{"_id":"57b34b214f1c1bd26e6eb7a9","slug":"on-the-last-monday-of-sawan-reverence-aroused-was-swamped","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन के अंतिम सोमवार को उमड़ा श्रद्धा का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन के अंतिम सोमवार को उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 17 Aug 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
sawan
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिनभर गूंजते रहे हर-हर महादेव, बम भोले के जयकारे
भुइफोरवानाथ मंदिर में शिवलिंग का हुआ भव्य शृंगार
सावन माह के अंतिम सोमवार को गोलागाकर्णनाथ समेत सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर दिनभर हर-हर महादेव, बम भोले के जयकारों और घंटा घड़ियाल की ध्वनि से गूंजते रहे। बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने दूर दूर से गंगा समेत पवित्र नदियों के लाए जल से जलाभिषेक किया। सावन के आखिरी सोमवार को शिवमंदिर के अलावा सार्वजनिक स्थलों पर भंडारों का आयोजन किया गया। इन भंडारों में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिरों में देर रात तक पूजा अर्चना का सिलसिला जारी रहा।
शहर के भुइफोरवानाथ शिव मंदिर में प्राचीन शिवलिंग का बर्फ से शृंगार किया गया। मंदिर को बिजली की रंग बिरंगी झालरों और फूलों की लड़ियों से सजाया गया था। यहां कई श्रद्धालुओं ने भंडारे का आयोजन किया। प्राचीन लिलौटी नाथ मंदिर, जंगलीनाथ मंदिर और देवकली में सैकड़ों कांवडिय़ों ने जलाभिषेक किया। इन मंदिरों में भी दिन भर भंडारों की धूम रही। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
धौरहरा। सावन माह के अंतिम सोमवार को हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों नें कफारा के प्रसिद्धि श्री लीलानाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। विशेष पूजन में भक्तों नें मंदिर में हवन पूजन कर श्री लीलानाथ का रुद्राभिषेक किया। सुबह चार बजे से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया था जो रात तक जारी रहा।
विज्ञापन
बांकेगंज। सावन माह के अंतिम सोमवार को बांकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने अक्षत, रोली, चंदन, बेलपत्र, समी, भांग, धतूरा, कमल फूल आदि से महादेव की पूजा-अर्चना की। सायंकाल भक्तों ने संगीतमयी सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया।
बिजुआ। भीरा के भक्त हनुुमान कमेटी की ओर से महिला कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। कांवड़ यात्रा में नगर क्षेत्र की महिलाओं ने पलिया-भीरा शारदा तट से पवित्र जल लेकर भीरा कस्बे के शिव मंदिर तक पहुंची। महिला कांवड़ यात्रा करीब आठ किमी का सफर तय कर सुबह भीरा से पैदल शारदा के तट पर पहुंची। शारदा घाट से कांवड़ लेकर महिलाओं का जत्था भोले बाबा के जयकारे लगाते हुए भीरा कस्बे के शिव मंदिर पर पहुंचा। मंदिर के पुजारी प्रशांत पांडे ने विधि विधान से पूजन अर्चन कर जलाभिषेक कराया। भक्त हनुमान कमेटी के सदस्य क्षितिज जैन, पियूष अग्रवाल, सुधांशु अग्रवाल, अगम गोयल और सनी शुक्ला ने बताया कि कमेटी द्वारा इस बार दूसरी कांवड़ यात्रा का आयोजन हुआ है। कांवड़ यात्रा में 120 महिला भक्तों ने हिस्सा लिया।
हर-हर, बम-बम के जयकारों से गूंजी छोटी काशी
छोटी काशी में सावन के अंतिम सोमवार पर पौराणिक शिव मंदिर में भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। शिव भक्तों के हर हर, बम बम के जयकारों से छोटी काशी गुंजायमान हो उठी और सड़कें भगवा रंग में रंगी नजर आयी। थिरकते, पैरों में घुंघुरुओं की झमाझम के साथ कांवड़ियों का रेला आकर्षण का केंद्र बना रहा।
छोटी काशी में पूरे सावन माह भर चलने वाला मेले के अंतिम सोमवार पर शिव भक्तों की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। दूर दराज से आए शिव भक्तों ने एक दिन पूर्व ही नगर में अलग अलग स्थानों पर डेरा जमा लिए। सोमवार की रात्रि में ही शिव भक्तों के दर्शनार्थ पौराणिक शिव मंदिर के कपाट खोल दिए गए। गोकर्ण तीर्थ में स्नान कर और दूर के गंगा घाटों से कांवड़ लेकर आए शिव भक्तों ने मंदिर परिसर में कांवड़ पूजा करने के बाद शिव स्त्रोज जपते हुए पौराणिक शिव मंदिर की परिक्रमा कर भगवान भोलेनाथ का धतूरा, बेलपत्र, भांग, शमीपत्र, दुग्ध, चंदन, घी आदि से पूजन कर मनौती मानी। कांवड़ियों ने गंगा घाट से जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर के बरामदे में शिव भक्तों की संगीतमयी भजन संध्या से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस मौके पर नगर में कई स्थानों पर भंडारे कराये गए। नगर पालिका ने श्रद्धालुओं के सुविधार्थ सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल टैंक की व्यवस्था की। मेला सहायता केंद्र से माइक पर मौजूद कर्मी भीड़ को नियंत्रित और जेब कतरों आदि घटनाओं से सावधान रहने को सचेत करते रहे। हालांकि मेले में कई कैमरों की निगरानी के बावजूद श्रद्धालु गौरव कुमार, वीरेंद्र सिंह का रुपयों सहित पर्स, महिलाओं की सोने की मांग बेदी, अनीता देवी का एटीएम कार्ड, शाहजहांपुर के हुसैनपुरा से आए सुनील कुमार का पर्स, रौंसा निवासी नत्थालाल का मोबाइल आदि भीड़ में गायब हो गया।
ममरी। सावन के अंतिम सोमवार को क्षेत्र से लेकर दूर दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं, पदयात्री कांवरियों ने छोटी काशी के प्राचीन शिव मंदिर के अभिन्न अंग कहलाने वाले अहमदनगर के क्लेशहरण मंदिर में बेलपत्र, धतूरा, प्रसाद चढ़ाकर जलाभिषेक किया और डमरुआ वाले के जयकारे लगाए।
इस मौके पर खेल खिलौनों, मिष्ठान, सौंदर्य राखियों आदि की सैकड़ों दुकानें लगी रही। रक्षाबंधन त्योहार करीब होने की वजह से राखियों की जमकर बिक्री हुई।
देश और शिव भक्ति की झलक दिखी एक साथ
गोला गोकर्णनाथ। सावन माह में छोटी काशी में 15 अगस्त को पड़े अंतिम सोमवार पर मुस्लिम समाज के लोगों ने भंडारा कर गंगा जमुनी संस्कृति का परिचय दिया है। कोतवाली गेट पर हुए भंडारे के पंडाल के ऊपर तिरंगे झंडे लहरा रहे थे, अंदर मुस्लिम समाज के लोग अपने परिवेश में सेवा भाव से हर हर, बम बम का उद्घोष करते जा रहे शिव भक्तों को भंडारे का प्रसाद वितरित कर रहे थे। नगर में गंगा जमुनी तहजीब के साथ देश भक्ति और शिव भक्ति की झलक एक साथ देखने को मिली है। इस मौके पर हाजी मुस्ताक अली, मेराज खां, रफी अहमद, जीशान खां, बारिस सिद्दीकी, मुमताज, आगा खां, जमील मंसूरी, जमाल अहमद राईन, बारिस अंसारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
भुइफोरवानाथ मंदिर में शिवलिंग का हुआ भव्य शृंगार
सावन माह के अंतिम सोमवार को गोलागाकर्णनाथ समेत सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर दिनभर हर-हर महादेव, बम भोले के जयकारों और घंटा घड़ियाल की ध्वनि से गूंजते रहे। बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने दूर दूर से गंगा समेत पवित्र नदियों के लाए जल से जलाभिषेक किया। सावन के आखिरी सोमवार को शिवमंदिर के अलावा सार्वजनिक स्थलों पर भंडारों का आयोजन किया गया। इन भंडारों में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिरों में देर रात तक पूजा अर्चना का सिलसिला जारी रहा।
शहर के भुइफोरवानाथ शिव मंदिर में प्राचीन शिवलिंग का बर्फ से शृंगार किया गया। मंदिर को बिजली की रंग बिरंगी झालरों और फूलों की लड़ियों से सजाया गया था। यहां कई श्रद्धालुओं ने भंडारे का आयोजन किया। प्राचीन लिलौटी नाथ मंदिर, जंगलीनाथ मंदिर और देवकली में सैकड़ों कांवडिय़ों ने जलाभिषेक किया। इन मंदिरों में भी दिन भर भंडारों की धूम रही। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
विज्ञापन
धौरहरा। सावन माह के अंतिम सोमवार को हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों नें कफारा के प्रसिद्धि श्री लीलानाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। विशेष पूजन में भक्तों नें मंदिर में हवन पूजन कर श्री लीलानाथ का रुद्राभिषेक किया। सुबह चार बजे से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया था जो रात तक जारी रहा।
विज्ञापन
बांकेगंज। सावन माह के अंतिम सोमवार को बांकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने अक्षत, रोली, चंदन, बेलपत्र, समी, भांग, धतूरा, कमल फूल आदि से महादेव की पूजा-अर्चना की। सायंकाल भक्तों ने संगीतमयी सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया।
