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निगरानी समितियों की जांच में 6135 लोग मिले बुखार-जुकाम से पीड़ित
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2018 लोगों ने कराई थी जांच, 319 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले
1165 ग्राम पंचायतों और नगर क्षेत्रों में 181 निगरानी समिति कर रहीं सर्वे, बाहर से आए प्रवासियों में 502 संक्रमित मिले
लखीमपुर खीरी। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के कारण गांवों और नगर क्षेत्रों में निगरानी समितियां घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं, जिसमें अब तक 6135 लोगों में बुखार-जुकाम के लक्षण पाए गए हैं। इनमें से 2018 लोगों की कोविड जांच कराई गई है, जिसमें 319 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं, जबकि बाहर से आए प्रवासियों में 502 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। ज्यादातर संक्रमितों को होम आइसोलेट करके मेडिसिन किट उपलब्ध कराई गई है।
जनपद में 1165 ग्राम पंचायतों में एक-एक निगरानी समिति को सर्वे के काम में लगाया गया है, जबकि 11 नगर क्षेत्रों में 181 निगरानी समितियों को लगाया गया है। यह समितियां घर-घर जाकर लोगों में बुखार-जुकाम के लक्षणों को चिन्हित कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कर रही टीमों के कार्यों की मानीटरिंग सीडीओ अरविंद की अध्यक्षता में गठित 20 सदस्यीय अधिकारियों की टीम कर रही है।
वहीं नगर क्षेत्रों में हो रहे सर्वे कार्य की समीक्षा एडीएम अरुण कुमार सिंह कर रहे हैं। अब तक करीब 22 हजार लोगों का सर्वे किया जा चुका है, जिसमें 6135 लोगों में बुखार-जुकाम के लक्षण मिले हैं। इसमें से 2018 लोगों की कोरोना जांच कराई जा चुकी है, जिसमें 319 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं बाहर आने वाले प्रवासी भी संक्रमित निकल रहे हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि दिल्ली, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों से करीब 20 हजार प्रवासी अपने घरों को लौटे हैं, जिनमें संक्रमण होने की सबसे ज्यादा आशंका है। इनमें से 502 लोगों के संक्रमित मिलने से आशंकाओं को बल मिला है।
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निगरानी समितियों को नहीं दे रहे सही जानकारी
कोरोना संक्रमण से इस बार मृत्यु दर के आंकड़े तेजी से बढ़े हैं, जिससे लोगों में कोरोना का खौफ है। कोरोना कर्फ्यू लगाए जाने के बाद गांवों में भी लोग सतर्क हुए हैं। बावजूद इसके घर-घर सर्वे करने के लिए गांव में पहुंच रहीं निगरानी समितियों को लोग जानकारी देने से कतरा रहे हैं। कोरोना जांच के डर से कुछ लोग बुखार-जुकाम व खांसी के लक्षणों को छिपा रहे हैं, तो उनके व परिवार के लिए घातक हो सकता है।
सीडीओ और डीपीआरओ पहुंचे आधाचाट
रविवार को डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत आधाचाट में निगरानी समिति द्वारा किए जा रहे सर्वे कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम की जांच में 70 वर्षीय रामगुलाम बुखार से पीड़ित पाए गए, जिनके थर्मामीटर रीडिंग में 10 डिग्री फारेनहाइट तापमान मिला। इस पर टीम ने बुखार पीड़ित रामगुलाम को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई। साथ ही कोविड-19 टेस्ट के लिए आईसीसीसी को सूचना दी है। साथ ही मरीज को होम आइसोलेशन में रहने की जानकारी दी गई। कुछ देर बाद सीडीओ अरविंद सिंह भी आधाचाट गांव में सर्वे कार्यों की जांच करने पहुंचे और उन्होंने टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
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1165 ग्राम पंचायतों और नगर क्षेत्रों में 181 निगरानी समिति कर रहीं सर्वे, बाहर से आए प्रवासियों में 502 संक्रमित मिले
लखीमपुर खीरी। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के कारण गांवों और नगर क्षेत्रों में निगरानी समितियां घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं, जिसमें अब तक 6135 लोगों में बुखार-जुकाम के लक्षण पाए गए हैं। इनमें से 2018 लोगों की कोविड जांच कराई गई है, जिसमें 319 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं, जबकि बाहर से आए प्रवासियों में 502 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। ज्यादातर संक्रमितों को होम आइसोलेट करके मेडिसिन किट उपलब्ध कराई गई है।
जनपद में 1165 ग्राम पंचायतों में एक-एक निगरानी समिति को सर्वे के काम में लगाया गया है, जबकि 11 नगर क्षेत्रों में 181 निगरानी समितियों को लगाया गया है। यह समितियां घर-घर जाकर लोगों में बुखार-जुकाम के लक्षणों को चिन्हित कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कर रही टीमों के कार्यों की मानीटरिंग सीडीओ अरविंद की अध्यक्षता में गठित 20 सदस्यीय अधिकारियों की टीम कर रही है।
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वहीं नगर क्षेत्रों में हो रहे सर्वे कार्य की समीक्षा एडीएम अरुण कुमार सिंह कर रहे हैं। अब तक करीब 22 हजार लोगों का सर्वे किया जा चुका है, जिसमें 6135 लोगों में बुखार-जुकाम के लक्षण मिले हैं। इसमें से 2018 लोगों की कोरोना जांच कराई जा चुकी है, जिसमें 319 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं बाहर आने वाले प्रवासी भी संक्रमित निकल रहे हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि दिल्ली, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों से करीब 20 हजार प्रवासी अपने घरों को लौटे हैं, जिनमें संक्रमण होने की सबसे ज्यादा आशंका है। इनमें से 502 लोगों के संक्रमित मिलने से आशंकाओं को बल मिला है।
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निगरानी समितियों को नहीं दे रहे सही जानकारी
कोरोना संक्रमण से इस बार मृत्यु दर के आंकड़े तेजी से बढ़े हैं, जिससे लोगों में कोरोना का खौफ है। कोरोना कर्फ्यू लगाए जाने के बाद गांवों में भी लोग सतर्क हुए हैं। बावजूद इसके घर-घर सर्वे करने के लिए गांव में पहुंच रहीं निगरानी समितियों को लोग जानकारी देने से कतरा रहे हैं। कोरोना जांच के डर से कुछ लोग बुखार-जुकाम व खांसी के लक्षणों को छिपा रहे हैं, तो उनके व परिवार के लिए घातक हो सकता है।
सीडीओ और डीपीआरओ पहुंचे आधाचाट
रविवार को डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत आधाचाट में निगरानी समिति द्वारा किए जा रहे सर्वे कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम की जांच में 70 वर्षीय रामगुलाम बुखार से पीड़ित पाए गए, जिनके थर्मामीटर रीडिंग में 10 डिग्री फारेनहाइट तापमान मिला। इस पर टीम ने बुखार पीड़ित रामगुलाम को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई। साथ ही कोविड-19 टेस्ट के लिए आईसीसीसी को सूचना दी है। साथ ही मरीज को होम आइसोलेशन में रहने की जानकारी दी गई। कुछ देर बाद सीडीओ अरविंद सिंह भी आधाचाट गांव में सर्वे कार्यों की जांच करने पहुंचे और उन्होंने टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।