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Lakhimpur Kheri News: खतरा स्वाइन फ्लू का, भीड़ वायरल मरीजों की
Tue, 01 Sep 2026 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:48 PM IST
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पंजीकरण काउंटर पर लाइन में खड़े मरीज व तीमारदार। संवाद
ओयल। जिले में दो लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। दोनों मरीजों का इलाज लखनऊ में चल रहा है। मौसम बदलने के साथ जिला अस्पताल समेत सीएचसी की ओपीडी में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज बढ़े हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर 945 नए मरीजों के पर्चे बने।
जिला अस्पताल की पहली मंजिल पर स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के लिए 10 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर फ्लू काउंटर भी शुरू किया गया है। स्वाइन फ्लू के नोडल प्रभारी डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है। खांसी-छींक आने पर मुंह-नाक ढकें, हाथ साफ रखें और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और जरूरत होने पर मास्क लगाएं। बुखार, खांसी, गले में खराश, कमजोरी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से सलाह लें।
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डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि उनकी ओपीडी में रोज 120 से 140 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार और हाथ-पैर व सिरदर्द की शिकायत वाले हैं। मरीजों को आराम, पर्याप्त पानी और हल्का पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी जा रही है। एक-दो दिन में सुधार न होने पर चिकित्सक से सलाह लेने के लिए कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने खांसते या छींकते समय रूमाल अथवा कपड़े से मुंह-नाक ढकने, हाथ साफ रखने और बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखने की अपील की है। लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेने को कहा गया है।
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फरधान में 400 के करीब मरीज, छह बेड का वार्ड
फरधान। सीएचसी में मरीजों की संख्या करीब 400 पहुंच गई है। अधीक्षक डॉ. अमित वाजपेई ने बताया कि ज्यादातर मरीज खांसी, जुकाम और बुखार के आ रहे हैं। बुखार वाले मरीजों को अलग बैठाकर जांच की जा रही है। इंफ्लूएंजा वायरस के मरीजों के लिए छह बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। संवाद
पसगवां में 800 से अधिक ओपीडी
पसगवां। सीएचसी में औसतन 800 से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है। अधीक्षक डॉ. अश्वनी वर्मा ने बताया कि करीब 150 मरीज वायरल, सर्दी, खांसी और जुकाम के होते हैं। दाना और खुजली के मरीज भी काफी आ रहे हैं। स्वाइन फ्लू के लिए फीवर हेल्प डेस्क और पांच बेड का डेडिकेटेड वार्ड बनाया गया है। आईएलआई और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस की जांच की जा रही है। संवाद
मोहम्मदी में दो दिन में 1210 मरीज
मोहम्मदी। सीएचसी में सोमवार को 600 और मंगलवार को 610 मरीजों की ओपीडी हुई। इनमें बुखार के 123 और खांसी के 30 मरीज शामिल रहे। जुकाम और मौसमी वायरल फीवर के मरीज भी आए। अधीक्षक डॉ. सचिन गुप्ता ने बताया कि बारिश के कारण जुकाम और वायरल फीवर के मरीज बढ़े हैं। संवाद
खमरिया में 30 फीसदी मरीज सर्दी-जुकाम के
खमरिया। सीएचसी में सोमवार को करीब 700 और मंगलवार को 340 मरीजों के पर्चे बने। मंगलवार की ओपीडी में करीब 30 प्रतिशत मरीज सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार वाले रहे। संवाद
बिजुआ में मंगलवार को बुखार के 80 मरीज
बिजुआ। सीएचसी में शनिवार को 302 मरीजों में 60, रविवार को 235 में 70, सोमवार को 410 में 70 और मंगलवार को 320 मरीजों में 80 बुखार के मरीज रहे। संवाद
निघासन में 445 मरीजों की ओपीडी
निघासन। मंगलवार को सीएचसी में 445 मरीजों की ओपीडी हुई। 29 अगस्त को 165 और 31 अगस्त को 460 मरीज पहुंचे थे। यहां रोजाना औसतन 400 से 500 मरीज आते हैं। इनमें अधिकांश सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीज हैं। अधीक्षक कुलदीप कुमार ने बताया कि अभी स्वाइन फ्लू का कोई मरीज सामने नहीं आया है। एहतियातन अलग वार्ड बनाया गया है। संवाद
फूलबेहड़ में दो दिन में 1100 मरीज
महेवागंज-फूलबेहड़। सोमवार और मंगलवार को सीएचसी में कुल 1100 मरीज पहुंचे। इनमें 125 मरीज खांसी-जुकाम के थे। अधीक्षक डॉ. मनीष वर्मा ने बताया कि रोज चार से पांच सौ मरीज आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक बुखार के मरीज हैं। स्वाइन फ्लू के लिए अलग वार्ड और हेल्प डेस्क बनाया गया है। संवाद
गोला में 424 मरीज, 161 वायरल फीवर के
गोला गोकर्णनाथ। सोमवार को 522 और मंगलवार को 424 मरीजों की ओपीडी हुई। मंगलवार को 161 मरीज वायरल फीवर के रहे। संवाद
पलिया में तीन दिन में 1480 मरीज
पलिया कलां। पिछले तीन दिनों में सीएचसी में 1480 ओपीडी पर्चे बने। फीवर हेल्प डेस्क शुरू की गई है। मरीजों के लिए सात बेड आरक्षित हैं। 24 घंटे ऑक्सीजन और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था है। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के प्रयोग पर जोर दिया जा रहा है। संवाद
मितौली में तीन दिन में 1686 ओपीडी
