फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   No tests, no specialist doctors, the dream of a TB-free India is faltering.

Lakhimpur Kheri News: जांच, न विशेषज्ञ चिकित्सक, टीबी मुक्त भारत की उखड़ रहीं सांसें

Mon, 22 Sep 2025 12:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 22 Sep 2025 12:00 AM IST
विज्ञापन
No tests, no specialist doctors, the dream of a TB-free India is faltering.
जिला क्षय रोग अस्पताल। संवाद
लखीमपुर खीरी। इस वर्ष देश को टीबी रोग से मुक्त करने के लिए सरकार ने टीबी हारेगा भारत जीतेगा अभियान चलाया हुआ है। इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को कड़े निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं जिला क्षय रोग अस्पताल में लगी एक्स-रे मशीन कई माह से खराब पड़ी है। काफी समय से विशेषज्ञ चिकित्सक की भी तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में यहां आने वालों मरीज प्राइवेट लैब और निजी चिकित्सकों से इलाज कराने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


टीबी जैसी संक्रामक बीमारी के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी बेहद जरूरी है, लेकिन अस्पताल में करीब दो माह से चिकित्सक नहीं हैं। डॉ. रजत अवस्थी के जाने के बाद से यहां चिकित्सक की कुर्सी खाली है। वहीं टीबी अस्पताल में तकरीबन 60-70 मरीजों की प्रतिदिन ओपीडी होती है।
विज्ञापन

चिकित्सक व जांचें न होने से मरीज दवा और जांचों के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आते हैं। मजबूरी में लोग प्राइवेट क्लीनिकों का रुख करते हैं, जहां महंगे इलाज का बोझ गरीब परिवारों पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई फांक से धूल फांक रही एक्स-रे मशीन
जिला क्षय रोग अस्पताल में रोजाना करीब 60-70 मरीजों की ओपीडी रहती है। वहां की एक्स-रे मशीन कई महीनों से धूल फांक रही है। मशीन खराब होने से मरीजों को प्राइवेट लैब में महंगी जांच करानी पड़ती है या जिला अस्पताल के चक्कर लगाना पड़ रहा है।


टीबी के लक्षण

दो सप्ताह से ज्यादा खांसी
रात में बुखार आना दिन में उतर जाना

छाती में दर्द
वजन घटना

भूख में कमी
बलगम के साथ खून आना

बार-बार पसीना आना
---------------------

बचाव के साधन
बच्चों को जन्म से एक माह के अंदर बीसीजी का टीका लगवाएं

रोगी जगह-जगह थूकें नहीं
रोगी खांसते व छींकते समय मुंह पर रूमाल रखें

क्षय रोग का पूर्ण इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है।



चिकित्सक का सेलेक्शन हो गया था, लेकिन उन्होंने ज्वाइनिंग नहीं ली। फिलहाल, डीटीओ मरीजों को देख रहे हैं। एक्स-रे मशीन के लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है। जल्द ही मशीन भी लग जाएगी। - डॉ. रवि मोहन गुप्ता, एसीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed