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Muharram: लखीमपुर में निकला मोहर्रम की आठवीं तारीख का जुलूस, मातम कर इमाम हुसैन को किया याद

Sat, 05 Jul 2025 05:47 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 05 Jul 2025 05:47 PM IST
सार

मोहर्रम के जुलूस में शामिल अजादारों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। या हुसैन... या हुसैन की सदाएं गूंजी। 

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Muharram julus took out in Lakhimpur kheri
लखीमपुर शहर में निकाला गया जुलूस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

लखीमपुर खीरी में शनिवार को मोहर्रम की आठवीं तारीख का जुलूस निकाला गया, जो शहर के मुख्य मार्गों से निकला। जुलूस मोहल्ला मिश्राना, इमली चौराहा से मेला मैदान रोड से होते हुए मोहल्ला हाथीपुर पहुंचा। वहां से हरिजन बस्ती होते हुए संकटा देवी चौराहा और सराफा बाजार होते हुए सदर चौराहा पहुंचा और सदर कोतवाली के सामने जुलूस का समापन हुआ। 

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जुलूस अंजुमन गुलामने हुसैन सदर मोहर्रम कमेटी की अगुवाई में निकाला गया। इस मौके पर कमेटी के ताज मोहम्मद, मो.फहीम, तौफीक खान, हाकिम अली, मो.दानिश, मो. लकी, नदीम हाशमी, सुलेमान अंसारी, मोइनुद्दीन अंसारी, मो.अहमद समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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जुलूस में शामिल अजादारों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। उनकी कुर्बानी को याद किया। या हुसैन की सदाएं गूंजी। जुलूस में मक्का-मदीना की खूबसूरत झांकियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया, वहीं जगह-जगह लंगर और शरबत पानी की शबील लगाई गईं। जुलूस के मार्ग पर कई जगहों पर हुए लंगर में लोगों ने हिस्सा लिया। लंगर में खाना, शरबत और पानी बांटा गया।

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या हुसैन की सदाएं गूंजी
जुलूस में शामिल हजारों अजादारों ने काले कपड़े पहनकर मातम किया। या हुसैन की सदाएं गूंजी। जुलूस में तरह-तरह की झांकियां बनाई गई, जिनमें मक्का और मदीना की झांकियां विशेष रूप से आकर्षक थीं। जुलूस को देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। 

मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना शिया मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। यह महीना इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में शहादत की याद में मनाया जाता है। जुलूस के दौरान अजादारों ने जगह-जगह रुककर मातम किया। सीना जनी और नौहा पढ़कर इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला में शहादत को याद किया गया।

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