मितौली। पिछले तीन दिनों में सीएचसी में 1686 ओपीडी पर्चे बने। 29 तारीख को 542 पर्चों में 65 मरीज बुखार, खांसी और जुकाम के थे। 31 तारीख को 675 पर्चों में 108 मरीज इन लक्षणों वाले रहे। एक तारीख को 468 पर्चे बने, जिनमें 52 मरीज बुखार, जुकाम और खांसी के थे। संवाद
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जिला अस्पताल की पहली मंजिल पर स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के लिए 10 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर फ्लू काउंटर भी शुरू किया गया है। स्वाइन फ्लू के नोडल प्रभारी डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है। खांसी-छींक आने पर मुंह-नाक ढकें, हाथ साफ रखें और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें।
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भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और जरूरत होने पर मास्क लगाएं। बुखार, खांसी, गले में खराश, कमजोरी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से सलाह लें।
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डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि उनकी ओपीडी में रोज 120 से 140 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार और हाथ-पैर व सिरदर्द की शिकायत वाले हैं। मरीजों को आराम, पर्याप्त पानी और हल्का पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी जा रही है। एक-दो दिन में सुधार न होने पर चिकित्सक से सलाह लेने के लिए कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने खांसते या छींकते समय रूमाल अथवा कपड़े से मुंह-नाक ढकने, हाथ साफ रखने और बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखने की अपील की है। लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेने को कहा गया है।
फरधान में 400 के करीब मरीज, छह बेड का वार्ड
फरधान। सीएचसी में मरीजों की संख्या करीब 400 पहुंच गई है। अधीक्षक डॉ. अमित वाजपेई ने बताया कि ज्यादातर मरीज खांसी, जुकाम और बुखार के आ रहे हैं। बुखार वाले मरीजों को अलग बैठाकर जांच की जा रही है। इंफ्लूएंजा वायरस के मरीजों के लिए छह बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। संवाद
पसगवां में 800 से अधिक ओपीडी
पसगवां। सीएचसी में औसतन 800 से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है। अधीक्षक डॉ. अश्वनी वर्मा ने बताया कि करीब 150 मरीज वायरल, सर्दी, खांसी और जुकाम के होते हैं। दाना और खुजली के मरीज भी काफी आ रहे हैं। स्वाइन फ्लू के लिए फीवर हेल्प डेस्क और पांच बेड का डेडिकेटेड वार्ड बनाया गया है। आईएलआई और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस की जांच की जा रही है। संवाद
मोहम्मदी में दो दिन में 1210 मरीज
मोहम्मदी। सीएचसी में सोमवार को 600 और मंगलवार को 610 मरीजों की ओपीडी हुई। इनमें बुखार के 123 और खांसी के 30 मरीज शामिल रहे। जुकाम और मौसमी वायरल फीवर के मरीज भी आए। अधीक्षक डॉ. सचिन गुप्ता ने बताया कि बारिश के कारण जुकाम और वायरल फीवर के मरीज बढ़े हैं। संवाद
खमरिया में 30 फीसदी मरीज सर्दी-जुकाम के
खमरिया। सीएचसी में सोमवार को करीब 700 और मंगलवार को 340 मरीजों के पर्चे बने। मंगलवार की ओपीडी में करीब 30 प्रतिशत मरीज सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार वाले रहे। संवाद
बिजुआ में मंगलवार को बुखार के 80 मरीज
बिजुआ। सीएचसी में शनिवार को 302 मरीजों में 60, रविवार को 235 में 70, सोमवार को 410 में 70 और मंगलवार को 320 मरीजों में 80 बुखार के मरीज रहे। संवाद
निघासन में 445 मरीजों की ओपीडी
निघासन। मंगलवार को सीएचसी में 445 मरीजों की ओपीडी हुई। 29 अगस्त को 165 और 31 अगस्त को 460 मरीज पहुंचे थे। यहां रोजाना औसतन 400 से 500 मरीज आते हैं। इनमें अधिकांश सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीज हैं। अधीक्षक कुलदीप कुमार ने बताया कि अभी स्वाइन फ्लू का कोई मरीज सामने नहीं आया है। एहतियातन अलग वार्ड बनाया गया है। संवाद
फूलबेहड़ में दो दिन में 1100 मरीज
महेवागंज-फूलबेहड़। सोमवार और मंगलवार को सीएचसी में कुल 1100 मरीज पहुंचे। इनमें 125 मरीज खांसी-जुकाम के थे। अधीक्षक डॉ. मनीष वर्मा ने बताया कि रोज चार से पांच सौ मरीज आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक बुखार के मरीज हैं। स्वाइन फ्लू के लिए अलग वार्ड और हेल्प डेस्क बनाया गया है। संवाद
गोला में 424 मरीज, 161 वायरल फीवर के
गोला गोकर्णनाथ। सोमवार को 522 और मंगलवार को 424 मरीजों की ओपीडी हुई। मंगलवार को 161 मरीज वायरल फीवर के रहे। संवाद
पलिया में तीन दिन में 1480 मरीज
पलिया कलां। पिछले तीन दिनों में सीएचसी में 1480 ओपीडी पर्चे बने। फीवर हेल्प डेस्क शुरू की गई है। मरीजों के लिए सात बेड आरक्षित हैं। 24 घंटे ऑक्सीजन और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था है। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के प्रयोग पर जोर दिया जा रहा है। संवाद
मितौली में तीन दिन में 1686 ओपीडी
मितौली। पिछले तीन दिनों में सीएचसी में 1686 ओपीडी पर्चे बने। 29 तारीख को 542 पर्चों में 65 मरीज बुखार, खांसी और जुकाम के थे। 31 तारीख को 675 पर्चों में 108 मरीज इन लक्षणों वाले रहे। एक तारीख को 468 पर्चे बने, जिनमें 52 मरीज बुखार, जुकाम और खांसी के थे। संवाद

पंजीकरण काउंटर पर लाइन में खड़े मरीज व तीमारदार। संवाद