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बच्चों से बोला प्यार से रहना.. फिर पेड़ से लटकर कर दी जान
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मोहम्मदी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने से परेशान मजदूर ने गांव के बाहर बरगद के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। खुदकुशी करने से पहले उसने बच्चों को पास बुलाकर प्यार से रहने की सीख दी। इसके कुछ देर बाद फांसी लगाकर आत्महत्या करने की खबर घर आई तो कोहराम मच गया। परिजन ने पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव परिवार वालों को सौंप दिया।
गांव हरिहरापुर निवासी राम सेवक (40) के नाम दो बीघा जमीन है। उसकी पत्नी सुनीता देवी और तीन पुत्रियां अंजली (16), संजली (12), पिंकी (9) और पुत्र आलोक (8) है। परिवार बड़ा होने से दो बीघा जमीन से घर का खर्च नहीं चल पा रहा था। इससे वह और उसकी पत्नी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। शनिवार को पत्नी सुनीता मजदूरी करने चली गयी। वह घर पर ही रहा। पत्नी के जाने के बाद उसने दोपहर करीब दो बजे अपनी पुत्रियों को बुला कर कहा कि सभी लोग प्यार से रहना। यह कह कर वह घर से चला गया। बेटी ने जब पूछा कि कहां जा रहे हो तो रामसेवक ने अभी वापस आने की बात कही। घर से निकले रामसेवक ने गांव के पूरब रामलखन के खेत में रस्सी का फंदा गले में डाल लिया और बरगद के पेड़ से लटकर जान दे दी। गांव वालों ने तीन बजे के करीब उसका शव पेड़ से लटकता देखा तो उसके घर वालों को सूचना दी। परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पत्नी व परिवार के अन्य लोगों ने पुलिस कार्रवाई न करने की बात कही। इस पर एसआई देव करन शर्मा ने पंचायतनामा भरकर शव घर वालों को सौंप दिया।
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गांव हरिहरापुर निवासी राम सेवक (40) के नाम दो बीघा जमीन है। उसकी पत्नी सुनीता देवी और तीन पुत्रियां अंजली (16), संजली (12), पिंकी (9) और पुत्र आलोक (8) है। परिवार बड़ा होने से दो बीघा जमीन से घर का खर्च नहीं चल पा रहा था। इससे वह और उसकी पत्नी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। शनिवार को पत्नी सुनीता मजदूरी करने चली गयी। वह घर पर ही रहा। पत्नी के जाने के बाद उसने दोपहर करीब दो बजे अपनी पुत्रियों को बुला कर कहा कि सभी लोग प्यार से रहना। यह कह कर वह घर से चला गया। बेटी ने जब पूछा कि कहां जा रहे हो तो रामसेवक ने अभी वापस आने की बात कही। घर से निकले रामसेवक ने गांव के पूरब रामलखन के खेत में रस्सी का फंदा गले में डाल लिया और बरगद के पेड़ से लटकर जान दे दी। गांव वालों ने तीन बजे के करीब उसका शव पेड़ से लटकता देखा तो उसके घर वालों को सूचना दी। परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पत्नी व परिवार के अन्य लोगों ने पुलिस कार्रवाई न करने की बात कही। इस पर एसआई देव करन शर्मा ने पंचायतनामा भरकर शव घर वालों को सौंप दिया।
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