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Lakhimpur Kheri News: रोडवेज बसों में नहीं जा रहे यात्री... परेशान अधिकारी तलाश रहे वजह
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लखीमपुर खीरी। लखीमपुर में रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में गिरावट से परिवहन अफसर परेशान हैं। अगस्त के मुकाबले सितंबर में लोड फैक्टर काफी कम हो गया है। बीते पांच दिनों में ही यात्रियों की संख्या में 20 प्रतिशत की कमी आई है।
100 अनुबंधित बसों वाले लखीमपुर डिपो से मौजूदा समय में 95 बसें संचालित हो रही हैं। अवधि पूरी हो जाने से पांच बसें बाहर हो गई हैं। लखनऊ, गोला, ऐरा, धौरहरा, लहरपुर व अन्य रूटों पर डिपो की बसों का संचालन होता है। बसों का लोड फैक्टर भी 75 से 80 फीसदी रहता था। सितंबर के आखिरी सप्ताह में डिपो का लोड फैक्टर करीब 20 प्रतिशत घटकर 58 से 60 फीसदी रह गया है। एक बस को प्रतिदिन करीब 354 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि सितंबर में सवारियों की संख्या में कमी आई है। लोड फैक्टर कम हुआ है।
32 हजार किमी का सफर, 56 फीसदी रहा लोड फैक्टर
बुधवार को लखीमपुर डिपो की बसों ने 30 हजार से अधिक किलोमीटर की दूरी तय की। लोड फैक्टर 60 प्रतिशत रहा। बृहस्पतिवार को लोड फैक्टर घटकर 56 प्रतिशत पर पहुंच गया। बसों ने 32 हजार से अधिक किमी की दूरी तय की। शुक्रवार को भी डिपो का लोड फैक्टर 60 प्रतिशत से कम रहा। बसों ने करीब 30 हजार किलोमीटर का सफर किया।
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अवकाश, त्योहार और डग्गामार बने वजह
डिपो की सवारियों की संख्या में कमी का कारण लखनऊ रूट पर संचालित डग्गामार वाहन माने जा रहे हैं। इसके अलावा अवकाश और त्योहार भी इसकी वजह रहे। बारावफात जुलूस की वजह से कई जिलों में बसों का रूट डायवर्जन किया गया। इसका असर भी पड़ा।
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100 अनुबंधित बसों वाले लखीमपुर डिपो से मौजूदा समय में 95 बसें संचालित हो रही हैं। अवधि पूरी हो जाने से पांच बसें बाहर हो गई हैं। लखनऊ, गोला, ऐरा, धौरहरा, लहरपुर व अन्य रूटों पर डिपो की बसों का संचालन होता है। बसों का लोड फैक्टर भी 75 से 80 फीसदी रहता था। सितंबर के आखिरी सप्ताह में डिपो का लोड फैक्टर करीब 20 प्रतिशत घटकर 58 से 60 फीसदी रह गया है। एक बस को प्रतिदिन करीब 354 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि सितंबर में सवारियों की संख्या में कमी आई है। लोड फैक्टर कम हुआ है।
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32 हजार किमी का सफर, 56 फीसदी रहा लोड फैक्टर
बुधवार को लखीमपुर डिपो की बसों ने 30 हजार से अधिक किलोमीटर की दूरी तय की। लोड फैक्टर 60 प्रतिशत रहा। बृहस्पतिवार को लोड फैक्टर घटकर 56 प्रतिशत पर पहुंच गया। बसों ने 32 हजार से अधिक किमी की दूरी तय की। शुक्रवार को भी डिपो का लोड फैक्टर 60 प्रतिशत से कम रहा। बसों ने करीब 30 हजार किलोमीटर का सफर किया।
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अवकाश, त्योहार और डग्गामार बने वजह
डिपो की सवारियों की संख्या में कमी का कारण लखनऊ रूट पर संचालित डग्गामार वाहन माने जा रहे हैं। इसके अलावा अवकाश और त्योहार भी इसकी वजह रहे। बारावफात जुलूस की वजह से कई जिलों में बसों का रूट डायवर्जन किया गया। इसका असर भी पड़ा।