{"_id":"935d9b4aeb35507755317780d0cb35fe","slug":"obc-basis-of-calculation-will-apply-to-reservation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओबीसी गणना के आधार पर ही लागू होगा आरक्षण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओबीसी गणना के आधार पर ही लागू होगा आरक्षण
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 09 Jul 2015 06:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंचायत चुनावों के मद्देनजर जिले में सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं। खासकर पंचायतों में लागू होने वाले आरक्षण पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। इस बीच जिले में चल रहे ओबीसी के रैपिड सर्वे का काम अधिकारियों को 18 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस सर्वे के पूरा होने के बाद ही शासन से ग्राम पंचायतवार आरक्षण लागू किया जाएगा। इस बीच प्रशासन ने जिले में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन और परिसीमन का काम पूरा कर लिया है।
जिले में 995 ग्राम पंचायतें थीं, लेकिन परिसीमन के बाद 172 पंचायतें और बढ़ गई हैं। जिसके बाद पंचायतों की संख्या 1167 हो गई हैं। प्रशासन को सभी पुनर्गठित ग्राम पंचायतों में चुनाव कराना है। अधिकारियों के मुताबिक परिसीमन से जिला पंचायत वार्ड, क्षेत्र पंचायत वार्ड और ग्राम पंचायत वार्डों की संख्या भी बढ़ी है। परिसीमन से पूर्व जिले में जिला पंचायत वार्डों की संख्या 54 थी, लेकिन अब 72 हो गई है। इसी तरह क्षेत्र पंचायत के 1339 वार्ड थे लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 1804 हो गई है। जबकि पूर्व में जिले में 12827 ग्राम पंचायतें थीं, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 15077 हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में ओबीसी की गणना के लिए 18 जुलाई तक रैपिड सर्वे किया जाना है, जिसके बाद सर्वे रिपोर्ट शासन को भी जाएगी। इसी सर्वे रिपोर्ट के बाद ही जिले की ग्राम पंचायतों में आरक्षण लागू किया जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी योगेंद्र कटियार का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन और परिसीमन का काम पूरा कर लिया गया है। अन्य तैयारियां भी पूरी की जा रही हैं। ओबीसी के रैपिड सर्वे के काम में लगे अधिकारियों को 18 जुलाई तक हर हाल में कार्य पूरा करना है।
विज्ञापन
जिले में 995 ग्राम पंचायतें थीं, लेकिन परिसीमन के बाद 172 पंचायतें और बढ़ गई हैं। जिसके बाद पंचायतों की संख्या 1167 हो गई हैं। प्रशासन को सभी पुनर्गठित ग्राम पंचायतों में चुनाव कराना है। अधिकारियों के मुताबिक परिसीमन से जिला पंचायत वार्ड, क्षेत्र पंचायत वार्ड और ग्राम पंचायत वार्डों की संख्या भी बढ़ी है। परिसीमन से पूर्व जिले में जिला पंचायत वार्डों की संख्या 54 थी, लेकिन अब 72 हो गई है। इसी तरह क्षेत्र पंचायत के 1339 वार्ड थे लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 1804 हो गई है। जबकि पूर्व में जिले में 12827 ग्राम पंचायतें थीं, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 15077 हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में ओबीसी की गणना के लिए 18 जुलाई तक रैपिड सर्वे किया जाना है, जिसके बाद सर्वे रिपोर्ट शासन को भी जाएगी। इसी सर्वे रिपोर्ट के बाद ही जिले की ग्राम पंचायतों में आरक्षण लागू किया जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी योगेंद्र कटियार का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन और परिसीमन का काम पूरा कर लिया गया है। अन्य तैयारियां भी पूरी की जा रही हैं। ओबीसी के रैपिड सर्वे के काम में लगे अधिकारियों को 18 जुलाई तक हर हाल में कार्य पूरा करना है।
विज्ञापन