बिजुआ। भीरा के भक्त हनुुमान कमेटी की ओर से महिला कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। कांवड़ यात्रा में नगर क्षेत्र की महिलाओं ने पलिया-भीरा शारदा तट से पवित्र जल लेकर भीरा कस्बे के शिव मंदिर तक पहुंची। महिला कांवड़ यात्रा करीब आठ किमी का सफर तय कर सुबह भीरा से पैदल शारदा के तट पर पहुंची। शारदा घाट से कांवड़ लेकर महिलाओं का जत्था भोले बाबा के जयकारे लगाते हुए भीरा कस्बे के शिव मंदिर पर पहुंचा। मंदिर के पुजारी प्रशांत पांडे ने विधि विधान से पूजन अर्चन कर जलाभिषेक कराया। भक्त हनुमान कमेटी के सदस्य क्षितिज जैन, पियूष अग्रवाल, सुधांशु अग्रवाल, अगम गोयल और सनी शुक्ला ने बताया कि कमेटी द्वारा इस बार दूसरी कांवड़ यात्रा का आयोजन हुआ है। कांवड़ यात्रा में 120 महिला भक्तों ने हिस्सा लिया।
हर-हर, बम-बम के जयकारों से गूंजी छोटी काशी
छोटी काशी में सावन के अंतिम सोमवार पर पौराणिक शिव मंदिर में भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। शिव भक्तों के हर हर, बम बम के जयकारों से छोटी काशी गुंजायमान हो उठी और सड़कें भगवा रंग में रंगी नजर आयी। थिरकते, पैरों में घुंघुरुओं की झमाझम के साथ कांवड़ियों का रेला आकर्षण का केंद्र बना रहा।
छोटी काशी में पूरे सावन माह भर चलने वाला मेले के अंतिम सोमवार पर शिव भक्तों की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। दूर दराज से आए शिव भक्तों ने एक दिन पूर्व ही नगर में अलग अलग स्थानों पर डेरा जमा लिए। सोमवार की रात्रि में ही शिव भक्तों के दर्शनार्थ पौराणिक शिव मंदिर के कपाट खोल दिए गए। गोकर्ण तीर्थ में स्नान कर और दूर के गंगा घाटों से कांवड़ लेकर आए शिव भक्तों ने मंदिर परिसर में कांवड़ पूजा करने के बाद शिव स्त्रोज जपते हुए पौराणिक शिव मंदिर की परिक्रमा कर भगवान भोलेनाथ का धतूरा, बेलपत्र, भांग, शमीपत्र, दुग्ध, चंदन, घी आदि से पूजन कर मनौती मानी। कांवड़ियों ने गंगा घाट से जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर के बरामदे में शिव भक्तों की संगीतमयी भजन संध्या से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस मौके पर नगर में कई स्थानों पर भंडारे कराये गए। नगर पालिका ने श्रद्धालुओं के सुविधार्थ सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल टैंक की व्यवस्था की। मेला सहायता केंद्र से माइक पर मौजूद कर्मी भीड़ को नियंत्रित और जेब कतरों आदि घटनाओं से सावधान रहने को सचेत करते रहे। हालांकि मेले में कई कैमरों की निगरानी के बावजूद श्रद्धालु गौरव कुमार, वीरेंद्र सिंह का रुपयों सहित पर्स, महिलाओं की सोने की मांग बेदी, अनीता देवी का एटीएम कार्ड, शाहजहांपुर के हुसैनपुरा से आए सुनील कुमार का पर्स, रौंसा निवासी नत्थालाल का मोबाइल आदि भीड़ में गायब हो गया।
ममरी। सावन के अंतिम सोमवार को क्षेत्र से लेकर दूर दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं, पदयात्री कांवरियों ने छोटी काशी के प्राचीन शिव मंदिर के अभिन्न अंग कहलाने वाले अहमदनगर के क्लेशहरण मंदिर में बेलपत्र, धतूरा, प्रसाद चढ़ाकर जलाभिषेक किया और डमरुआ वाले के जयकारे लगाए।
इस मौके पर खेल खिलौनों, मिष्ठान, सौंदर्य राखियों आदि की सैकड़ों दुकानें लगी रही। रक्षाबंधन त्योहार करीब होने की वजह से राखियों की जमकर बिक्री हुई।
देश और शिव भक्ति की झलक दिखी एक साथ
गोला गोकर्णनाथ। सावन माह में छोटी काशी में 15 अगस्त को पड़े अंतिम सोमवार पर मुस्लिम समाज के लोगों ने भंडारा कर गंगा जमुनी संस्कृति का परिचय दिया है। कोतवाली गेट पर हुए भंडारे के पंडाल के ऊपर तिरंगे झंडे लहरा रहे थे, अंदर मुस्लिम समाज के लोग अपने परिवेश में सेवा भाव से हर हर, बम बम का उद्घोष करते जा रहे शिव भक्तों को भंडारे का प्रसाद वितरित कर रहे थे। नगर में गंगा जमुनी तहजीब के साथ देश भक्ति और शिव भक्ति की झलक एक साथ देखने को मिली है। इस मौके पर हाजी मुस्ताक अली, मेराज खां, रफी अहमद, जीशान खां, बारिस सिद्दीकी, मुमताज, आगा खां, जमील मंसूरी, जमाल अहमद राईन, बारिस अंसारी आदि मौजूद रहे।