फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   On Kolhuon throwaway Sugarcane purchase price

कोल्हुओं पर कौड़ियों के  भाव खरीद रहे गन्ना

Wed, 05 Oct 2016 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Wed, 05 Oct 2016 11:50 PM IST
विज्ञापन
On Kolhuon throwaway Sugarcane purchase price
औने-पौने दामों पर - फोटो : अमर उजाला
290 वाला गन्ना 150 रुपये में बेचने को विवश किसान
विज्ञापन

चीनी मिलों के चलने में अभी एक माह की देरी
त्योहार सिर पर, घर का खर्च चलाना मजबूरी

 जिले में पेड़ी गन्ने की फसल तैयार हो चुकी है, लेकिन अभी चीनी मिलों में पेराई शुरू नहीं हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्हू पर गन्ने की आवक शुरू हो गई, जहां किसानों से औने-पौने दामों पर मनमाने तरीके से 150 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना खरीदा जा रहा है। त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है, खासकर दिवाली नजदीक है। लिहाजा परिवार की जरूरतों और घर का खर्च चलाने के लिए मजबूरन किसानों को कोल्हू पर घाटे का सौदा करना पड़ रहा है। 
विभागीय सूत्रों की माने तो इस माह किसी मिल के चालू होने की उम्मीद नहीं है, बल्कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू होने की उम्मीद है। अधिकतर किसान प्रमुख रूप से गन्ने की खेती पर ही निर्भर हो चुके हैं, जिसके कारण जिले में नौ चीनी मिलें संचालित हो रहीं हैं। इस बार गन्ने का एरिया छह फीसदी बढ़ा है, तो मौसम के साथ देने से अच्छी पैदावार होने की उम्मीद भी है। अभी सिर्फ बलरामपुर ग्रुप की गुलरिया मिल ने ब्वायलर पूजन किया है। जबकि अन्य मिलों की तैयारियां पूरी नहीं हो सकी हैं। चीनी मिलों में पेराई सत्र की देरी का खामियाजा गन्ना किसानों को भुगतना पड़ रहा है। कोल्हू मालिक किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर 290 रुपये प्रति क्विंटल वाला गन्ना 150 रुपये में खरीदकर चांदी काट रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि कोल्हू बगैर लाइसेंस के चल रहे हैं, जिससे इन पर किसी का नियंत्रण नहीं है। उन्होंने बताया कि नवंबर के प्रथम सप्ताह में मिलें गन्ना खरीद शुरू कर देंगी। लिहाजा गन्ना किसान थोड़ा इंतजार करें, चीनी मिलों को ही गन्ना आपूर्ति करें। 
विज्ञापन

बांकेगंज। बांकेगंज और गोला क्षेत्र के किसानों को शादी और बच्चों की पढ़ाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसों की जरूरत है। किसानों की इस मजबूरी का फायदा कोल्हू मालिक उठा रहे हैं। किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। गन्ना उत्पादक किसान विपिन शर्मा, अंजू सिंह, प्रेम सिंह, अनवर खां का कहना है कि किसानों को इस समय अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। उनके खेतों में पेड़ी गन्ना फसल पककर तैयार खड़ी है। नकदी फसल गन्ना किसानों की आर्थिक रीढ़ होती है। परेशान किसानों का आरोप है कि चीनी मिलों के पिछले कई सालों से देरी से चलने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बावजूद इसके न सरकार और न ही चीनी मिल मालिक इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। किसानों की मांग है कि गन्ना मूल्य क  भुगतान में देरी करने वाली मिलों को एडवांस में रुपये देकर मदद करनी चाहिए, जिसे वह गन्ने की आपूर्ति पर काट सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed