मति से हस्ताक्षर करने वाले समस्त सदस्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। निंदा प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि उत्तर प्रदेश से पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद के हस्ताक्षर हैं। इनका पारिवारिक इतिहास गांधी परिवार के खिलाफ रहा है। इनके पिता ने सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़कर इसका सुबूत दिया था। इसके बाद भी सोनिया गांधी ने उन्हें लोकसभा का टिकिट देकर सांसद और मंत्री बनाया। जितिन प्रसाद का यह कृत्य अनुशासनहीनता है। जिला कांग्रेस कमेटी इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है और उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करती है।
निंदा प्रस्ताव पर शहर अध्यक्ष सिद्धार्थ त्रिवेदी, संजय गोस्वामी, कुमुद गंगवार, दिलीप कुमार पासवान, मोहम्मद फारुक सिद्दीकी आदि के हस्ताक्षर हैं। इस संबंध में जितिन प्रसाद से मोबाइल पर संपर्क किया गया पर बात नहीं हो सकी।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान में शामिल 23 वरिष्ठ नेताओं में जितिन प्रसाद भी शामिल थे इस कारण उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और निंदा प्रस्ताव पास कर पार्टी अध्यक्ष को भेजा गया है।
-प्रहलाद पटेल, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष प्रह्लाद पटेल ने कहा कि सोनिया गांधी पार्टी की एक सर्वमान्य नेता हैं। वह लोग राहुल गांधी और प्रियंका गांधी में पूरा विश्वास रखते हैं। मांग है कि यदि परिवर्तन होता है तो राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए।
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वक्ताओं ने कहा कि कोरोना की आपात स्थिति और जब सोनिया गांधी अस्वस्थ थीं, राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकारों पर भी भाजपा हमला कर रही थी। ऐसे में जितिन प्रसाद सहित वरिष्ठ नेताओं ने हस्ताक्षर कर सोनिया गांधी की कार्यक्षमता पर उंगली उठाई। हस्ताक्षर करना यह दर्शाता है कि इन लोगों की सोनिया गांधी और कांग्रेस में कोई आस्था नहीं है। जो काम भाजपा कर रही है वही काम इन लोगों ने किया है।
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आपातकालीन बुलाई गई बैठक में जिला और शहर कांग्रेस कमेटी ने सर्वसम्मति से हस्ताक्षर करने वाले समस्त सदस्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। निंदा प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि उत्तर प्रदेश से पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद के हस्ताक्षर हैं। इनका पारिवारिक इतिहास गांधी परिवार के खिलाफ रहा है। इनके पिता ने सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़कर इसका सुबूत दिया था। इसके बाद भी सोनिया गांधी ने उन्हें लोकसभा का टिकिट देकर सांसद और मंत्री बनाया। जितिन प्रसाद का यह कृत्य अनुशासनहीनता है। जिला कांग्रेस कमेटी इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है और उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करती है।
निंदा प्रस्ताव पर शहर अध्यक्ष सिद्धार्थ त्रिवेदी, संजय गोस्वामी, कुमुद गंगवार, दिलीप कुमार पासवान, मोहम्मद फारुक सिद्दीकी आदि के हस्ताक्षर हैं। इस संबंध में जितिन प्रसाद से मोबाइल पर संपर्क किया गया पर बात नहीं हो सकी।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान में शामिल 23 वरिष्ठ नेताओं में जितिन प्रसाद भी शामिल थे इस कारण उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और निंदा प्रस्ताव पास कर पार्टी अध्यक्ष को भेजा गया है।
-प्रहलाद पटेल, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस