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कवियों ने बहाई साहित्य की रसधार

Thu, 05 Nov 2015 08:00 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Thu, 05 Nov 2015 08:00 PM IST
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Poets of Baha'i literature juices
शहर के दशहरा मेला के सांस्कृतिक मंच पर बुधवार को प्रादेशिक कवि सम्मेलन हुआ। इसमें कवियों ने साहित्य के विभिन्न रसों की वर्षा की। यहां देर रात तक लोग साहित्य के रसों का आनंद लेते रहे।
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कवि सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.इरा श्रीवास्तव ने किया। यहां कार्यक्रम का संचालन करते हुए औरैया से आए कवि अजय शुक्ला ने कहा कि सियासी चोर जब भी लूटते हैं देश माता को, मेरे दिल से निकलती है महज अंगार की भाषा। नवल सुधांशु ने कहा-मोहब्बत का मुसाफिर हूं जवां धड़कन मेरा घर है। डॉ.आलोक मिश्र ने अपनी शृंगार रस की कविता कुछ इस अंदाज में पढ़ी छूने दो बांसुरी को अधर से प्रिये, गीत कहते हुए दिन गुजर जाएंगे। अनूप मिश्र ने कहा-गुरु के चरणों से मिली चुटकी भर जो धूल, कांटों पर चलता रहा चुभा न मुझको शूल। राजकिशोर पांडे प्रहरी ने छद्म सेकुलरिस्टों पर व्यंग्य करते हुए कहा- नकली चेहरा सामने छुपी असल पहचान, अंदर से लादेन हैं बाहर से रसखान। शाश्वत अभिषेक ने कहा-लोकतंत्र को काटते हैं जो श्वान समान, ऐसे दंत तंत्रियों को तोड़ देना चाहिए। सत्येंद्र द्विवेदी ने कहा- जो करते हैं मां-बाप की सेवा, उनका कफन भी मैला नहीं होता। अखिलेश द्विवेदी ने कहा मोहब्बत के तराने जब लबों तक ही न आएंगे, वहां पर देश भक्ति के हम कैसे गीत गाएंगे।
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विनय बागी ने कहा-अबकी दिवाली के खर्चों को सीमा पर पहुंचा देना, शीश काटने वालों को अबकी जिंदा दफना देना। आलोक सीतापुरी ने कहा-आसन बैठि कहै सजनी, सजना भरि अंक सितार बनालो, आखर-आखर रोज पढ़ौ, मुझको अपना अखबार बनालो। सुरेश फक्कड़ ने आज के सियासत दारों को फटकारते हुए कहा-पता क्या था सुबह आने पर ऐसे दिन भी आएंगे, शहीदों की चिताओं पर यहां व्यापार भी होगा। यहां नरकंकाल ने कहा- जब तक पांचाली दु:शासन के लहू से अपने केश नहीं धोएगी, इस राष्ट्र की संस्कृति इसी तरह रोएगी। इनके अलावा मधु श्रीवास्तव, राजेंद्र प्रसाद तिवारी कंटक, कामिनी चौहान, युवराज शेखर, कमलेश धुरंधर, आनंद अग्निहोत्री, इंद्रपाल वर्मा, रमाकांत शुक्ला, कामिनी श्रीवास्तव सहित तमाम कवियों ने काव्य पाठ किया। यहां भोलानाथ शेखर की स्मृति में कवि अनिल शुक्ल अमल को शेेखर परिवार की तरफ से भोलानाथ शेखर सम्मान दिया गया। कवि सम्मेलन में राजकिशोर त्रिवेदी, रितुराज वाजपेयी, डॉ.अजय पांडे, ईओ अवनींद्र कुमार, जितेंद्र सिंह, मेलाध्यक्ष संदीप सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित थे।
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