{"_id":"4237a43d9cd3ab44b5908215ff151e06","slug":"now-booths-will-be-kept-individual-mtpetika-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बूथों पर रखी जाएंगी अलग-अलग मतपेटिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बूथों पर रखी जाएंगी अलग-अलग मतपेटिका
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 03 Oct 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर होने वाले चुनाव में इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग मतपेटिका रखने की व्यवस्था की है।
आयोग के मुताबिक क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए बैलेट नीले रंग का होगा और मतपेटी पर नीले रंग का ही कागज चस्पा किया जाएगा। इसी तरह जिला पंचायत सदस्य पद पर होने वाले चुनाव के लिए गुलाबी रंग का बैलेट होगा और मतपेटिका पर गुलाबी रंग का ही कागज होगा। इन पर संबंधित पदों का नाम भी अंकित किया जाएगा। इस संबंध में आयोग ने प्रशासन को एक बूथ पर दो मतपेटिका रखने का निर्देश दिया है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि आयोग की ओर से दो मतपेटिका रखने की व्यवस्था पहली बार की जा रही है। इससे पहले पंचायत चुनावों में बूथ पर एक ही मतपेटिका रखी जाती रही है। जिसमें जिन-जिन पदों के लिए चुनाव होता था, वोटर उन सभी के बैलेट एक ही पेटिका में डालते थे, लेकिन इस बार आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग मतपेटिकाएं रखने को कहा है, ताकि वोटों की गिनती के समय मतपत्रों की छंटनी न करनी पड़े और किसी तरह की दिक्कत न हो।
विज्ञापन
आयोग के मुताबिक क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए बैलेट नीले रंग का होगा और मतपेटी पर नीले रंग का ही कागज चस्पा किया जाएगा। इसी तरह जिला पंचायत सदस्य पद पर होने वाले चुनाव के लिए गुलाबी रंग का बैलेट होगा और मतपेटिका पर गुलाबी रंग का ही कागज होगा। इन पर संबंधित पदों का नाम भी अंकित किया जाएगा। इस संबंध में आयोग ने प्रशासन को एक बूथ पर दो मतपेटिका रखने का निर्देश दिया है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि आयोग की ओर से दो मतपेटिका रखने की व्यवस्था पहली बार की जा रही है। इससे पहले पंचायत चुनावों में बूथ पर एक ही मतपेटिका रखी जाती रही है। जिसमें जिन-जिन पदों के लिए चुनाव होता था, वोटर उन सभी के बैलेट एक ही पेटिका में डालते थे, लेकिन इस बार आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग मतपेटिकाएं रखने को कहा है, ताकि वोटों की गिनती के समय मतपत्रों की छंटनी न करनी पड़े और किसी तरह की दिक्कत न हो।